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    कानपुर में विनोद अग्रवाल की 9.50 करोड़ की संपत्ति फ्रीज:8 कंपनियों से 26 लाख कोडीनयुक्त सिरप मंगाई थी, पुलिस के पास पूरा रिकॉर्ड

    21 hours ago

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    कानपुर पुलिस ने कोडीनयुक्त सिरप और नशीली दवाओं के सरगना विनोद अग्रवाल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने माफिया विनोद अग्रवाल की करीब 9.50 करोड़ की 5 संपत्तियों को दोबारा फ्रीज कर दिया है। इससे पहले वाराणसी पुलिस भी विनोद अग्रवाल के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है। वाराणसी पुलिस ने चकेरी, फीलखाना और सिविल लाइंस समेत पांच संपत्तियों को फ्रीज किया था। डीसीपी क्राइम श्रवण कुमार सिंह ने बताया- विनोद अग्रवाल ने आठ अलग-अलग कंपनियों से करीब 26 लाख कोडीनयुक्त सिरप की बोतलें मंगाई थीं। इन सभी का रिकॉर्ड पुलिस के पास है। 50 पुलिसकर्मी मामले की जांच में जुटे डीसीपी क्राइम ने बताया कि दवाओं के निर्माताओं और फैक्ट्रियों से संबंधित डेटा पुलिस ने कलेक्टर कर लिया है। सरगना ने जिन-जिन स्थानों पर कोडीनयुक्त सिरप की सप्लाई की थी, उन सभी जगहों को भी चिन्हित कर लिया गया है। पूरे मामले की जांच के लिए करीब 50 पुलिसकर्मियों की टीमें गठित की गई हैं, जो अलग-अलग स्तर पर कार्रवाई कर रही हैं। माफिया विनोद अग्रवाल ने कई राज्यों में सिरप की सप्लाई की थी। पुलिस की टीमें मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार और बहराइच सहित अन्य स्थानों के लिए रवाना की गई हैं। अब जानिए पूरा मामला…. डीसीपी क्राइम श्रवण कुमार सिंह ने बताया- औषधि लाइसेंस की आड़ में एनडीपीएस श्रेणी से संबंधित कोडीनयुक्त सीरप व नशीली दवाएं बेचने मामले में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की सचिव रोशन जैकब ने छापेमारी कर एक लाख बोतल कफ सीरप बरामद किया था। पुलिस की जांच में सामने आया है कि करीब 20 लाख बोतल कोडीनयुक्त सीरप की बिक्री की गई थी, जिसमें 11.50 लाख बोतल सीरप पुलिस ने बरामद किया था। हालांकि अभी 8.50 बोतल कफ सीरप की बरामद शेष है। बीते दो सालों आरोपी विनोद अग्रवाल आठ फर्मों से माल खरीदा था। डीसीपी क्राइम ने बताया कि विनोद का सिंडिकेट यूपी के साथ देश के कई राज्यों में फैला हुआ था। करीब 50 से अधिक मेडिल स्टोर, कंपनियों का डाटा पुलिस को मिला है, जहां कोडीयुक्त सीरप की सप्लाई की जाती थी। कई जगहों पर स्पॉट प्रमाणित नहीं हुआ है, जिनका पता जीएसटी बिल के माध्यम से लगाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 26 लाख कोडीन युक्त कफ सीरप का डाटा पुलिस के पास है, जिनका इनवाइस नंबर, बोतल नंबर व बैच नंबर मिल चुका है।
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