Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    कुशीनगर में मगरमच्छ के हमले से किशोर की मौत:मछली पकड़ने के दौरान बांसी नदी में खींचा, ग्रामीणों ने बचाने की कोशिश की

    13 hours ago

    1

    0

    कुशीनगर में बांसी नदी में मगरमच्छ के हमले से एक 12 वर्षीय किशोर की मौत हो गई। यह हादसा शनिवार शाम धोकरहा घाट स्थित पीपा पुल के पास हुआ, जब किशोर नदी में मछली पकड़ने के लिए जाल लगा रहा था। गंभीर रूप से घायल अवस्था में उसे मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामला विशुनपुरा थाना क्षेत्र का है। मृतक की पहचान बांसगांव बिंद टोला निवासी पप्पू निषाद के पुत्र पीयूष निषाद (12) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम करीब सात बजे पीयूष बांसी नदी में मछली पकड़ने के लिए जाल बिछा रहा था। इसी दौरान अचानक एक मगरमच्छ ने उसके दाहिने पैर को अपने जबड़े में जकड़ लिया। चीख सुनकर दौड़े ग्रामीण मगरमच्छ के हमले से पीयूष जोर-जोर से चीखने लगा। उसकी आवाज सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने किशोर का पैर पकड़कर उसे खींचने का प्रयास किया, जबकि कुछ लोगों ने डंडों से मगरमच्छ पर हमला किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मगरमच्छ पीयूष को नदी के किनारे तक खींच लाया था। काफी मशक्कत और ग्रामीणों के प्रयास के बाद मगरमच्छ ने किशोर को छोड़ा। शरीर पर गंभीर चोटें हमले में पीयूष के पैर, पीठ और सीने पर गंभीर चोटें आईं। ग्रामीण उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुदही ले गए। वहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर उसे मेडिकल कॉलेज कुशीनगर रेफर किया गया, जहां उपचार शुरू होने से पहले ही चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही विशुनपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थानाध्यक्ष विनय कुमार मिश्र ने बताया कि मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बांसी नदी के इस इलाके में पहले भी कई बार मगरमच्छ देखे जा चुके हैं। नदी किनारे घने झाड़-झंखाड़ और खरपतवार होने के कारण मगरमच्छों की मौजूदगी बनी रहती है। घटना के बाद नदी किनारे बसे गांवों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन से नदी क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने तथा लोगों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    अमेठी के मां कालिकन धाम में बिछी रेड कार्पेट:बारिश में श्रद्धालुओं को दर्शन की सुविधा के लिए सांसद की पहल
    Next Article
    मथुरा में 67 करोड़ रुपए से बन रहा सर्किट हाउस:प्रभारी मंत्री ने किया निरीक्षण, जनवरी 2027 तक पूरा करने का है लक्ष्य

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment