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    लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे पर नहीं चला सकेंगे बाइक:AI कैमरे हादसे पर देंगे अलर्ट, टोल 3 गुना ज्यादा; देश का पहला बैरियर फ्री हाईवे

    5 hours ago

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    लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे तैयार हो चुका है। 13 जुलाई यानी कल रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और सीएम योगी इसका उद्घाटन करेंगे। 14 जुलाई से यह आम लोगों के लिए खुल जाएगा। यह एक्सप्रेस-वे 63 किलोमीटर लंबा है। अभी लखनऊ से कानपुर जाने में ढाई से 3 घंटे लगते हैं। NHAI का दावा है कि अब यह सफर सिर्फ 45 मिनट में पूरा होगा। हालांकि, इसके लिए लोगों को करीब तीन गुना ज्यादा टोल चुकाना होगा। कार से लखनऊ से कानपुर जाने पर 275 रुपए टोल देना होगा, जबकि पहले 95 रुपए ही लगते थे। दोपहिया वाहनों को एक्सप्रेस-वे पर चलने की अनुमति नहीं होगी। यह देश का पहला बैरियर-लेस एक्सप्रेस-वे होगा। टोल प्लाजा से 500 मीटर पहले लगे ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे और फास्टैग रीडर बिना गाड़ी रोके अपने आप टोल काट लेंगे। अगर हादसा होता है, तो AI कैमरे तुरंत NHAI के कंट्रोल रूम को अलर्ट भेजेंगे। भास्कर रिपोर्टर ने एक्सप्रेस-वे का जायजा लिया। लखनऊ-कानपुर के लोगों से बातचीत की। पढ़िए ग्राउंड रिपोर्ट… एक्सप्रेस-वे की 2 तस्वीरें देखिए… लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे चालू होने से क्या मिलेगा फायदा… एलिवेटेड सड़क से शहर के जाम से मिलेगी राहत एक्सप्रेस-वे का 18 किलोमीटर हिस्सा एलिवेटेड बनाया गया है। इससे अमौसी, सरोजनीनगर और एनएच-27 के आसपास लगने वाले जाम से राहत मिलेगी। स्कूटर इंडिया के पुराने परिसर के पास तक एलिवेटेड सड़क है, जिससे ट्रैफिक बिना किसी रुकावट के गुजर रहा है। आउटर रिंग रोड से मिलेगा सीधा संपर्क लखनऊ आउटर रिंग रोड को एक्सप्रेस-वे से जोड़ा गया है। इससे कानपुर की ओर से आने वाले वाहन रायबरेली, सीतापुर, हरदोई और सुल्तानपुर जैसे जिलों की ओर बिना शहर में प्रवेश किए सीधे निकल सकेंगे। रिंग रोड पर चढ़ने और उतरने के लिए सर्विस लेन भी तैयार है। उन्नाव के कई गांवों को होगा फायदा अमौसी से दरोगाखेड़ा तक एक्सप्रेस-वे नेशनल हाईवे के साथ-साथ चलता है। इसके बाद बनी क्षेत्र से अलग होकर नए ग्रीन फील्ड कॉरिडोर में प्रवेश करता है। यह रास्ता उन्नाव के कई गांवों से होकर अमरसास तक जाता है, जहां पहले कोई बड़ा सड़क मार्ग नहीं था। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे के इंटरचेज एक्सप्रेस-वे बनने में हाईटेंशन लाइन बनी सबसे बड़ी चुनौती NHAI अधिकारियों के मुताबिक, लखनऊ के बंथरा स्थित गौरी चौराहे के पास एक्सप्रेस-वे का निर्माण सबसे मुश्किल था। यहां 1.32 लाख वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन गुजर रही थी। इसे हटाने के लिए विशेष मोनोपोल लगाए गए। शुरुआत में कुछ तकनीकी दिक्कतें आईं, लेकिन लाइन शिफ्ट होने के बाद इस हिस्से का निर्माण पूरा हो सका। लखनऊ-कानपुर के लोगों का क्या कहना है, पढ़िए '275 रुपए का टोल आम लोगों के लिए ज्यादा' लखनऊ के बंथरा निवासी राहुल कहते हैं कि एक्सप्रेस-वे बनने से कानपुर आने-जाने में आसानी होगी। लोगों का समय बचेगा, लेकिन 275 रुपए का टोल आम लोगों के लिए ज्यादा है। सरकार को टोल कम करना चाहिए। 'सफर आसान हुआ, लेकिन खर्च बढ़ गया' लखनऊ के अमित कुमार का कहना है कि एक्सप्रेस-वे से गांवों के लोगों का कानपुर और लखनऊ आना-जाना आसान हो जाएगा। समय बचेगा और यात्रा भी बेहतर होगी। लेकिन ज्यादा टोल से शादी-ब्याह और दूसरे कामों के लिए बार-बार आने-जाने वालों की जेब पर बोझ बढ़ेगा। 'समय और पेट्रोल की बचत से टोल की भरपाई होगी' कानपुर के ऋषभ जायसवाल ने बताया कि वह महीने में एक-दो बार लखनऊ आते हैं। अभी सफर में दो से ढाई घंटे लगते हैं, लेकिन एक्सप्रेस-वे खुलने के बाद यह समय करीब 45 मिनट से एक घंटे रह जाएगा। 275 रुपए का टोल ज्यादा है, लेकिन समय और ईंधन की बचत से इसकी कुछ भरपाई हो जाएगी। अगर फास्टैग या टोल पास की सुविधा मिले तो यात्रियों को और राहत होगी। 'नियमित यात्रियों के लिए पास की सुविधा मिले' कानपुर के राजेश पाठक ने कहा कि एक्सप्रेस-वे से दोनों शहरों के बीच सफर काफी आसान हो जाएगा। हालांकि, नियमित यात्रा करने वालों के लिए टोल महंगा है। सरकार को टोल कम करने या वार्षिक पास जैसी सुविधा शुरू करनी चाहिए, ताकि लोगों को राहत मिल सके। -------------------------------- ये खबर भी पढ़ें- भाजपा 40% विधायकों के टिकट काट सकती है:खराब परफॉर्मेंस वाले निपटेंगे; राष्ट्रीय अध्यक्ष ने समझाया- टिकट कटे तो घर नहीं बैठना टिकट कटे तो भी घर नहीं बैठना है, पार्टी को जिताना है…' यह मैसेज भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपने यूपी दौरे में दिया। नितिन नवीन ने संकेत दिया कि आने वाले चुनाव में केवल 'जिताऊ' चेहरों को ही मौका मिलेगा। खराब छवि वाले और कार्यकर्ताओं से दूर रहने वाले करीब 40% विधायकों का टिकट कट सकता है। पढ़ें पूरी खबर
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