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    लखनऊ विश्वविद्यालय में बदायूं पीड़िता को श्रद्धांजलि:छात्रों ने निकाला कैंडल मार्च; महिलाओं की सुरक्षा और न्याय की उठाई मांग

    9 hours ago

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    लखनऊ विश्वविद्यालय में बुधवार शाम बदायूं मामले की पीड़िता को श्रद्धांजलि देने के लिए छात्रों और युवाओं ने कैंडल मार्च निकाला। यह मार्च यूथ अगेंस्ट माफिया की ओर से विश्वविद्यालय के गेट नंबर-1 से गेट नंबर-3 तक निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने शांतिपूर्ण ढंग से हिस्सा लिया और पीड़िता के लिए न्याय की मांग की। इस मार्च का मुख्य उद्देश्य केवल श्रद्धांजलि अर्पित करना ही नहीं था, बल्कि समाज में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और न्याय के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी था। पूरे कार्यक्रम के दौरान 'न्याय', 'जागरूकता' और 'सुरक्षित समाज' जैसे संदेश प्रमुखता से प्रदर्शित किए गए। युवाओं ने मोमबत्तियां हाथों में लेकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और समाज में सकारात्मक बदलाव की आवश्यकता पर जोर दिया। युवाओं से सामाजिक जिम्मेदारी निभाने की अपील इस अवसर पर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशुतोष सिंह, राष्ट्रीय महामंत्री अभिनव तिवारी और उपाध्यक्ष अर्पित जगदीश उपस्थित रहे। सभी पदाधिकारियों ने युवाओं से सामाजिक जिम्मेदारी निभाने और महिलाओं के प्रति सम्मानजनक सोच विकसित करने की अपील की। प्रेस से बातचीत में राष्ट्रीय अध्यक्ष आशुतोष सिंह ने कहा कि वर्तमान समाज में संवेदनशीलता और जागरूकता का निर्माण सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी देश या समाज की प्रगति तभी संभव है, जब महिलाएं स्वयं को सुरक्षित महसूस करें और लोगों का न्याय व्यवस्था पर विश्वास मजबूत हो। 'अश्लीलता इंसान की सोच में होती है वहीं, राष्ट्रीय महामंत्री अभिनव तिवारी ने महिलाओं के पहनावे से संबंधित एक सवाल के जवाब में कहा कि 'अश्लीलता इंसान की सोच में होती है, महिलाओं के कपड़ों में नहीं।'उन्होंने स्पष्ट किया कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को किसी पहनावे से जोड़ना गलत है। उन्होंने समाज की सोच और संस्कारों में सुधार लाने की आवश्यकता पर बल दिया। उपाध्यक्ष अर्पित जगदीश ने बताया कि ऐसे कार्यक्रमों का लक्ष्य समाज में जिम्मेदारी और मानवीय सोच को सुदृढ़ करना है। अंत में, संगठन ने सभी युवाओं और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी सामाजिक जागरूकता से जुड़े अभियान जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई।
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