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    महोबा में फसल बीमा सर्वे में अवैध वसूली:अब संयुक्त टीम करेगी जांच, 30 दिन में खातों में आएगा मुआवजा

    56 minutes ago

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    महोबा के चरखारी इलाके में फसल बीमा सर्वे के नाम पर अवैध वसूली की शिकायतों के बाद जिला प्रशासन सख्त हो गया है। विधायक ब्रजभूषण राजपूत की शिकायत और ग्रामीणों के विरोध के बाद डीएम गजल भारद्वाज ने मामले को गंभीरता से लिया है। अब राजस्व, कृषि विभाग और बीमा कंपनी की संयुक्त टीम ही फसलों के नुकसान का सर्वे करेगी। डीएम ने 15 दिन में सर्वे पूरा करने और 30 दिन के भीतर पात्र किसानों के खातों में मुआवजा भेजने के निर्देश दिए हैं। जिले में भारी बारिश और प्राकृतिक आपदा से फसलों को काफी नुकसान हुआ है। खासकर मूंग, तिल और उड़द जैसी दलहनी फसलों में 70 से 80 फीसदी तक बर्बादी हुई है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत नुकसान का आकलन कराने के लिए जिले के करीब 55,758 किसानों ने बीमा कंपनी के पास दावे और शिकायतें दर्ज कराई हैं। इनमें अभी तक 13,485 दावों का ही सर्वे पूरा हो पाया है। आपदा के बीच सर्वे के नाम पर किसानों से वसूली का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया। चरखारी कोतवाली क्षेत्र के नटर्रा गांव में बीमा कंपनी से जुड़े कर्मचारियों पर किसानों से अवैध वसूली के आरोप लगे। नाराज ग्रामीणों ने कथित तौर पर अवैध वसूली करने वाले दो आरोपियों को पकड़कर घाघरा-चोली पहनाकर गांव में घुमाया। इसके बाद क्षेत्रीय विधायक ब्रजभूषण राजपूत ने मुख्यमंत्री से लिखित शिकायत की। विधायक की शिकायत के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम गजल भारद्वाज ने जिला स्तरीय मॉनीटरिंग कमेटी की आपात बैठक बुलाई। बैठक में निर्देश दिए गए कि अब कोई भी कर्मचारी अकेले सर्वे नहीं करेगा। हर ग्राम पंचायत स्तर पर राजस्व विभाग के लेखपाल, कृषि विभाग के क्षेत्रीय कर्मचारी और बीमा कंपनी के प्रतिनिधि की तीन सदस्यीय संयुक्त समिति बनाई जाएगी। डीएम ने कहा कि सर्वे का काम किसानों के सामने ही किया जाएगा। फॉर्म में फसल क्षति का प्रतिशत किसान की मौजूदगी में ही दर्ज किया जाएगा और इसके बाद ही उनके हस्ताक्षर लिए जाएंगे। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पूरी प्रक्रिया 15 दिनों के भीतर पूरी कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, बीमा कंपनी इफको टोकियो को अगले 30 दिनों के अंदर सभी पात्र लाभार्थी किसानों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से मुआवजा राशि भेजने का स्पष्ट आदेश दिया गया है।
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