Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    मुजफ्फरनगर में स्टील-पेपर मिलों से जहरीला धुआं:हवा में जहर घोल रहा, नए गेस्ट हाउस पर भी काली परत जमी

    3 hours ago

    1

    0

    मुजफ्फरनगर में दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे 58 के पास स्थित मखियाली गांव (लगभग 12 हजार आबादी) औद्योगिक प्रदूषण की चपेट में है। गुरुवार शाम को NH 58 और गांव के बीच स्थित सिद्धबली स्टील प्लांट से बड़ी मात्रा में काला और जहरीला धुआं निकलता देखा गया। प्लांट में चिमनी का अभाव है, जो प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। इस धुएं से केवल मखियाली गांव ही नहीं, बल्कि आसपास का पूरा इलाका प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोग सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और गले में खराश की शिकायत कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, फसलों को भी नुकसान पहुंच रहा है। निवासियों का आरोप है कि प्लांट से निकलने वाला काला धुआं हवा को प्रदूषित कर रहा है, लेकिन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा कोई निरीक्षण नहीं किया जाता। भोपा रोड पर हाईवे से शहर की ओर ईवान हॉस्पिटल के पास स्थित शकुंभरी पेपर मिल भी प्रदूषण का एक प्रमुख स्रोत बनी हुई है। गुरुवार शाम को इस मिल की चिमनी से घना धुआं निकलता हुआ कैमरे में कैद हुआ। धुएं की सघनता इतनी अधिक है कि अस्पताल के मरीज और उनके तीमारदार भी परेशान हैं। आसपास के लोगों का कहना है कि मिल से निकलने वाला धुआं हवा को जहरीला बना रहा है, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा 2.11 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया नवनिर्मित गेस्ट हाउस भी इस प्रदूषण से अछूता नहीं रहा। गुरुवार को इसके लोकार्पण के लिए सुबह से शाम तक सफाई कराई गई, लेकिन उद्घाटन के समय तक इमारत पर काली परत जम गई। सफेद रंग की इमारत पर हाथ लगाने पर काली परत साफ दिखाई दे रही थी। एक जिम्मेदार अधिकारी ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि करोड़ों रुपये की लागत से बनी इमारत उद्घाटन से पहले ही प्रदूषण के कारण काली पड़ गई। स्थानीय लोग इस बात से हैरान हैं कि इतने गंभीर प्रदूषण के बावजूद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड चुप्पी साधे हुए है। वे मांग कर रहे हैं कि इन प्लांटों और मिलों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए, चिमनियां लगवाई जाएं और पूरे इलाके को इस जहरीले प्रदूषण से बचाया जाए।
    Click here to Read more
    Prev Article
    लखनऊ टुडे, 13 मार्च - आपके काम की खबर:ग्रीन कॉरिडोर परियोजना का उद्घाटन करेंगे रक्षा मंत्री, दोपहर में बिजली आपूर्ति रहेगी बाधित
    Next Article
    लोन दिलाने के नाम पर 4.30 लाख की ठगी:एसबीआई शाखा से दिलवाया 5 लाख का लोन, पीड़ित को दिए सिर्फ 70 हजार

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment