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    'मेरे पति फौजी, उनको आतंकी की तरह पीटा गया':आगरा में DSS की पत्नी बोलीं- RPF वाले घुटने टेककर माफी मांगें, नहीं तो सुसाइड कर लूंगी

    10 hours ago

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    'मेरे पति फौजी रहे हैं, उनको आतंकवादी की तरह घसीटा गया। उन्होंने कोई गलती नहीं की थी। ड्यूटी के दौरान वह एक महिला की मदद कर रहे थे।' यह कहना है आगरा में RPF जवानों की पिटाई का शिकार बने डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट नरेंद्र चाहर की पत्नी हरेंद्री चाहर का। उन्होंने कहा- मेरे पति की पिटाई का वीडियो पूरे देश ने देखा है। हमें न्याय के साथ उनका सम्मान चाहिए। जिन आरपीएफ जवानों ने उनके साथ मारपीट की, वे सार्वजनिक रूप से घुटनों के बल बैठकर माफी मांगें। अगर ऐसा नहीं हुआ, तो मैं सुसाइड कर लूंगी। दरअसल, रविवार सुबह 11 बजे आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर एक महिला यात्री ट्रेन में नहीं चढ़ पाई थी। स्टेशन उपाधीक्षक नरेंद्र चाहर ने उसकी मदद के लिए ट्रेन रुकवा दी। इसके बाद RPF जवानों ने महिला को चेन पुलिंग के आरोप में पकड़ लिया। इसी बात को लेकर विवाद हो गया। RPF जवानों ने नरेंद्र चाहर की पिटाई कर दी। उन्हें घसीटते हुए थाने ले गए। घटना का वीडियो आने के बाद 4 RPF जवानों को निलंबित कर दिया था। पहले देखिए 2 तस्वीरें… अब पढ़िए हरेंद्री चाहर ने क्या कहा?... डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट नरेंद्र चाहर की पत्नी हरेंद्री चाहर ने कहा- मेरे पति को आतंकी की तरह घसीटा गया। क्या वो चोर थे, रेपिस्ट थे या आतंकवादी? वो तो दूसरे की मदद कर रहे थे। ड्यूटी के दौरान ऐसा कौन करता है? पूरे देश में वीडियो वायरल है। हमें उनका खोया हुआ सम्मान वापस चाहिए। उन्होंने कहा- चारों RPF जवान उसी स्टेशन पर घुटने टेककर मेरे पति से माफी मांगें। अगर उनके माफी मांगने का वीडियो नहीं आया, तो सुसाइड कर लूंगी। इसकी जिम्मेदारी रेलवे की होगी। 'झूठा केस लगाकर बुरी तरह पीटा' डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट नरेंद्र चाहर ने बताया- एक महिला चलती ट्रेन के पीछे भाग रही थी। उसकी जान बचाने के लिए मैंने वॉकी-टॉकी से गार्ड को सूचना देकर ट्रेन रुकवाई और महिला को सुरक्षित ट्रेन में चढ़वाया। इसके कुछ देर बाद आरपीएफ के जवान पहुंचे और मुझ पर चेन पुलिंग का झूठा आरोप लगा दिया। मैंने उन्हें समझाया कि ट्रेन मैंने रुकवाई है, लेकिन उन्होंने एक नहीं सुनी। उल्टा बोले- 'रेल तुम्हारे बाप की है?' इसके बाद मेरा मोबाइल छीन लिया, गालियां दीं और मारपीट शुरू कर दी। ऑटो-टैक्सी चालकों को भी बुलाकर पिटवाया। अगर ड्यूटी पर तैनात एक स्टेशन मास्टर के साथ ऐसा हो सकता है, तो आम आदमी के साथ क्या होता होगा? पिता बोले- चोरों के साथ भी ऐसा व्यवहार नहीं होता नरेंद्र के पिता राजेंद्र सिंह चाहर ने कहा- आरपीएफ के जवानों ने मेरे बेटे के साथ अपराध किया है। ऐसा व्यवहार तो किसी चोर के साथ भी नहीं किया जाता। बिना किसी वजह के उसे जान से मारने की धमकी दी गई। घटना का वीडियो सबके सामने है, फिर भी कई घंटे बीत जाने के बाद कोई कार्रवाई नहीं हुई। जब तक मारपीट करने वाले चारों जवानों को जेल नहीं भेजा जाएगा, हमारा विरोध जारी रहेगा। भतीजे ने कहा- वीडियो देखकर आंखों में आंसू आ गए भतीजे पीयूष ने कहा- मैं गांव से लौट रहा था। जैसे ही वीडियो देखा, आंखों में आंसू आ गए। कौन बेटा अपने चाचा को इस तरह पिटते हुए देख सकता है, जबकि वह पूरी ईमानदारी से ड्यूटी कर रहे थे। हम परिवार के साथ रोते हुए यहां पहुंचे। एक ऑन-ड्यूटी अधिकारी को जवानों ने बेरहमी से पीटा और ऑटो चालकों को भी बुलाकर हमला कराया। यह आरपीएफ की तानाशाही है। पूर्व सैनिक बोले- यह एक फौजी ही नहीं, देश का अपमान है नरेंद्र के साथ इंडियन नेवी में 15 साल सेवा दे चुके मनोज चाहर ने कहा- एक पूर्व सैनिक को आतंकवादी की तरह पीटा गया। मारपीट करने वाले चारों जवान थाने में बैठे हैं। सिर्फ निलंबन से कुछ नहीं होगा। कुछ दिन बाद वे बहाल हो जाएंगे, लेकिन नरेंद्र का सम्मान कौन लौटाएगा? दोषियों को बर्खास्त कर जेल भेजा जाना चाहिए। घटना सुबह 11 बजे हुई, लेकिन रात तक डीआरएम ने भी बात करना जरूरी नहीं समझा। पूर्व सैनिक संगठन भी समर्थन में उतरे नरेंद्र चाहर इंडियन नेवी में 15 वर्ष तक सेवा देने के बाद रेलवे में नियुक्त हुए थे। घटना के बाद पूर्व सैनिक संगठन भी उनके समर्थन में उतर आए हैं। उनका कहना है कि यह केवल एक रेलवे अधिकारी नहीं, बल्कि एक पूर्व सैनिक और पूरे देश के सम्मान से जुड़ा मामला है। अब घटना की 3 तस्वीर देखिए… पूरा मामला विस्तार से… रविवार सुबह करीब 11 बजे प्लेटफार्म नंबर-1 पर अमृतसर से हीराकुंड एक्सप्रेस ट्रेन आई थी। इसी दौरान एक महिला यात्री उसी ट्रेन से नीचे उतरी और कुछ सामान खरीदने लगी। तभी ट्रेन चलने लगी। महिला यात्री ने चलती ट्रेन में चढ़ने का प्रयास किया, लेकिन नहीं चढ़ पाई। इस पर स्टेशन पर तैनात डिप्टी स्टेशन सुपरिंटेंडेंट नरेंद्र चाहर ने महिला को भागते देखकर वॉकी-टॉकी से लोको पायलट को सूचना दी और ट्रेन रुकवा दी। ट्रेन की रफ्तार कम हुई, तो महिला उसमें चढ़ने लगी। तभी वहां तैनात आरपीएफ कर्मी ने महिला को चेन पुलिंग के आरोप में रोक लिया। DSS नरेंद्र चाहर ने इसका विरोध किया। कहा कि ट्रेन को उन्होंने रुकवाया है। लेकिन, आरपीएफ जवान ने उनकी बात नहीं मानी। इसको लेकर दोनों में विवाद हो गया। फिर दोनों के बीच मारपीट की नौबत आ गई। आरपीएफ जवानों ने थप्पड़ मारा, घसीटते ले गए इसी बीच आरपीएफ जवान ने अपने साथियों को बुला लिया। इसके बाद सभी DSS नरेंद्र चाहर को पकड़कर ले जाने लगे। उन्होंने विरोध किया, तो पकड़कर जमीन पर गिरा दिया। करीब 1 मिनट तक इसी तरह धक्का-मुक्की चलती रही। इस बीच, नरेंद्र चाहर के केबिन में मौजूद स्टाफ आरपीएफ के जवानों को ऐसा नहीं करने को कहते रहे। लेकिन, उनकी अनदेखी करते हुए आरपीएफ की टीम DSS को घसीटते हुए आरपीएफ थाने ले गए। इस दौरान DSS फर्श पर छटपटाते रहे। लेकिन, 4 आरपीएफ कर्मी उनको हाथ-पैर पकड़कर करीब 300 मीटर घसीटते रहे। आरपीएफ के जवानों का आरोप है कि DSS ने उनके साथ गाली-गलौज करते हुए अभद्रता की थी। रेलकर्मियों ने किया प्रदर्शन, उसके बाद निलंबन DSS के साथ मारपीट की सूचना पर रेलवे कर्मचारी इकट्‌ठा हो गए। उन्होंने आरपीएफ थाने के बाहर नारेबाजी करते हुए विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनका कहना है कि आरपीएफ ने महिला यात्री की मदद करने पर उनके साथ अमानवीयता की है। घटना के बाद आरपीएफ के एएसआई मेघराज मीणा, एएसआई बालकिशन, कांस्टेबल जितेंद्र और बदन सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है। इसके बाद जांच कमेटी बनी है। इस कमेटी में सीनियर डिविजनल ऑपरेशंस मैनेजर, सीनियर डिविजनल इलेक्ट्रिकल इंजीनियर और सीनियर डिविजनल सिक्योरिटी कमिश्नर (आरपीएफ) शामिल हैं। कमेटी जांच कर रिपोर्ट सौंपेगी। रिपोर्ट आने के बाद दोषी कर्मियों के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। रेलवे प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। आगरा रेलवे मंडल के जन सूचना अधिकारी (PRO) संजय गौतम ने बताया- DSS मामले में लापरवाही बरतने पर आरपीएफ के 4 कर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। घटना की जांच के लिए जेएजी (जूनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रेड) स्तर की तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। ------------------------ यह खबर भी पढ़ें- यूपी में दलित छात्रा की हत्या पर बढ़ा बवाल, अखिलेश भी पीड़ित परिवार से मिले; थप्पड़ बरसाने वाले SSP पर उतारा गुस्सा मेरठ का छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड काफी सुर्खियों में है। शनिवार को सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने दिल्ली में पीड़ित परिवार से मुलाकात की। मदद करने का भरोसा दिलाया। कैराना सांसद इकरा हसन परिवार को मेरठ से दिल्ली लेकर पहुंचीं। VIDEO में देखिए आखिर क्यों यह मामला इतनी चर्चा में है?
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