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    Matoshree में Uddhav Thackeray की बैठक से 5 सांसद नदारद, ShivSena UBT की बढ़ी टेंशन

    54 minutes ago

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    महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना को इन दिनों 'ऑपरेशन टाइगर' का डर सता रहा है, जिसके तहत पार्टी में एक और बड़ी टूट की अटकलें लगाई जा रही हैं। अपने सांसदों को पाला बदलने से रोकने और उन्हें एकजुट रखने के लिए पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने रविवार को अपने आवास 'मातोश्री' में एक बेहद अहम बैठक बुलाई।बैठक में पहुंचे सिर्फ 4 सांसद, 5 वर्चुअली जुड़ेइस हाई-प्रोफाइल बैठक के दौरान उस वक्त सस्पेंस बढ़ गया जब मातोश्री में सिर्फ 4 सांसद ही आमने-सामने मौजूद दिखाई दिए। हालांकि, शिवसेना के नेताओं ने तुरंत इस पर सफाई दी। पार्टी के सीनियर नेताओं ने बताया कि बैठक में सभी 9 सांसद शामिल थे, 4 लोग मातोश्री पहुंचे थे, जबकि बाकी के 5 सांसदों ने अपने कुछ जरूरी निजी कामों की वजह से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वर्चुअली) के जरिए इस मीटिंग में हिस्सा लिया। इसे भी पढ़ें: NEET-UG Re-Exam: CM Dhami सरकार का छात्रों को बड़ा तोहफा, Uttarakhand में फ्री बस सफर का ऐलानसंजय राउत का पलटवारमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना में सांसदों के शामिल होने की खबरों को सिरे से खारिज करते हुए संजय राउत ने मीडिया के सामने तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा, "आप किस 'ऑपरेशन टाइगर' की बात कर रहे हैं? हम सभी खुद टाइगर हैं। हम किसी से डरने वाले नहीं हैं। अब हम 'ऑपरेशन वुल्फ' शुरू करने जा रहे हैं। हमारे सभी 9 सांसद और संसदीय दल पूरी तरह से एकजुट और मजबूत हैं और आगे भी साथ रहेंगे।" इसे भी पढ़ें: Udhampur की अभिलाषा बनीं मिसाल, Spice Business से स्थानीय महिलाओं को बनाया आत्मनिर्भरनेताओं ने बताई बाकी सांसदों के न आने की असली वजहबैठक के बाद पार्टी नेता अरविंद सावंत ने बताया कि कुछ सांसद बेहद निजी और पारिवारिक वजहों से मुंबई नहीं आ पाए। उन्होंने कहा, "एक सदस्य का बच्चा अस्पताल में बीमार है, दूसरे सदस्य की पत्नी की तबीयत ठीक नहीं है और एक अन्य सदस्य की बेटी की शादी है, इसलिए सभी को इन परिस्थितियों को समझना चाहिए।" वहीं अनिल देसाई ने कहा कि सांसदों और विधायकों की ऐसी बैठकें होना एक सामान्य प्रक्रिया है। मीडिया में चल रही टूट की सभी अफवाहें पूरी तरह बेबुनियाद हैं और सभी सांसद चट्टान की तरह उद्धव ठाकरे के साथ खड़े हैं।
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