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    MP के पूर्व सीएम की 26 बीघा की जमीन हड़पी:बिजनौर में फर्जी वसीयत-मृत्यु प्रमाण पत्र से कब्जा; 2 गिरफ्तार, लेखपाल समेत आरोपियों की तलाश जारी

    12 hours ago

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    मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ के पिता स्व. महेंद्रनाथ की बिजनौर में 26 बीघा जमीन हड़पने की कोशिश का मामला सामने आया है। आरोप है कि जमीन पर दावा करने के लिए फर्जी वसीयत और मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कराए गए। पूर्व सीएम कमलनाथ की शिकायत पर नजीबाबाद पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। गुरुवार को पुलिस ने दो आरोपियों धर्मपाल सिंह और विजय शंकर को गिरफ्तार किया है। लेखपाल समेत दो अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। 1998 की वसीयत और 2003 का मृत्यु प्रमाण पत्र कमलनाथ ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनके पिता महेंद्रनाथ के नाम पर नजीबाबाद तहसील के अमीखानपुर गांव में करीब 90 बीघा जमीन है। आरोपियों ने 10 अक्टूबर 1998 की एक वसीयत तैयार की। यह वसीयत रजिस्टर्ड नहीं थी। इसके अलावा महेंद्रनाथ का 10 अप्रैल 2003 को नजीबाबाद से मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कराया गया। जबकि कमलनाथ के मुताबिक उनके पिता की मृत्यु 7 सितंबर 2004 को दिल्ली के एस्कॉर्ट अस्पताल में हुई थी। पुलिस के अनुसार, इन्हीं दस्तावेजों के जरिए करीब 26 बीघा जमीन पर कब्जे का दावा किया गया। विरासत दर्ज कराने पहुंचे तो खुला मामला कमलनाथ ने 18 मई 2026 को जमीन पर विरासत दर्ज कराने के लिए नजीबाबाद तहसीलदार के यहां आवेदन किया था। इस दौरान लेखपाल ने जमीन को विवादित बताते हुए रिपोर्ट दी। इसके बाद कमलनाथ को पता चला कि जमीन को लेकर नजीबाबाद कोर्ट में धर्मपाल बनाम ग्राम सभा वाद चल रहा है। इसी मामले में धर्मपाल सिंह की ओर से महेंद्रनाथ के नाम की वसीयत दाखिल की गई थी। इसके बाद कमलनाथ ने दस्तावेजों की जानकारी जुटाई और पुलिस से शिकायत की। लेखपाल समेत चार पर FIR, दो गिरफ्तार कमलनाथ की शिकायत पर नजीबाबाद पुलिस ने धर्मपाल सिंह, जसविंदर सिंह ढिल्लो, विजय शंकर पांडेय और हल्का लेखपाल डेविड कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने धर्मपाल सिंह और विजय शंकर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, विजय शंकर ने फर्जी वसीयत टाइप की थी। बाकी आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है। करीब तीन दशक से बटाई पर थी जमीन पुलिस के अनुसार, महेंद्रनाथ की करीब 90 बीघा जमीन लंबे समय से बटाई पर दी गई थी। परिवार की ओर से लंबे समय तक जमीन की निगरानी नहीं होने का आरोपियों ने फायदा उठाया। एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई के मुताबिक, इसी दौरान 26 बीघा जमीन पर दावा करने की कोशिश की गई। पुलिस बाकी जमीन से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रही है। लेखपाल की रिपोर्ट भी जांच के दायरे में मामले में नामजद लेखपाल डेविड की भूमिका की भी जांच हो रही है। आरोप है कि उसकी रिपोर्ट में धर्मपाल को जमीन का काश्तकार बताया गया था। पुलिस यह जांच कर रही है कि राजस्व रिकॉर्ड में जमीन को लेकर रिपोर्ट किस आधार पर तैयार की गई। पुलिस के मुताबिक, दस्तावेजों को तैयार कराने से लेकर उन्हें तहसीलदार कोर्ट में इस्तेमाल करने तक की पूरी प्रक्रिया की जांच की जा रही है। मृत्यु प्रमाण पत्र को लेकर भी सवाल पुलिस की जांच में महेंद्रनाथ के नाम जारी मृत्यु प्रमाण पत्र भी सामने आया है। इसमें मृत्यु की तारीख 10 अप्रैल 2003 दर्ज है, जबकि कमलनाथ की शिकायत के अनुसार उनके पिता की मृत्यु 7 सितंबर 2004 को दिल्ली में हुई थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि प्रमाण पत्र किस आधार पर जारी हुआ और जमीन से जुड़े दावे में इसका इस्तेमाल कैसे किया गया। कमलनाथ ने SP को फोन पर दी थी जानकारी कमलनाथ ने एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई से मोबाइल पर पूरे मामले की जानकारी साझा की थी। इसके बाद वाट्सऐप और ईमेल के जरिए पुलिस को शिकायत भेजी गई। इसी शिकायत के आधार पर 30 सितंबर को नजीबाबाद थाने में केस दर्ज किया गया। जमीन कब्जामुक्त कराने की प्रक्रिया एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि मामले में दो आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस दस्तावेजों और आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। जमीन को कब्जामुक्त कराने के लिए राजस्व विभाग के स्तर पर भी प्रक्रिया चल रही है। ------------------------------------ ये खबर भी पढ़ेंः- जिस लड़की पर मरता था, उसी ने मार डाला:सिद्धार्थनगर में मां बोली- बहू आई तो लगा खुशियां लाएगी, क्या पता था वही कातिल बनेगी सिद्धार्थनगर में सोशल मीडिया पर हुई पहचान के बाद 11वीं का स्टूडेंट 12वीं क्लास की लड़की को दिल दे बैठा। थोड़े ही दिनों में दोनों एक-दूसरे के दीवाने हो गए। परिवारवालों ने दोनों की शादी करा दी। शादी के करीब तीन महीने बाद ही पत्नी ने गला घोंटकर पति को मार डाला। 30 सितंबर को कोर्ट ने पत्नी को उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। पढ़े पूरी खबर
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