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    नोएडा उत्तराखंड स्कूल की नौवीं से 12वीं तक मान्यता रद्:इन क्लास में पढ़ते है 700 स्टूडेंट्स, याचिका पर हाईकोर्ट ने सीबीएसई से मांगा था जवाब

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    नोएडा के सेक्टर-56 स्थित उत्तराखंड पब्लिक स्कूल पर सीबीएसई बोर्ड ने नवीं से 12वीं तक दी गई मान्यता को रद्द कर दिया है। पिछले साल भी शिक्षकों ने स्कूल प्रबंधन पर महिला टीचरों ने गंभीर आरोप लगाए थे। तत्कालीन जिलाधिकारी ने सिटी मजिस्ट्रेट और जिला विद्यालय निरीक्षक को जांच सौंपी थी। रिपोर्ट में कई आरोप सही मिले थे। मामले में कार्रवाई के लिए प्रशासन ने सीबीएसई को पत्र लिखा था। इसके बावजूद कार्रवाई न होने पर पिछले साल शिकायतकर्ताओं ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हाईकोर्ट ने सीबीएसई से जवाब सौंपने के लिए कहा। सीबीएसई ने अपने स्तर से जांच कराई और 18 फरवरी को आदेश जारी किया। आदेश में कहा गया है कि कक्षा नौ से कक्षा 12 तक की मान्यता को रद्द किया गया है। बोर्ड परीक्षा दे रहे स्टूडेंट्स देंगे परीक्षा हालांकि, कक्षा आठ तक की पढ़ाई पर कोई निर्णय नहीं लिया है। स्कूल में कक्षा नौ से 12 तक तीन सेक्शन में करीब 300 से 400 बच्चे पढ़ते हैं। 10वीं और 12वीं के बच्चे बोर्ड की परीक्षा दे रहे हैं। डीआईओएस राजेश कुमार सिंह का कहना है कि जो स्टूडेंट्स बोर्ड की परीक्षा दे रहे हैं, वे पूरी परीक्षा देंगे। 9वीं और 11वीं के बच्चों को सीबीएसई किसी दूसरे स्कूलों में शिफ्ट कराएगा। वेतन का हिस्सा नगद में लेने का आरोप जिलाधिकारी के आदेश पर हुई जांच में वेतन का एक हिस्सा नगद में लेने के आरोपों की पुष्टि हुई थी। जांच रिपोर्ट में बताया गया कि स्कूल प्रबंधक द्वारा जांच अधिकारियों को बताया गया कि उन्होंने शिक्षकों को कुल 68 लाख रुपये वापस कर दिए। वहीं, शिक्षकों ने कहा कि स्कूल प्रबंधन पर उनके करीब 91 लाख रुपये बकाया थे, जिनमें से सिर्फ 68 लाख का ही भुगतान हुआ। शेष रकम आज भी बकाया है। प्राधिकरण का बकाया देने के लिए ली जाती रकम शिक्षकों का कहना था कि स्कूल प्रबंधन द्वारा उन्हें प्रतिमाह बैंक खाते में वेतन दिया जाता था। आरोप लगाया था कि वेतन मिलने के बाद स्कूल प्रबंधन द्वारा उनके वेतन का एक हिस्सा नगद में ले लिया जाता। ये पैसा नोएडा प्राधिकरण में बकाया के रूप में जमा किया जाता है।
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