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    नगर निगम ने वाराणसी में चिह्नित किए 489 जर्जर मकान:सभी को भेजी नोटिस, पक्के महाल में जर्जर मकान सबसे अधिक

    7 hours ago

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    वाराणसी में लगातार दो दिन दो मकान बारिश की वजह से गिर गए। गनीमत यह रही की दोनों मकान बंद थे। और कोई उसमे रहता नहीं था। जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। ऐसे में नगर निगम ने एक बार फिर जर्जर मकानों को लेकर एक बड़ा अभियान शुरू किया है। शहर के 489 जर्जर मकानों को चिह्नित कर सभी को नोटिस भेजी है। वहीं पार्षदों से भी अपने क्षेत्र के जर्जर मकानों की लिस्ट मांगी गई है। नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी संदीप श्रीवास्तव ने बताया की सभी को नगर निगम की धारा 331 के अंतर्गत नोटिस भेजी गयी है और सभी मरम्मत या तोड़ने की बात कही गयी है। वहीं उन्होंने यह भी बबताया की ज्यादातर मकान जो जर्जर हैं उनका किराएदारी का विवाद कोर्ट में लंबित है। इसलिए निगम मजबूर हैं। 489 मकानों को जर्जर की नोटिस नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी संदीप श्रीवास्तव ने बताया - वाराणसी शहर एक प्राचीन शहर है। यहां का जो पक्का महाल इलाका है वहां कई सारे जर्जर मकान हैं। नगर निगम के ताजा रिकार्ड के अनुसार निगम क्षेत्र में कुल 489 जर्जर भवन चिह्नित किए गए हैं। इन सभी भवन स्वामियों को नगर निगम द्वारा नोटिस इश्यू कर दी गई है। इस पत्र में बताया गया कि आप अपने जर्जर मकान की मरम्मत करवा लें। यदि आप मरम्मत करवाने में सक्षम नहीं हैं। तो नगर निगम वाराणसी को पत्र लिखें। इस पर नगर निगम की टीम उसका निरीक्षण कर इस्टीमेट बनाएगी और उसका ध्वस्तीकरण करवाएगी और जो उसका शुल्क होगा उसे वसूलेगी। 99 प्रतिशत विवादित हैं जर्जर मकान संदीप श्रीवास्तव ने आगे बताया - 99 प्रतिशत जर्जर मकान ऐसे हैं। जहां पर किराएदार और मकान मालिक के बीच विवाद होता है। ऐसी स्थिति में मामला न्यायालय में विचाराधीन होता है। जिसके कारण नगर निगम वाराणसी अक्षम होता है कि उसपर कोई कार्रवाई कर सकें। जो घटना देवनाथपुरा में हाल ही में घटी भवन गिरने की तो हमने अधिशासी अभियंता से पूछा तो पता चला की उस समय मकानमालिक अपना जर्जर मकान ध्वस्त करवा रहे थे। उसी समय यह हादसा हुआ। हमने रात में भी काम करवाकर मलबे को गलियों से हटवाया और रास्ता चालू करवाया। वार्ड पार्षदों को दी गयी जिम्मेदारी संदीप ने बताया - महापौर की तरफ से सभी 100 वार्डों के पार्षदों को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वो अपने वार्ड में जर्जर मकान का चिन्हांकन कर उसकी लिस्ट निगम को सौंपे। ताकि निगम आसानी से उन तक पहुंच सके और उन्हें नोटिस देकर उन्हें गिर्वा सके ताकि किसी भी प्रकार की जान माल की हानि न हो। हमने धारा 331 के अंतर्गत सभी 489 चिह्नित मकानों को नोटिस जारी कर दी है।
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