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    निर्माणाधीन पुल के पिलर-स्लैब में मिली खामियां:देवरिया डीएम ने सेतु निगम के अभियंता को नोटिस दिया, जांच कमेटी गठित

    1 hour ago

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    देवरिया के खनुआ नाला स्थित चखनी घाट पर निर्माणाधीन 16 करोड़ रुपये के पुल के एक पिलर और स्लैब में तकनीकी खामियां पाई गई हैं। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने सेतु निगम के अधिशासी अभियंता को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह पुल उत्तर प्रदेश और बिहार की सीमा को जोड़ता है और क्षेत्र के लोगों के लिए लंबे समय से इसकी आवश्यकता महसूस की जा रही थी। पूर्व में यहां एक अस्थायी लकड़ी का पुल था, जिससे आवागमन के दौरान कई दुर्घटनाएं होती थीं। इन समस्याओं को देखते हुए, भाटपाररानी क्षेत्र में विधायक सभाकुंवर कुशवाहा के प्रयासों से सरकार ने स्थायी पुल निर्माण को स्वीकृति दी थी। लगभग 16 करोड़ रुपये की लागत से इस परियोजना का निर्माण कार्य सेतु निगम द्वारा किया जा रहा है। हाल ही में निर्माण कार्य के दौरान एक पिलर और स्लैब में तकनीकी खामियां सामने आने के बाद पुल की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। मामले की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी ने निर्माण कार्य की जांच करने और दोषियों की जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, सेतु निगम के अधिशासी अभियंता से पूरे प्रकरण पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता और मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि दोषियों की जिम्मेदारी तय कर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इस कार्रवाई के बाद निर्माण एजेंसी में भी हड़कंप मच गया है। एक तकनीकी टीम द्वारा पुल के पूरे ढांचे की पुनः जांच की जा रही है। वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आया हाल ही में निर्माणाधीन पुल के स्लैब में दरार और पिलर में खामियों का मामला सामने आने के बाद इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आते ही प्रशासन सक्रिय हो गया और निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे। डीएम ने तत्काल मामले की जांच के निर्देश दिए और अधिशासी अभियंता सेतु निगम को तलब कर पूरी जानकारी ली। इसके साथ ही कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। इस कार्रवाई के बाद विभागीय स्तर पर हड़कंप मच गया है। तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित, 48 घंटे में रिपोर्ट तलब जिलाधिकारी के निर्देश पर पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है। इस टीम में लोक निर्माण विभाग के अभियंता, जिला विकास अधिकारी और एक तकनीकी अधिकारी शामिल हैं। समिति को दो दिनों के भीतर अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया जाएगा कि खामियां तकनीकी कारणों से आई हैं या निर्माण में लापरवाही और मानकों की अनदेखी की गई है। रिपोर्ट के आधार पर आगे निलंबन सहित कड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। डीएम का सख्त संदेश, गुणवत्ता से समझौता नहीं जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि जांच में अनियमितता पाई गई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की संस्तुति शासन को भेजी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जनता की सुविधा और सुरक्षा से जुड़े कार्यों में किसी भी तरह की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। फिलहाल जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित, 48 घंटे में रिपोर्ट तलब जिलाधिकारी के निर्देश पर पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है। इस टीम में लोक निर्माण विभाग के अभियंता, जिला विकास अधिकारी और एक तकनीकी अधिकारी शामिल हैं। समिति को दो दिनों के भीतर अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया जाएगा कि खामियां तकनीकी कारणों से आई हैं या निर्माण में लापरवाही और मानकों की अनदेखी की गई है। रिपोर्ट के आधार पर आगे निलंबन सहित कड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। डीएम का सख्त संदेश, गुणवत्ता से समझौता नहीं जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि जांच में अनियमितता पाई गई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की संस्तुति शासन को भेजी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जनता की सुविधा और सुरक्षा से जुड़े कार्यों में किसी भी तरह की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। फिलहाल जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।
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