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    पीलीभीत में मंत्री-सपा जिलाध्यक्ष में जुबानी जंग:संजय गंगवार के आरोपों पर जगदेव जग्गा बोले- मुझे फेसबुकिया होने पर गर्व

    22 hours ago

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    पीलीभीत में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप अब व्यक्तिगत हमलों और संपत्ति की जांच के आरोपों तक पहुंच गए हैं। राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार द्वारा सपा जिलाध्यक्ष जगदेव सिंह जग्गा को 'फेसबुकिया जिलाध्यक्ष' कहने और चुनाव में हार की चुनौती देने के बाद सपा जिलाध्यक्ष ने मंत्री की संपत्ति और कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। सपा जिलाध्यक्ष जगदेव सिंह जग्गा ने राज्यमंत्री के बयान को भाजपा की 'असली सवालों' से बचने की कोशिश बताया। उन्होंने कहा कि जब भाजपा के पास बेरोजगारी, किसानों की बदहाली और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों का जवाब नहीं होता, तो वे व्यक्तिगत टिप्पणियों पर उतर आते हैं। जग्गा ने जोर देकर कहा, "आज सोशल मीडिया जनता की आवाज है। अगर जनता की समस्याओं को मजबूती से उठाना 'फेसबुकिया' होना है, तो मुझे इस पर गर्व है।" जगदेव सिंह जग्गा ने राज्यमंत्री की संपत्ति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पीलीभीत की जनता जानना चाहती है कि जो व्यक्ति कभी किराए के मकान में रहता था, वह आज आलीशान संपत्तियों का मालिक कैसे बन गया। उन्होंने शहर के चारों ओर जमीनों पर कथित कब्जों और कैंप कार्यालयों के निर्माण की भी जांच की मांग की। सपा नेता ने आरोप लगाया कि सत्ता के संरक्षण में जमीनों का खेल चल रहा है, जिसका खुलासा उचित समय पर किया जाएगा। सपा जिलाध्यक्ष ने राज्यमंत्री को उनके एक पुराने बयान की याद दिलाई। उन्होंने पूछा कि मंत्री ने सार्वजनिक रूप से एक कोतवाल को हटवाने के लिए मुख्यमंत्री से मिलने की बात कही थी। जग्गा ने सवाल किया, "जनता जानना चाहती है कि उस कोतवाल का क्या हुआ? क्या वह बयान केवल सुर्खियों के लिए था या वास्तव में कोई कार्रवाई की गई?" जगदेव सिंह जग्गा ने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव जीतने के लिए प्रशासनिक दबाव और धनबल का प्रयोग करती है, जबकि समाजवादी पार्टी जनसंघर्ष की राजनीति करती है। इस राजनीतिक वाकयुद्ध ने जिले की सियासत में उबाल ला दिया है। एक तरफ जहां राज्यमंत्री विकास और चुनावी जीत का दावा कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ विपक्ष ने 'भ्रष्टाचार और अवैध कब्जों' को मुद्दा बनाकर घेराबंदी शुरू कर दी है।
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