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    गोरखपुर में रमजान के तीसरे रोजे पर बढ़ी रौनक:मस्जिदों में हुई नमाज-तरावीह और इफ्तार, अकीदतमंदों ने अदा किया फातिहा

    23 hours ago

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    गोरखपुर में माह-ए-रमजान के तीसरे रोजे पर शनिवार को शहर में इबादत और रोजे का माहौल रहा। रोजेदारों ने पूरे दिन रोजा रखकर अल्लाह की इबादत की और शाम को मस्जिदों व दरगाहों में सामूहिक इफ्तार किया। नमाज, कुरआन की तिलावत और तरावीह के साथ लोगों ने अल्लाह का शुक्र अदा किया। शहर के विभिन्न इलाकों की मस्जिदों में नमाजियों की अच्छी मौजूदगी रही और रमजान की रौनक साफ नजर आई। रोजेदारों ने दिन भर रोजा रखने के साथ पांचों वक्त की नमाज अदा की। रात में मस्जिदों में तरावीह की नमाज पढ़ी गई और कुरआन-ए-पाक की तिलावत जारी रही। इसके अलावा सलातुल तस्बीह, चाश्त, तहज्जुद, इशराक और सलातुल अव्वाबीन जैसी नफ्ल नमाजें भी अदा की गईं। नबी और आले नबी पर दुरूद व सलाम पेश किया गया। मस्जिदों में नौजवानों, बुजुर्गों और बच्चों की अच्छी भागीदारी रही। बाजारों में बढ़ी चहल-पहल रमजान के चलते शहर के बाजारों में चहल-पहल बढ़ गई है। इफ्तार और सहरी के सामान की खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ देखी जा रही है। घरों में महिलाएं इबादत के साथ किचन और खरीदारी की जिम्मेदारियां निभा रही हैं। शाम के समय बाजारों और इफ्तार स्थलों पर रौनक बढ़ जाती है। शनिवार को हजरत सैयदा फातिमा जहरा रदियल्लाहु अन्हा का उर्स मनाया गया। उनकी पाकीजा जिंदगी और शिक्षाओं पर रोशनी डाली गई और फातिहा ख्वानी की गई। मकतब इस्लामियात तुर्कमानपुर में आयोजित कार्यक्रम में कारी मुहम्मद अनस रजवी ने कहा कि हजरत फातिमा जहरा की जिंदगी खासकर महिलाओं के लिए मिसाल है और उनके जीवन से परिवार, बच्चों की परवरिश और समाज में बेहतर व्यवहार की सीख मिलती है। इंसान को अल्लाह के करीब लाता है रोजा शिक्षक मोहम्मद आजम ने बताया कि रोजा रखने से इंसान की गफलत दूर होती है और वह अल्लाह के करीब होता है। उन्होंने कहा कि हदीस में रोजे की बड़ी अहमियत बताई गई है और रोजेदार के लिए इफ्तार के वक्त और अल्लाह से मिलने के वक्त दो खुशियां होती हैं। उन्होंने सहरी करने को सुन्नत बताते हुए रोजेदारों से सहरी जरूर करने की अपील की।
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