Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    पोते का शव ट्रैक पर था, भीड़ देखकर बढ़ गया:झांसी में डॉक्टर दादा बोले- मुझे रुकना चाहिए था, अब पछता रहा हूं

    8 hours ago

    1

    0

    'रोज की तरह रविवार सुबह मैं अपने क्लीनिक जाने के लिए बड़ागांव निकल रहा था। रास्ते में रेलवे पटरी पर काफी भीड़ लगी हुई थी। मेरे ड्राइवर ने कहा कि शायद कोई ट्रेन से कट गया है। वह गाड़ी रोकना चाहता था, लेकिन मुझे जल्दी थी इसलिए मैंने उसे बिना रुके आगे बढ़ने को कह दिया। बाद में जब मुझे पता चला कि ट्रेन से कटने वाला मेरा ही पोता था। यह सुनकर मेरे पैरों तले जमीन खिसक गई। अब पछता रहा हूं कि काश मैं वहां रुक गया होता।' ये बातें बताते हुए डॉ.प्रमोद मिसुरिया अपने आंसू नहीं रोक पाते। वह जोर-जोर से रो पड़ते हैं। डॉ.प्रमोद के 19 वर्षीय पोते संचय मिसुरिया का शव रविवार को झांसी में रेलवे पटरी पर मिला था। संचय, सोनीपत में जिंदल कॉलेज से LLB कर रहा था। उसके पिता डॉ. सुमित मिसुरिया बबीना सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक के पद पर कार्यरत हैं। हालांकि, संचय के परिजन ने इसे आत्महत्या या एक्सीडेंट मानने से इनकार कर दिया है। परिजन के सवाल से उसकी मौत की गुत्थी उलझ गई है। पुलिस ने एक्सीडेंट, सुसाइड समेत अन्य एंगलों पर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने संजय का मोबाइल बरामद किया है और कॉल रिकॉर्ड खंगाली जा रही है। दादा ने उठाए कई सवाल, पूछा- दूसरे रूट पर बॉडी कैसे पहुंची? संचय के दादा डॉ.प्रमोद मिसुरिया ने कहा-‘मेरा पोता सोनीपत में जिंदल कॉलेज से LLB कर रहा था। शनिवार को उससे फोन पर बात हुई थी। तब सब ठीक था। अगले दिन घर के पास रेलवे पटरी पर उसकी लाश मिली। वो बिना बताए 500Km दूर झांसी क्यों आया? अगर आया भी तो सोनीपत-झांसी रूट की जगह झांसी-कानपुर रूट की पटरी पर शव कैसे पहुंचा? ये सुसाइड नहीं है। न ही ट्रेन एक्सीडेंट। अगर एक्सीडेंट होता तो शरीर के चिथड़े हो जाते। मगर सिर्फ उसके सिर में चोट है। मेरे पोते को मारकर पटरी पर फेंका गया है।’ आखिरी बार पिता से फोन पर बोला था-टेक केयर दादा डॉ. प्रमोद मिसुरिया ने आगे बताया- वह पढ़ने में बहुत होशियार था। उसे स्कॉरशिप भी मिली थी। अभी होली पर वो घर आया था। जब कह रहा था कि सब ठीक है। शुक्रवार को जब मेरी उससे बात हुई थी तो मैंने पूछा- कोई परेशानी तो नहीं है? तब बोला- नहीं। अगले दिन शाम को उसकी अपने पापा सुमित से अंतिम बार बात हुई थी। फोन काटने से पहले अपने पापा से बोला- टेक केयर। बातचीत में ऐसा नहीं लगा कि वह किसी प्रकार से डिप्रेशन में है। उसने ऐसा कुछ कहा भी नहीं। मामा के पास जाने वाला था लेकिन गया नहीं डॉ. सुमित मिसुरिया अपने परिवार के साथ सिद्धेश्वर मंदिर के आगे पीताम्बरा एनक्लेव में रहते हैं। डॉ. सुमित, बबीना सीएचसी में अधीक्षक पद पर तैनात हैं। संचय (19) उनका इकलौता बेटा था। उससे छोटी एक बेटी सैर्या (15) है। संचय, सोनीपत के जिंदल कॉलेज कैंपस में बने हॉस्टल में ही रहता था। पिता ने बताया- शनिवार शाम को बेटे ने मामा के घर दिल्ली जाने के लिए गेटपास बनवाया था। थोड़ी देर बाद वापस कॉल आया और कहने लगा कि कुछ असाइनमेंट रह गया, इसलिए अभी नहीं जा रहा हूं। कल रविवार को जाऊंगा। हम लोगों को लगा कि वो हॉस्टल में ही है। घर से करीब डेढ़ किमी दूर रेलवे ट्रैक पर मिला शव पिता सुमित ने बताया- रविवार सुबह पुलिस को मेरे घर से लगभग डेढ़ किलाेमीटर दूर रेलवे ट्रेक पर बेटे का शव मिला। उसके पास आधार कार्ड मिला। आधार कार्ड लेकर पुलिस मेरे घर पहुंची। बेटे के बारे में पूछा तो मैंने बताया कि वह दिल्ली में है। चूंकि, उसने सोनीपत से दिल्ली जाने की बात कही थी। लेकिन शव मिलने की बात जब पुलिस ने बताई तो शॉक रह गए। बेटे को कॉल किया, एक पुलिसकर्मी ने कॉल रिसीव किया। उसने पूरी जानकारी दी। हम लोग दौड़कर पहुंचे। वहां रेलवे ट्रैक पर मेरे बेटे का शव पड़ा था। समझ नहीं आ रहा कि बेटा बिना बताए यहां कैसे पहुंचा? मुझे मामला डाउटफुल लग रहा है। पुलिस ठीक से जांच करे। कॉल डिटेल निकाली जाए। वह किस दबाव में आखिर में दिल्ली से झांसी आया? किन परिस्थितियों में आया, इसकी पड़ताल हो। पुलिस बोली- कॉल डिटेल निकाली जा रही, हर पहलू की जांच हो रही सीपरी बाजार थाना प्रभारी जेपी चौबे ने बताया- ट्रेन की चपेट में आने से संचय मिसुरिया की मौत हुई है। ट्रेन की चपेट में वह किन परिस्थितियों में आया, यह जांच का विषय है। युवक का मोबाइल बरामद कर लिया गया है। कॉल डिटेल भी निकाली जा रही है। मौत के कारणों की जांच की जा रही है। ---------------------- यह खबर भी पढ़ें… डॉक्टर के बेटे की लाश रेलवे ट्रैक पर मिली:झांसी में आधार लेकर घर पुलिस पहुंची, पिता बोले- बेटा दिल्ली में, लाश यहां कैसे? झांसी में डॉक्टर के बेटे की लाश रेलवे ट्रैक पर मिली है। उसके सिर के चिथड़े उड़ गए, आंख तक बाहर आ गई। आशंका है कि वह ट्रेन की चपेट में आया है। डॉ. सुमित मिसुरिया बबीना CHC के अधीक्षक हैं। उनका 19 साल का इकलौता बेटा संचय मिसुरिया सोनीपत स्थित जिंदल कॉलेज से लॉ की पढ़ाई कर रहा था।
    Click here to Read more
    Prev Article
    बीसीजी रिपोर्ट: पार्ट-2 यूएस में भारतवंशियों का कितना दमखम?:अमेरिकी पेटेंट में भारतवंशियों की हिस्सेदारी 50 साल में 5 गुना तक बढ़ गई
    Next Article
    चलती कार में भ्रूण लिंग परीक्षण का भंडाफोड़:सरकारी स्टिंग ऑपरेशन में ननद बनकर महिला के साथ गई डॉक्टर; एनएचएम ने केंद्र को दी रिपोर्ट

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment