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    पटाखा फैक्ट्री का असली मालिक चीन से लौटते ही गिरफ्तार:भास्कर ने सबसे पहले बताया था विदेश गया है; देवास में ब्लास्ट से 6 लोगों की मौत हुई थी

    7 hours ago

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    देवास की ब्लास्ट वाली पटाखा फैक्ट्री के असली मालिक मुकेश विज को पुलिस ने चीन से लौटते ही दिल्ली एयरपोर्ट पर गिरफ्तार कर लिया। मुकेश ग्वांग्झू (चीन) से गुरुवार को ही भारत लौटा है। मुकेश फैक्ट्री ब्लास्ट के बाद से ही फरार था। सबसे पहले भास्कर ने ही बताया था कि वो चीन में है। देवास पुलिस ने देशभर में लुक आउट सर्कुलर जारी किया था, जिसके आधार पर उसकी पहचान और गिरफ्तारी संभव हो सकी। बता दें, 14 मई को टोंककला स्थित पटाखा फैक्ट्री में जोरदार धमाका हुआ था। हादसे में 20 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। शुरुआत में तीन मौतों की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद संख्या बढ़कर 6 हो गई। छह दिन में पांच आरोपी गिरफ्तार मुकेश विज को फैक्ट्री ब्लास्ट का मुख्य आरोपी बनाया गया है। पुलिस उसे देवास लाकर विस्तृत पूछताछ करेगी। पुलिस की विशेष टीम ने इस मामले में उत्तराखंड निवासी एक अन्य फरार आरोपी महेश चौहान को भी दिल्ली से गिरफ्तार किया है। इससे पहले फैक्ट्री के संयुक्त संचालक कपिल विज को दो दिन पहले दिल्ली से ही पकड़ा गया था। पुलिस ने घटना के 24 घंटे के भीतर कारखाना के लाइसेंसी अनिल मालवीय और मुख्य ठेकेदार मोहम्मद अयाज को गिरफ्तार कर लिया था। अब तक 6 दिन के भीतर 5 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। 13 सदस्यीय एसआईटी कर रही जांच देवास एसपी पुनीत गेहलोद ने इस पूरे मामले की पेशेवर जांच, त्वरित गिरफ्तारी और तकनीकी साक्ष्य जुटाने के लिए 13 सदस्यीय एसआईटी (SIT) का गठन किया था। इसके अलावा एसपी ने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पर 10-10 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया था। फरार आरोपियों की तलाश में देवास पुलिस की विशेष टीम लगातार दिल्ली सहित अलग-अलग संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। अब सिलसिलेवार पढ़िए पूरा घटनाक्रम 14 मई को देवास जिले के टोंककलां इलाके में सुबह करीब 11:30 बजे पटाखा फैक्ट्री में जोरदार धमाका हुआ। हादसे में 20 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। मृत मजदूर उत्तर प्रदेश, बिहार के रहने वाले थे। शुरुआत में धीरज, सनी और सुमित की मौत की जानकारी सामने आई थी। देर रात अमलतास अस्पताल में इलाजरत दो मजदूरों अमर और गुड्डू ने भी दम तोड़ दिया। बाद में मृतकों की संख्या बढ़कर 6 हो गई। ब्लास्ट इतना तेज था कि शवों के टुकड़े 20 से 25 फीट दूर तक जा गिरे। फैक्ट्री की दीवारें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं और आसपास के मकान तक हिल गए। हादसे के बाद झुलसे मजदूर बदहवास हालत में बाहर निकलते दिखे। कुछ लोगों के कपड़े स्किन से चिपक गए थे। फैक्ट्री के बाहर बाल और जले अवशेष बिखरे पड़े मिले। हादसे के बाद भी फैक्ट्री में काफी देर तक पटाखे फूटने की आवाजें आती रहीं। परिसर में बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और सामान बिखरा पड़ा मिला। प्रशासन ने फैक्ट्री को सील कर दिया है। पुलिस ने फैक्ट्री मालिक अनिल मालवीय को हिरासत में ले लिया है। मौके पर एफएसएल टीम और प्रशासनिक अधिकारी जांच में जुटे रहे। देखिए हादसे की 6 तस्वीरें… भास्कर ने सबसे पहले बताया- फैक्ट्री का मालिक मुकेश है दैनिक भास्कर ने सबसे पहले बताया था कि पटाखा फैक्ट्री अनिल मालवीय के नाम पर थी, लेकिन इसका असली मालिक दिल्ली निवासी मुकेश विज है। हादसे के समय वह चीन में था। फैक्ट्री के लिए बम बनाने की मशीनों का सौदा कर रहा था। उसकी एक फैक्ट्री हिमाचल प्रदेश में भी चल रही है। घायल मजदूरों के मुताबिक हिमाचल की फैक्ट्री से पूरा मैनेजमेंट चलता था। देवास की फैक्ट्री में बन रहे पटाखों का ऑर्डर भी वहीं से आया था। फैक्ट्री में बड़ी संख्या में माचिस बम बनाए जा रहे थे और मजदूरों को बिहार से बुलाया गया था। हादसे के बाद सरकार ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। घटना के बाद सोशल मीडिया पर देवास-शाजापुर सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी की संचालक अनिल मालवीय के साथ तस्वीरें वायरल हुईं। सांसद ने सफाई देते हुए कहा कि सैकड़ों लोग उनके दफ्तर आते हैं और उन्हें अनिल मालवीय के पटाखा कारोबार की जानकारी नहीं थी। बेनामी निवेश और 'दिल्ली-चीन' का कनेक्शन टोंककला के पास जिस फैक्ट्री में हादसा हुआ, वह छह माह पहले शुरू हुई थी। घायल मजदूर रोहित के मुताबिक संचालक को पटाखों का बड़ा ऑर्डर मिला था, जिसे बारिश से पहले पूरा करना था। इसी वजह से बड़ी संख्या में मजदूर बुलाए गए थे। फैक्ट्री में उत्तर प्रदेश, बिहार और देवास के मजदूर काम कर रहे थे। ठेकेदारों के जरिए और मजदूर बुलाने की तैयारी भी थी। बड़े पैमाने पर विस्फोटक रखकर पटाखे बनाए जा रहे थे। रोहित ने बताया कि फैक्ट्री का लाइसेंस अनिल मालवीय के नाम पर था, लेकिन असली निवेशक दिल्ली निवासी मुकेश विज है, जो फिलहाल चीन में है। फैक्ट्री में नई मशीनें लगाकर बड़े पैमाने पर ऑटोमेशन की तैयारी थी। जमीन अनिल ने किराए पर ली थी, लेकिन निवेश और संचालन मुकेश विज कर रहा था। अब जांच एजेंसियां इस 'बेनामी' निवेश के सोर्स की जांच कर रही हैं। ये खबरें भी पढ़ें… 1. वेयरहाउस में छिपा था बारूद, ब्लास्ट वाले कंटेनर भी मिले देवास पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट में पांच मजदूरों की दर्दनाक मौत ने लाइसेंस प्रक्रिया और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे के बाद ब्लास्ट साइट से करीब एक किलोमीटर दूर स्थित एक वेयर हाउस की गतिविधियां भी संदेह के घेरे में हैं। पढ़ें पूरी खबर… 2. फैक्ट्री संचालक सांसद का करीबी, लाइसेंस से सौ गुना बारूद देवास जिले के टोंककला के पास पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट मामले में प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आई है। फैक्ट्री का निर्माण अभी पूरा भी नहीं हुआ और अंदर पटाखा बनाने का काम तेजी से चल रहा था। पढ़ें पूरी खबर…
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