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    सुलतानपुर में DM बोले- NH-330 असुरक्षित मार्गों में शामिल:नो-एंट्री का सख्ती से पालन कराएं, सड़क सुरक्षा पर दें ध्यान

    2 hours ago

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    सुलतानपुर में गुरुवार शाम कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हुई। जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह और पुलिस अधीक्षक चारू निगम ने संयुक्त रूप से इसकी अध्यक्षता की। बैठक का उद्देश्य जिले में बढ़ते यातायात दबाव और सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए सड़क सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी और सुरक्षित बनाना था। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने और सड़क सुरक्षा मानकों के अनुपालन पर विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि अधिकांश दुर्घटनाएं लापरवाही, तेज गति, हेलमेट व सीट बेल्ट का उपयोग न करने, गलत दिशा में वाहन चलाने और सड़क सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण होती हैं। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए समन्वित रूप से कार्य करने के निर्देश दिए। डीएम ने विशेष रूप से एन.एच. 330 को असुरक्षित बताया और कहा कि इसकी सुरक्षा पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने रिफ्लेक्टर, चेतावनी बोर्ड, रेडियम साइनेज और रंबल स्ट्रिप लगाने तथा उनकी तस्वीरें उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही, राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगे सुरक्षा वाहनों और एम्बुलेंस का जीपीएस डेटा भी उपलब्ध कराने को कहा। डीएम ने लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, राज्य मार्ग और एक्सप्रेसवे के अधिकारियों को ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने यूपीडा के अधिशासी अभियंता को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के अंडरपास में अंधेरे की समस्या की जांच कर प्रकाश व्यवस्था करने, टेबलटॉप स्पीड ब्रेकर बनाने और स्पीड डिटेक्शन डिवाइस लगाने के निर्देश दिए। डीएम इंद्रजीत सिंह ने जोर देकर कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि एक सामाजिक दायित्व भी है। उन्होंने भारी वाहनों के लिए नो-एंट्री व्यवस्था का कड़ाई से पालन कराने और शहर के प्रमुख चौराहों पर यातायात व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। बैठक में एआरटीओ विभाग को निर्देशित किया गया कि स्कूल बसों, वाणिज्यिक वाहनों एवं यात्री वाहनों की फिटनेस की नियमित जांच कराई जाए। बिना फिटनेस एवं ओवरलोड वाहनों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही स्कूलों के आसपास स्पीड कंट्रोल डिवाइस, चेतावनी संकेतक एवं ज़ेब्रा क्रॉसिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
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