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    पद्मश्री प्रो. टीके लाहिड़ी की भतीजी ने दोबारा किया मेल:सुरक्षा और इलाज के लिए जताई चिंता, शिक्षा मंत्रालय ने मांगी रिपोर्ट

    8 hours ago

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    वाराणसी में पद्मश्री प्रो. टीके लाहिड़ी से आईएमएस बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल की आईसीयू में मारपीट के आरोपों का मामला गंभीर होता जा रहा है। प्रो. लाहिड़ी की भतीजी ने आईएमएस बीएचयू के निदेशक समेत कई अधिकारियों को दोबारा ई-मेल भेजकर उनकी सुरक्षा और मेडिकल जांच को लेकर सवाल उठाए हैं। परिजनों ने इलाज पर संतुष्टि जताते हुए कहा कि प्रो. लाहिड़ी के चेहरे और सिर पर चोट के निशान हैं। ऐसे में किसी आंतरिक चोट की आशंका को दूर करने के लिए कराई गई जांच का पूरा ब्योरा परिवार को दिया जाए। चेहरे और सिर पर चोट, आंतरिक चोट की जांच पर सवाल ई-मेल में परिजनों ने कहा कि प्रो. लाहिड़ी के चेहरे और सिर पर प्रहार किए गए थे। इसलिए यह स्पष्ट किया जाना जरूरी है कि आंतरिक चोट की संभावना को लेकर कोई जांच हुई या नहीं। अगर जांच कराई गई है तो उसकी रिपोर्ट और निष्कर्ष परिवार को बताए जाएं। परिजनों का कहना है कि चेहरे पर चोट के निशान इस ओर इशारा करते हैं कि प्रो. लाहिड़ी को कई बार मारा गया। छह सितंबर को बीएचयू अस्पताल की ओर से जवाब मिलने के बावजूद परिवार ने सवाल उठाया कि आईसीयू जैसे संवेदनशील और स्टाफ की निगरानी वाले स्थान पर एक कमजोर और बीमार व्यक्ति पर हमला कैसे हुआ। परिजनों ने ई-मेल में घटना को गंभीर चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि आरोपी और प्रो. लाहिड़ी दोनों संस्थान के डॉक्टर हैं, इसलिए आरोपी के खिलाफ कार्रवाई का फैसला संस्थान को करना है। परिजनों ने यह भी आग्रह किया कि पूरे मामले में प्रो. लाहिड़ी के व्यक्तित्व और प्रतिष्ठा को किसी तरह धूमिल न होने दिया जाए। परिजनों ने कहा कि उनकी मुख्य चिंता दो बातों को लेकर है। पहली, अस्पताल में प्रो. लाहिड़ी की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और उन्हें आरोपी डॉक्टर से किसी तरह का खतरा न हो। दूसरी, उनका इलाज और देखभाल बिना किसी बाधा के जारी रहे। बीएचयू की ओर से सुरक्षा और संरक्षा के लिए व्यवस्था किए जाने की जानकारी मिलने पर परिवार ने कुछ राहत भी जताई है। डॉक्टरों के सार्वजनिक बयानों पर भी जताई आपत्ति ई-मेल में परिजनों ने कुछ डॉक्टरों की ओर से सार्वजनिक रूप से दिए जा रहे बयानों पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि ऐसे अतार्किक बयान प्रो. लाहिड़ी की चोटों को लेकर परिवार की पीड़ा को और बढ़ा रहे हैं। परिजनों ने संस्थान से मामले में स्पष्ट रुख अपनाने और इस तरह की टिप्पणियों पर रोक लगाने का अनुरोध किया है। शिक्षा मंत्रालय ने मांगी रिपोर्ट, बीएचयू ने भेजा जवाब प्रो. लाहिड़ी से मारपीट के आरोपों को शिक्षा मंत्रालय ने गंभीरता से लिया है। मंत्रालय ने बीएचयू प्रशासन से पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी थी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सोमवार को मामले में की गई कार्रवाई और जांच की जानकारी मंत्रालय को भेज दी। प्रदेश शासन को भी प्रकरण से अवगत कराया गया है। बीएचयू की रिपोर्ट में आरोपी चिकित्सक को हटाने और मामले की जांच के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी गई है। मारपीट के आरोपों की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय कमेटी ने सोमवार को आईसीयू के कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। कमेटी ने प्रो. लाहिड़ी से भी बात की, लेकिन वह घटना के संबंध में स्पष्ट जानकारी नहीं दे सके। इसके अलावा बीएचयू की सात सदस्यीय आंतरिक कमेटी ने भी जांच शुरू कर दी है। यह कमेटी प्रो. लाहिड़ी की स्वास्थ्य जांच के साथ फैक्ट फाइंडिंग का काम कर रही है। स्वास्थ्य की रोजाना रिपोर्ट निदेशक को भेजी जाएगी कमेटी के डॉक्टरों ने प्रो. लाहिड़ी के स्वास्थ्य की अलग-अलग जांच की है। इसकी रिपोर्ट प्रतिदिन आईएमएस बीएचयू के निदेशक और अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक को भेजी जाएगी। आईएमएस बीएचयू के निदेशक प्रो. एसएन संखवार ने कहा कि परिजनों का ई-मेल जांच कमेटी को भेज दिया गया है। उनकी मांगों पर कमेटी विचार करेगी। उन्होंने कहा कि प्रो. लाहिड़ी के इलाज में किसी तरह की लापरवाही नहीं हो रही है और उनकी टीम सुबह-शाम उनके स्वास्थ्य की जानकारी ले रही है।
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