Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    दिल्ली हादसे में यूपी के दो छात्रों की मौत:परिवार ने बेटे अभिषेक की आंखें दान कीं; पवन की मां बोली- अफसर बनने भेजा था, लाश वापस मिली

    5 hours ago

    1

    0

    दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए बिल्डिंग हादसे में यूपी के दो छात्रों की मौत हो गई। चंदौली के अभिषेक खरवार (21) और औरैया के पवन सिंह (20) दिल्ली में रहकर पढ़ाई कर रहे थे। 10 दिन पहले दोनों रक्षाबंधन के लिए घर आए थे। बहनों से राखी बंधवाई थी दशहरे पर फिर घर आने का वादा कर लौट गए थे। लेकिन, किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। घर ताबूत में बंद उनका शव आया। मंगलवार सुबह परिजन अभिषेक का पार्थिव शरीर लेकर चंदौली से वाराणसी पहुंचे। पिता ने मणिकर्णिका घाट पर मुखाग्नि देकर बेटे का अंतिम संस्कार किया। बेटे की मौत के बाद से मां का रो-रोकर बुरा हाल है। वह बार-बार बेहोश हो जा रही हैं। होश में आते ही बेटे को ढूंढने लगती हैं। हालांकि, परिवार ने बेटे की आंखें दान कर दी हैं, ताकि किसी और जिंदगी रोशन हो सके। इधर, औरैया में सोमवार को पवन का अंतिम संस्कार किया गया। जैसे ही उसका शव घर पहुंचा, बहनें उससे लिपटकर रोने लगीं। मां बार-बार बेटे का चेहरा सहलाती रही और पिता एकदम शांत होकर दरवाजे पर बैठे रहे। घर से जब अर्थी उठी तो बहनें पीछे-पीछे भागने लगीं। मां बार-बार कहती रहीं कि अफसर बनने भेजा था। लाश वापस आई है। बता दें कि दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को एक 5 मंजिला बिल्डिंग भरभराकर गिर गई थी। हादसे में 7 लोगों की मौत हुई थी और 6 लोग घायल हुए थे। बिल्डिंग 40-50 साल पुरानी थी और इसमें हॉस्टल चल रहा था। हादसे के वक्त इसके बेसमेंट में खुदाई का काम चल रहा था। पवन के घर की तस्वीरें देखिए- अपने अपने घर का इकलौता बेटा था, डेढ़ महीने पहले ही DU में एडमिशन लिया था अभिषेक की मां का रो-रोकर बुरा हाल, बार-बार बेहोश हो रहीं चंदौली के सदर कोतवाली क्षेत्र के झांसी गांव के रहने वाले संतोष खरवार 30 साल से अधिक समय से सोनभद्र की हिंडाल्को कंपनी में क्रेन ऑपरेटर के पद पर कार्यरत हैं। उनके बड़े बेटे ओम खरवार (26) बीटेक की पढ़ाई पूरी कर चुके हैं, जबकि दूसरे बेटे अभिषेक दिल्ली में रहकर प्रोग्रामिंग का कोर्स कर रहा था। अभिषेक की मौत ने पूरे परिवार को तोड़ दिया है। मां चमन तारा देवी 2 दिनों से बेसुध पड़ी हैं। बार-बार बेहोश हो जा रही हैं। घर आने वाला हर व्यक्ति उन्हें देखकर भावुक हो जा रहा है। पैतृक गांव से लेकर रेणुकूट की हिंडाल्को कॉलोनी तक सन्नाटा पसरा है। मामा बोले- टीवी पर घटना की जानकारी मिली ‘जर्जर इमारत की शिकायत हुई थी, पहले सुन लेते तो बेटा आज जिंदा होता’ अभिषेक की बुआ अंजनी का आरोप है कि जिस बिल्डिंग में हादसा हुआ, वह काफी जर्जर थी। स्थानीय लोगों ने प्रशासन को इसकी जानकारी भी दी थी, लेकिन समय रहते कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि अगर प्रशासन ने पहले ही इस ओर ध्यान दिया होता तो शायद इतनी बड़ी घटना टल सकती थी। परिवार का होनहार बेटा पढ़ाई के लिए दिल्ली गया था, लेकिन लौटकर उसकी अर्थी आई। ---------------------- ये खबर भी पढ़ेंः- दिल्ली हादसा- परिवार ने बेटे की आंखें दान कीं:पिता बोले- काश बेटे को हॉस्टल से निकाल पाता; एक रात पहले ही वीडियो कॉल पर बात की दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में PG बिल्डिंग गिरने से जान गंवाने वाले 18 साल के अर्पित जय के परिवार ने उनकी आंखें दान कर दीं। उनके पिता ने कहा कि काश बेटे को उस PG से निकाल पाते। एक रात पहले ही उससे वीडियो कॉल पर बात की थी। इसी तरह दिल्ली के बिल्डिंग हादसे में जान गंवाने वालों में DU के PGDAV कॉलेज के सेकेंड ईयर के छात्र अक्षत सिंह यादव भी थे। मीडियो रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनकी मौत की खबर मिलने के बाद परिवार सोमवार सुबह नई दिल्ली के AIIMS ट्रॉमा सेंटर पहुंचा। पढ़ें पूरी खबर…
    Click here to Read more
    Prev Article
    यूपी की बड़ी खबरें:BJP विधायक को गालियां देने वाला इनफ्लुएंसर सलमान अरेस्ट, 25 हजार का इनाम था
    Next Article
    पद्मश्री प्रो. टीके लाहिड़ी की भतीजी ने दोबारा किया मेल:सुरक्षा और इलाज के लिए जताई चिंता, शिक्षा मंत्रालय ने मांगी रिपोर्ट

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment