Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    Priyank Kharge का BJP पर बड़ा हमला, पूछा ECI और CEO के प्रवक्ता बनकर क्यों बोल रहे

    1 day ago

    1

    0

    कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खड़गे ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के कार्यालय जाने पर जताई गई आपत्ति पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि पार्टी भारत निर्वाचन आयोग या CEO के "प्रवक्ता की तरह व्यवहार" क्यों कर रही है, जबकि मतदाता सूची के चल रहे विशेष गहन संशोधन (SIR) के दौरान 'फॉर्म-7' आवेदनों के कथित दुरुपयोग को लेकर राजनीतिक विवाद चल रहा है। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल के CEO कार्यालय जाने के बारे में पत्रकारों से बात करते हुए खड़गे ने कहा कि अगर हम मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय गए हैं, तो इससे उन्हें (BJP को) क्या फर्क पड़ता है? अगर हमें भारत निर्वाचन आयोग से कोई समस्या है, तो इससे उन्हें क्या लेना-देना? अगर उन्हें कोई समस्या है, तो वे शिकायत करेंगे। BJP, ECI या CEO के प्रवक्ता की तरह व्यवहार क्यों कर रही है? और हमने किन नियमों का उल्लंघन किया है? खड़गे ने बताया कि कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल कार्यालय के अंदर CEO से बात कर रहा था; मंत्री के अनुसार, CEO ने कहा कि उन्हें भारत निर्वाचन आयोग से बात करने और मुख्य चुनाव आयुक्त से निर्देश लेने की ज़रूरत है। इसे भी पढ़ें: VCK प्रमुख Thirumavalavan ने मांगा CEC का इस्तीफा, BJP से मिलीभगत का लगाया आरोपखड़गे ने कहा हम CEO से बात कर रहे थे। CEO ने खुद कहा कि उन्हें भारत के चुनाव आयोग से बात करनी है। उन्हें CEC से निर्देश लेने हैं। उन्होंने कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल के दौरे से जुड़े विवाद का ज़िक्र करते हुए बेंगलुरु में RSS के मार्च को लेकर भी BJP पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "बेंगलुरु में हर जगह RSS के मार्च होते हैं। कितने? 512 मार्च। तो फिर मैं उस पर भी FIR दर्ज कराऊंगा। खड़गे ने आगे आरोप लगाया कि जो BJP कार्यकर्ता बूथ लेवल एजेंट (BLA) नहीं थे, वे बड़ी संख्या में वोटरों के नाम हटाने के लिए आवेदन जमा कर रहे थे। उन्होंने उन 'पहले से छपे हुए' (pre-printed) फ़ॉर्म के स्रोत पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा उन्हें जवाब देना चाहिए कि उन्हें पहले से छपे हुए फ़ॉर्म कहाँ से मिल रहे हैं। उन्हें जवाब देना चाहिए कि उनके कार्यकर्ता, जो BLA नहीं हैं, वे जाकर वोटरों के नाम बड़ी संख्या में हटाने की माँग क्यों कर रहे हैं। सब कुछ पहले से छपा हुआ है। नाम क्यों हटाए जाने हैं, यह भी पहले से छपा हुआ है। क्या यह नियमों का उल्लंघन नहीं है?
    Click here to Read more
    Prev Article
    Tezpur University में बनेगा शास्त्रीय असमिया का Centre of Excellence, CM हिमंत ने जताया आभार
    Next Article
    Abhijeet Dipke तुरंत मांगें माफी नहीं तो RPI करेगी सख्त कार्रवाई, Ramdas Athawale ने दी चेतावनी

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment