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    राहुल गांधी की नागरिकता विवाद पर हाईकोर्ट में सुनवाई आज:एफआईआर खारिज होने के आदेश को दी गई थी चुनौती

    1 hour ago

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    राहुल गांधी की कथित दोहरी नागरिकता से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में आज सुनवाई हुई। यह मामला निचली अदालत के उस फैसले के खिलाफ है, जिसमें राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को खारिज कर दिया गया था। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं और इसके बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। अब इस मामले में कोर्ट के निर्णय का इंतजार किया जा रहा है, जो आगे की कार्रवाई तय करेगा। एफआईआर खारिज होने के आदेश के खिलाफ याचिका इस पूरे विवाद की शुरुआत याचिकाकर्ता एस. विग्नेश शिशिर की याचिका से हुई, जिसमें उन्होंने राहुल गांधी पर दोहरी नागरिकता रखने का आरोप लगाया। उन्होंने पहले चंदौसी और फिर रायबरेली की अदालत में एफआईआर दर्ज कराने की मांग की थी, लेकिन अदालत ने पर्याप्त साक्ष्य न होने की बात कहते हुए याचिका खारिज कर दी। इसके बाद इस फैसले को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी गई, जहां अब इस मामले की सुनवाई हो रही है। दस्तावेज दाखिल करने के लिए मिली थी मोहलत सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पूरक शपथपत्र दाखिल करने के लिए समय मांगा गया। अदालत ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई के लिए 17 अप्रैल की तारीख तय किया tga। इससे साफ है कि अदालत इस मामले में सभी तथ्यों को ध्यान में रखकर ही अंतिम निर्णय देना चाहती है। क्या है दोहरी नागरिकता का पूरा विवाद याचिकाकर्ता का आरोप है कि राहुल गांधी के पास भारत के अलावा ब्रिटेन की नागरिकता भी हो सकती है। भारतीय कानून दोहरी नागरिकता की अनुमति नहीं देता, इसलिए यह आरोप गंभीर माना जा रहा है। याचिका में यह भी दावा किया गया है कि यदि ऐसा है, तो यह पासपोर्ट कानून और अन्य कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन हो सकता है। हालांकि अब तक इन आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है और न ही अदालत ने इस पर कोई अंतिम टिप्पणी की है। अब तक क्या हुआ इस मामले में इस मामले में सबसे पहले निचली अदालत में एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई थी, जिसे साक्ष्यों के अभाव में खारिज कर दिया गया। इसके बाद याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अब हाईकोर्ट को यह तय करना है कि क्या इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की जानी चाहिए या निचली अदालत का फैसला सही था। क्यों अहम है यह मामला यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे नागरिकता कानून, सांसद की पात्रता और न्यायिक प्रक्रिया जैसे बड़े सवाल जुड़े हैं। अगर अदालत एफआईआर का आदेश देती है तो जांच शुरू हो सकती है, वहीं अगर निचली अदालत का फैसला बरकरार रहता है तो राहुल गांधी को राहत मिल सकती है।
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