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    राम मंदिर चढ़ावा चोरी रिपोर्ट में चंपत-मिश्रा के नाम नहीं:बाकी 8 आरोपी पहले ही जेल में; SIT ने फाइनल जांच रिपोर्ट सरकार को सौंपी

    8 hours ago

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    अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की जांच के लिए यूपी सरकार की बनाई SIT ने सोमवार रात फाइनल रिपोर्ट सौंप दी है। सूत्रों के मुताबिक, इसमें ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा का नाम नहीं है। बाकी 8 आरोपी पहले ही जेल में हैं। यूपी के गृह विभाग ने रिपोर्ट राम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास को सौंपी है। इसे राम मंदिर ट्रस्ट की 2 सितंबर को होने वाली बैठक में रखा जाएगा। ट्रस्ट ने ही उत्तर प्रदेश सरकार से चढ़ावा चोरी की SIT जांच का अनुरोध किया था। यूपी सरकार ने 13 जून को लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में 3 सदस्यों की SIT बनाई थी। आईजी रेंज किरण एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन कुमार इसके सदस्य थे। SIT ने 23 जून को प्राइमरी रिपोर्ट सौंपी थी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने SIT जांच की कमान IPS को सौंपने और फाइनेंस एक्सपर्ट को शामिल करने के निर्देश दिए थे। 20 जुलाई को नई SIT बनी, जिसमें लखनऊ रेंज के IG किरण एस, डीआईजी अयोध्या सोमेन वर्मा और अयोध्या एसएसपी गौरव ग्रोवर को शामिल किया गया। यह SIT अब भी चढ़ावा चोरी की जांच कर रही है। SIT ने 23 जून को प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी थी, 2 दिन बाद 8 की गिरफ्तारी सुप्रीम कोर्ट ने दूसरी SIT बनाने को क्यों कहा? सुप्रीम कोर्ट ने SIT से सीलबंद लिफाफे में रिपोर्ट मांगी इससे पहले, सोमवार को सुप्रीम कोर्ट से याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने कहा था कि उन्हें भी जांच से जुड़ी रिपोर्ट दी जानी चाहिए, ताकि वे अदालत की मदद कर सकें। इस पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा- जांच रिपोर्ट ऐसे लोगों को नहीं दी जा सकती, जो मामले से सीधे जुड़े नहीं हैं। इस पर वकील ने कहा- हम अजनबी नहीं हैं। यह याचिका भारत की जनता की ओर से दायर की गई है। हमें सच जानने का मौलिक अधिकार है। अगर जांच से जुड़ी जानकारी किसी आरोपी या जांच में मदद कर रहे व्यक्ति को दे दी गई और याचिकाकर्ताओं को इससे दूर रखा गया, तो वे अदालत की सहायता करने की स्थिति में नहीं रहेंगे। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा- एसआईटी का गठन हमने किया है। यह अदालत के प्रति जवाबदेह और उत्तरदायी है। इसे अपनी रिपोर्ट हमें ही सौंपनी होगी। एक फॉरेंसिक ऑडिटर वाली एसआईटी अपनी स्टेटस रिपोर्ट बंद लिफाफे में सुप्रीम कोर्ट में दाखिल करे। रिपोर्ट को पहले हम देखेंगे। उसके बाद तय करेंगे कि इसे सभी पक्षों को सौंपा जाए या नहीं। --------------------- यह खबर भी पढ़ें- इटावा में मां-बेटी की गला रेतकर हत्या:आरोपी गिरफ्तार, नशीली कोल्ड-ड्रिंक पिलाकर पहले किया बेहोश; फिर हाथ-पैर बांधकर गला रेता इटावा में मां-बेटी की गला रेतकर हत्या के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, महिला के पति ने अपने दोस्त के साथ मिलकर वारदात की साजिश रची थी। दोनों ने पहले मां-बेटी को नशीली कोल्ड ड्रिंक पिलाकर बेहोश किया, फिर हाथ-पैर बांधकर उनकी हत्या कर दी। मुख्य आरोपी पति सत्येंद्र अभी फरार है। घटना भरथना थाना क्षेत्र के चंदेठी गांव की है। यहां पढ़ें पूरी खबर
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