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    साली को छेड़ने में सात साल बाद बरी एयरफोर्स कर्मी:पीड़िता कोर्ट में बोली-सच में नही जीजू ने सपने में छेड़ा था

    5 hours ago

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    नाबालिग साली से छेड़छाड़ का मुकदमा झेल रहे एयरफोर्स कर्मी को 7 साल बाद विशेष न्यायाधीश ने बरी कर दिया है। वह भी उसी साली के बयान पर, जिसने जीजा पर सोते समय दबोचने, छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया था। साली ने कोर्ट में बयान दिया कि जीजू ने सच में नहीं सपने में छेड़ा था। उसे भ्रम हो गया था और पिता ने नौबस्ता थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। हालांकि पहले दिए गए बयान के चलते एयरफोर्स कर्मी को 19 दिन तक जेल में रहना पड़ा था। यह था पूरा प्रकरण… बिठूर निवासी एयरफोर्स कर्मी का विवाह 10 फरवरी 2019 को बिधनू की युवती से हुआ था। 13 फरवरी को एयरफोर्स कर्मी चौथी में पत्नी को लेने ससुराल गया तो 15 वर्षीय साली भी उसके साथ आ गई। रिपोर्ट के मुताबिक 8 मार्च की रात 9 बजे किशोरी जोर-जोर से चिल्लाने लगी। उसकी बड़ी बहन कमरे में पहुंची तो किशोरी ने आरोप लगाया कि जीजा ने उसके साथ छेड़छाड़ की और दबोच लिया। इस पर बड़ी बहन ने डायल-100 पर फोन कर पुलिस को बुलाया। आरोप है कि एयरफोर्स कर्मी अपने पिता के साथ ताला लगाकर फरार हो गया। इस घटना की रिपोर्ट पिता की तहरीर पर नौबस्ता थाने में करीब पांच माह बाद दर्ज की गई थी। मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता करीम अहमद सिद्दीकी ने बताया कि पीड़िता ने कोर्ट में बयान दिया कि उससे छेड़छाड़ सपने में हुई थी, सच में नहीं। पीड़िता के पिता और बड़ी बहन ने भी भ्रमवश मुकदमा दर्ज कराने की बात कोर्ट में स्वीकार की। इसके बाद न्यायालय ने एयरफोर्स कर्मी को बरी कर दिया। वह वर्तमान में पीड़ित पुणे में कारपोरल पद पर तैनात हैं। पीड़िता बोली–सपने में महसूस हुआ कि जीजू ने पकड़ लिया अधिवक्ता करीम अहमद सिद्दीकी ने बताया कि कोर्ट में पीड़िता ने दिसंबर 2021 में बयान दर्ज कराए थे। कोर्ट को दिए बयानों में उसने कहा था कि ‘उस दिन रात के नौ बजे थे। मैं एंटीबायोटिक दवा लेकर सो रही थी। दवा नशीली होती है, इसलिए आधी नींद में थी। सपने में ऐसा महसूस हुआ कि जीजू ने मुझे पकड़ लिया है...। मैंने फिर शोर मचा दिया। मेरी दीदी आ गई और मैं अस्पताल चली गई। यह सपना था, सच में ऐसा नहीं था। चार बिंदुओं पर तय हुए आरोप पीड़िता के पिता की तहरीर पर नौबस्ता पुलिस ने एयरफोर्स कर्मी पर तीन अगस्त 2019 को केस दर्ज किया था। पुलिस ने 29 सितंबर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। 19 दिन जेल में रहने के बाद 17 अक्टूबर को जमानत मिली थी। 6 अक्टूबर को नौबस्ता थाने में तैनात दरोगा जितेंद्र प्रताप सिंह ने पीड़िता के बयानों के आधार पर चार्जशीट दाखिल की थी। अधिवक्ता करीम अहमद ने बताया कि विशेष न्यायाधीश पॉक्सो की कोर्ट में 13 नवंबर 2019 को एयरफोर्स कर्मी पर आरोप तय किए गए। ये आरोप चार बिंदुओं पर तय हुए थे। पहला पीड़िता के साथ मारपीट करने, दूसरा उसे बदनाम करने, तीसरा उसके साथ छेड़छाड़ करने और चौथा पीड़िता के साथ लैंगिक हमला करने का था।
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