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    ससुर-दामाद और 3 साल के नाती की जिंदा जलकर मौत:देवरिया में आधी रात सोते समय लगी आग, उठने तक का वक्त नहीं मिला

    3 hours ago

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    देवरिया में झोपड़ी में आग लगने से ससुर, दामाद और 3 साल के नाती की जिंदा जलकर मौत हो गई। सभी दशहरा मनाकर सो रहे थे। मंगलवार देर रात करीब 2 बजे अचानक झोपड़ी में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी झोपड़ी को चपेट में ले लिया। परिवार के लोगों की नींद खुली, तब तक वे आग की लपटों से घिर चुके थे। चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण दौड़े, लेकिन आग की ऊंची लपटों के सामने बेबस नजर आए। तब तक बुजुर्ग बालकिशुन और उनके 3 साल के नाती शनि की मौत हो चुकी थी। ग्रामीणों ने किसी तरह बेटी लीला और दामाद जितेंद्र को बाहर निकाला। लीला 60 से 70 प्रतिशत तक झुलस गई हैं, जबकि जितेंद्र की भी मौत हो गई। घटना जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर भटनी थाना क्षेत्र के नोनापार गांव की है। मृतकों की पहचान बालकिशुन (56), उनके दामाद जितेंद्र प्रसाद (32) और नाती शनि (3) के रूप में हुई है। लीला (30) को गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। आग लगने की वजह अभी स्पष्ट नहीं है। शुरुआती आशंका शॉर्ट सर्किट की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जानिए पूरा मामला… बालकिशुन की बेटी लीला पिछले तीन साल से मायके में रह रही थीं। वह पति जितेंद्र के साथ सूप और डलिया बनाने का काम करती थीं। उनका बेटा शनि भी उनके साथ रहता था। परिवार के लोग दशहरा घूमने गए थे। लौटने के बाद सभी ने खाना खाया और सो गए। रात करीब 2 बजे अचानक झोपड़ी से आग की लपटें उठने लगीं। आसपास के लोगों ने आग देखी तो शोर मचाया और पानी डालकर उसे बुझाने की कोशिश की। कुछ ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाते हुए जलती झोपड़ी में घुसकर लीला को बाहर निकाला। इस बीच पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम भी मौके पर पहुंच गई। आग बुझने के बाद टीम झोपड़ी के अंदर गई तो बालकिशुन, जितेंद्र और शनि के जले हुए शव मिले। दूसरी झोपड़ी में सो रहा था बेटा बालकिशुन के बेटे रतन ने बताया कि उनके पिता, बहन, बहनोई और भांजा एक ही झोपड़ी में सो रहे थे। वह परिवार के अन्य सदस्यों के साथ थोड़ी दूर दूसरी झोपड़ी में सो रहे थे। आग कैसे लगी, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। आग की लपटें दूर तक दिखाई देने लगीं तो वे झोपड़ी की तरफ दौड़े। तब तक पिता, बहन, बहनोई और भांजा बुरी तरह झुलस चुके थे। पिता और भांजे की मौत हो चुकी थी, जबकि तड़प रहे बहन और बहनोई को बाहर निकाला गया। सूचना पर डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची। ग्रामीण चारों को भटनी ले गए, जहां डॉक्टरों ने बालकिशुन, जितेंद्र और शनि को मृत घोषित कर दिया। लीला की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। वहां उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक, लीला 60 से 70 प्रतिशत तक झुलस गई हैं और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। -------------------------- ये खबर भी पढ़ें… चलती स्कॉर्पियो में शीशे नीचे कर आकर्षित करती थी श्रद्धा; टारगेट ट्रैप हो जाने पर उसकी गाड़ी में बैठ जाती, ड्राइवर ने खोले राज लखनऊ के हजरतगंज में हुए शिवा हत्याकांड में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। अब श्रद्धा दुबे की स्कॉर्पियो चलाने वाले ड्राइवर ने उसके ट्रैप करने का खुलासा किया है। उसने बताया है कि श्रद्धा किस तरह देर रात तैयार होकर पार्टी के लिए निकलती थी। मंहगे कैफे और क्लबों में जाकर रईसजादों से दोस्ती करती। पढ़िए पूरी खबर
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