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    सीतापुर में कार में बैठे-बैठे टीचर की मौत:पत्नी लिपटकर रोई, बेटी चिल्लाते हुए बोली- पापा उठिए, घर चलिए

    5 hours ago

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    सीतापुर में एक सरकारी टीचर की कार में बैठे-बैठे मौत हो गई। शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे सड़क किनारे कार में ड्राइवर के बगल वाली सीट में उनका शव मिला। कार का गेट खुला हुआ था। काफी देर तक कार खड़ी देखकर आसपास के दुकानदारों को शक हुआ। उन्होंने पास जाकर देखा और आवाज दी। शरीर को हिलाया, लेकिन कोई हरकत नहीं हुई। सूचना पर मौके पर पुलिस पहुंची। थोड़ी देर में टीचर राधेश्याम पटेल (50) की पत्नी और बेटी मौके पर पहुंचीं। पति की लाश देखकर पत्नी बदहवास हो गई। वह शव से लिपटकर रोने लगी। बेटी रोते हुए बोली- पापा अभी तो घर से निकले थे, उठिए घर चलिए। हार्टअटैक से मौत की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। घटना शहर कोतवाली के फायर ब्रिगेड ऑफिस के पास की है। घटना से जुड़ी दो तस्वीरें देखिए… कार से स्कूल जा रहे थे, रास्ते में पंक्चर हुई कोतवाली देहात के इस्माइलपुर मोहल्ले के रहने वाले राधेश्याम पटेल ऐडेड स्कूल जनता माध्यमिक विद्यालय सोनारी में टीचर थे। परिवार में पत्नी अनुराधा पटेल के अलावा एक बेटी यशस्वी (21) और बेटा अनूप (18) है। परिवार ने बताया कि राधेश्याम शुक्रवार सुबह 7:30 बजे अपनी मारुति-800 कार से स्कूल के लिए निकले। घर से 15 किमी दूर पहुंचे थे कि अचानक गाड़ी का पिछला टायर पंक्चर हो गया। सड़क किनारे उन्होंने कार रोकी। खुद ही टायर बदलने लग गए। प्रत्यक्षदर्शी दुकानदार बोले- स्टेपनी निकाली फिर कार में बैठ गए प्रत्यक्षदर्शी दुकानदार अजहर ने बताया- टायर पंक्चर होने पर वो खुद स्टेपनी निकालकर टायर बदलने लगे। डिक्की से टायर निकालकर गाड़ी के पास रखा। फिर शायद अचानक उन्हें कुछ घबराहट हुई होगी। वह कार में जाकर बैठ गए। इसके बाद वह दोबारा कार से बाहर नहीं निकले। अजहर के मुताबिक, हम लोगों को लगा शायद थकावट की वजह से कार में बैठ गए होंगे। इसलिए ज्यादा ध्यान नहीं दिया। मैं दुकान में बाइक सर्विसिंग के काम में जुट गया। करीब दो घंटे बाद 10 बजे तक कार वहीं पर खड़ी दिखी। उसका दरवाजा खुला था। शक हुआ तो हम लोग पास गए। वहां देखा कि वो कार की सीट पर अचेत पड़े थे। हम लोगों ने उन्हें उठाने का प्रयास किया। लेकिन कोई हलचल न होने पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची। आसपास के लोगों से जानकारी जुटाई। साथ काम कर चुके क्लर्क ने बेटी को दी सूचना टीचर के साथ काम कर चुके रिटायर्ड क्लर्क सुशील कुमार श्रीवास्तव ने बताया- जहां राधेश्याम की कार खराब हुई थी, उसी के सामने गली में मेरा घर है। मैं 6 महीने पहले इसी स्कूल से रिटायर हुआ हूं। मुझे स्कूल के कुक का कॉल आया कि आज राधेश्याम स्कूल नहीं आए हैं। मैंने उनकी बेटी को कॉल किया तो पता चला कि वो सुबह ही निकल गए हैं। इसी बीच, मोहल्ले के एक लड़के ने बताया कि राधेश्याम सर की कार सामने खड़ी है, वो कार में ही अचेत मिले हैं। इसके बाद मैं मौके पर पहुंचा। देखते ही उनकी बेटी को कॉल किया। ----------------------- ये खबर भी पढ़ें… सरकारी स्कूल में टीचर दिनभर फोन चलाती, छात्र थाने पहुंचा: कानपुर पुलिस से कहा- मैम पढ़ाती ही नहीं हैं, हमारे भविष्य का क्या होगा ‘स्कूल में मैम पढ़ाती नहीं हैं। दिनभर फोन चलाती हैं। बड़े छात्र छोटे बच्चों को पीटते हैं। पूरे वक्त बच्चे ग्राउंड में खेलते रहते हैं। हमारे भविष्य का क्या होगा?’ कानपुर देहात में सरकारी स्कूल में पढ़ाई न होने की शिकायत लेकर 7वीं कक्षा का छात्र पुलिस चौकी पहुंच गया। 12 साल के बच्चे की बातें सुनकर पुलिसकर्मी हैरान रह गए। एक हेड कांस्टेबल उसे लेकर स्कूल पहुंचे तो उनके सामने ही महिला टीचर छात्र को डांटने लगी। फिर उन्होंने टीचर को समझाया और ऐसा न करने की हिदायत दी। पूरी खबर पढ़ें
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