Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    सद्गुरु ऋतेश्वर महाराज ने दिया आत्मबोध का संदेश:रामलीला मैदान में हिंदू सम्मेलन सम्पन्न, 16 संस्कारों और संगठित रहने पर दिया जोर

    19 hours ago

    1

    0

    रामलीला मैदान में आयोजित हिन्दू सम्मेलन भव्य रूप से सम्पन्न हुआ। हिंदू सम्मेलन में मुख्य अतिथि परम पूज्य पीठाधीश्वर सद्गुरु श्री ऋतेश्वर महाराज ने कहा कि यह सम्मेलन किसी के विरोध के लिए नहीं, बल्कि हिंदू समाज के आत्मबोध के लिए है। उन्होंने कहा कि 2500 वर्षों में देश के 25 खंड हो चुके हैं। यदि यही स्थिति रही तो आगे और भी विभाजन हो सकते हैं, जबकि हम अखंड भारत की बात करते हैं। उन्होंने कहा कि हम धर्म को संभालने की बात करते हैं, लेकिन स्वयं अपने मन को संभाल नहीं पाते। आगे उन्होंने कहा की कार्यकर्ता ऐसा होना चाहिए जिसका कार्य दिखे, लेकिन कर्ता पीछे रहे। यही बोध राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कराता है। जहां हर जगह कुर्सी की लड़ाई है, वहीं हमारा हिंदू सम्मेलन ऐसा है जहां कुर्सियां खाली हैं, लेकिन बैठने वाले नहीं हैं। सद्गुरु महाराज ने कहा कि जो वर्तमान में सब कुछ होते हुए भी अतीत से नहीं सीखता, वह मिट जाता है। उन्होंने 16 संस्कारों का उल्लेख करते हुए कहा कि जन्म से लेकर सात वर्ष तक बच्चों में संस्कार आ जाने चाहिए। ध्रुव तारे और प्रह्लाद की कथा के माध्यम से उन्होंने माता के दायित्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गर्व से कहो हम हिंदू हैं, इससे भी ज्यादा जरूरी है कि हम हिंदू होने का आत्मबोध करें। यदि बॉलीवुड समाज को भटका रहा है तो समाज को जागृत करने वाली छावा जैसी फिल्में भी बॉलीवुड ही लाया है । उन्होंने आने वाली फिल्म “शतक” को देखने की अपील की। उन्होंने कहा कि कार्य करना आसान है, लेकिन संगठित रहकर करना कठिन है। यदि हम संगठित रहेंगे तो हिंदुत्व सुरक्षित रहेगा। राम के आचरण को जीवन में उतारने की जरूरत: वी. भागैया सम्मेलन के मुख्य वक्ता वी. भागैया ने डॉ. हेडगेवार के जीवन का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि हम भगवान राम की पूजा तो करते हैं, लेकिन उनके स्वभाव और चरित्र को जीवन में उतारना हमारे बस में नहीं है। उन्होंने कहा कि हम भाषा के आधार पर बंट गए हैं, जबकि हमें केवल हिंदू होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज असंगठित है और उसे संगठित होना आवश्यक है। देश, परिवार और माता के लिए कार्य करना त्याग नहीं, कर्तव्य है। धर्म का अर्थ प्रेम, तपस्या, करुणा और त्याग है। राजनीति समाज को तोड़ती है, जबकि संघ समाज को जोड़ता है। उन्होंने कहा, “मेरा धर्म हिंदू राष्ट्र है और सभी हिंदू मेरे भाई-बहन हैं, चाहे व्यापारी हों, किसान हों या मजदूर।” उन्होंने सभी से स्वदेश, स्वभाषा और स्वसंस्कृति के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि घर में मातृभाषा बोलें, पानी बचाएं, पर्यावरण संरक्षण करें और केवल फोटो खिंचवाने के लिए वृक्षारोपण न करें। बच्चों ने दी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां तन्‍या डांस क्लासेज के बच्चों ने रामायण, चारों युगों और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ विषय पर आकर्षक प्रस्तुतियां दीं, जिन्हें दर्शकों ने खूब सराहा। सम्मेलन में बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे और पूरे कार्यक्रम के दौरान उत्साह का माहौल बना रहा।
    Click here to Read more
    Prev Article
    सहारनपुर में जीआईएस टैक्स आपत्तियों का निस्तारण:नगर निगम और व्यापार मंडल के संयुक्त शिविर से लोगों को राहत मिलेगी
    Next Article
    सीजेएम ने सिकंदरा थानाध्यक्ष को भेजा नोटिस:गिरफ्तारी मेमो में चोट नहीं, मेडिकल में पांच चोटें मिलने पर हुई कार्रवाई

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment