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    सदर विधायक रात 2 बजे बिजलीघर पहुंचे:अधिकारियों में हड़कंप, बोले- जनता को बिजली नहीं तो उनकी भी कटेगी

    13 hours ago

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    देवरिया में भीषण गर्मी और लगातार बिजली कटौती से परेशान लोगों की शिकायतों के मद्देनजर सदर विधायक शलभ मणि त्रिपाठी गुरुवार देर रात करीब दो बजे शहर के बिजलीघर पहुंचे। उनके औचक निरीक्षण से विद्युत विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। विधायक ने कंट्रोल रूम, आपूर्ति व्यवस्था और शिकायत निस्तारण की स्थिति का जायजा लिया। बताया जा रहा है कि पिछले कई दिनों से शहर के विभिन्न मोहल्लों में घंटों बिजली गुल रहने, लो-वोल्टेज और बार-बार ट्रिपिंग की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। उमस भरी गर्मी के बीच रात में भी बिजली आपूर्ति बाधित रहने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही थी। इन शिकायतों के बाद ही विधायक ने बिना पूर्व सूचना बिजलीघर पहुंचकर व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान विधायक ने अधिकारियों से विभिन्न फीडरों की स्थिति, कटौती के कारणों और आपूर्ति बहाल करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली। उन्होंने शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिकारियों को फटकार लगाई और उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। विधायक ने कहा कि भीषण गर्मी में बिजली आपूर्ति प्रभावित होने से आम जनता को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी क्षेत्र में अनावश्यक कटौती न की जाए तथा तकनीकी खराबी होने पर उसे तत्काल दूर किया जाए। साथ ही, उपभोक्ताओं की शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ उच्च स्तर पर कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी। विधायक के अचानक पहुंचने की सूचना मिलते ही विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। निरीक्षण के दौरान कई बिंदुओं पर अधिकारियों से जवाब तलब किया गया। इसके बाद विद्युत विभाग के अधिकारियों ने आपूर्ति व्यवस्था में सुधार और शिकायतों के त्वरित निस्तारण का भरोसा दिलाया। रामलीला मैदान विघुत उपकेंद्र का सीयूजी नंबर उठाकर सुनी जनता की शिकायतें निरीक्षण के दौरान विधायक ने उपकेंद्र का सीयूजी मोबाइल अपने हाथ में ले लिया। इसके बाद लगातार उपभोक्ताओं के फोन आने लगे। फोन करने वाले अधिकांश लोगों ने चार से पांच घंटे तक बिजली न मिलने की शिकायत की। कई उपभोक्ताओं ने बताया कि शिकायत दर्ज कराने के बावजूद उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है। विधायक ने एक-एक उपभोक्ता से बात कर उनकी समस्याएं सुनीं और मौके पर मौजूद अधिकारियों से जवाब तलब किया। उन्होंने कहा कि जब उपभोक्ता लगातार परेशान हैं तो शिकायतों का समय पर समाधान क्यों नहीं हो रहा है। कई शिकायतों पर उन्होंने अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश भी दिए। रात में विधायक द्वारा सीधे जनता से संवाद करने की चर्चा पूरे शहर में होती रही। अधिकारियों को लगाई फटकार, व्यवस्था सुधारने के निर्देश बिजली आपूर्ति व्यवस्था को लेकर विधायक ने विभागीय अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की स्थिति की सही जानकारी न तो कई लाइनमैनों को है और न ही जिम्मेदार अधिकारियों को। ऐसे में शिकायतों का समाधान प्रभावित हो रहा है। विधायक ने अधिकारियों से कहा कि फॉल्ट की सूचना मिलते ही तत्काल मरम्मत कार्य शुरू होना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से ओवरलोड वाले क्षेत्रों की सूची तैयार कर वहां अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाने और जर्जर लाइनों को बदलने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि जनता को परेशान करने वाली लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान अधीक्षण अभियंता अमित सिंह सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने विधायक को भरोसा दिलाया कि जिन क्षेत्रों में समस्या अधिक है, वहां प्राथमिकता के आधार पर सुधार कार्य कराया जाएगा। अधिकारियों के घर की बिजली काटने की चेतावनी की चर्चा निरीक्षण के दौरान विधायक की एक टिप्पणी शहर में चर्चा का विषय बन गई। उपभोक्ताओं की शिकायतें सुनने के बाद उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि जनता की बिजली घंटों काटी जा रही है तो जिम्मेदार अधिकारी भी समस्या का एहसास करें। उन्होंने कहा कि जब आम लोग रातभर बिजली के बिना परेशान हैं तो अधिकारियों को भी स्थिति समझनी चाहिए। विधायक की इस टिप्पणी के बाद विभागीय अधिकारियों में बेचैनी बढ़ गई और देर रात तक बिजली आपूर्ति बहाल करने के प्रयास तेज हो गए। हालांकि अधिकारियों ने इस संबंध में सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। रात में ही कई फॉल्टग्रस्त क्षेत्रों में टीमों को भेजा गया और आपूर्ति सामान्य करने की कार्रवाई शुरू की गई। बिजलीघर में देर रात तक अधिकारियों और कर्मचारियों की भागदौड़ जारी रही। जनता को राहत दिलाने के लिए सख्त रुख सदर विधायक ने स्पष्ट कहा कि भीषण गर्मी के इस दौर में बिजली संकट किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए और उपभोक्ताओं को अनावश्यक रूप से परेशान न होने दिया जाए। उन्होंने कहा कि ओवरलोड वाले इलाकों में तत्काल तकनीकी सुधार किए जाएं, ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई जाए तथा फॉल्ट होने पर मरम्मत दल तुरंत मौके पर पहुंचे। विधायक ने यह भी कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी। रात दो बजे बिजलीघर में हुआ यह औचक निरीक्षण शुक्रवार सुबह तक पूरे शहर में चर्चा का विषय बना रहा। शहरवासियों ने उम्मीद जताई है कि विधायक के हस्तक्षेप के बाद बिजली व्यवस्था में सुधार होगा और गर्मी के इस मौसम में उन्हें राहत मिल सकेगी।
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