Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    ध्वस्तीकरण को लेकर असमंजस में सेंट्रल मार्केट के व्यापारी:भू उपयोग बदलने के नोटिस के बाद भी दुकानों पर चल सकता है बुलडोजर

    13 hours ago

    1

    0

    मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट में इस समय माहौल बेहद तनावपूर्ण बना हुआ है। रविवार को जब वास्तुविद नियोजक की ओर से करीब 80 दुकानदारों को शमन के लिए आवेदन करने का आदेश जारी हुआ तो व्यापारियों को कुछ राहत की उम्मीद जगी। इसी खुशी में व्यापारियों ने होली भी खेली, लेकिन यह राहत ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी। सोमवार को जारी ध्वस्तीकरण नोटिस ने व्यापारियों की खुशियों को फिर से मायूसी में बदल दिया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद तेज हुई कार्रवाई दरअसल शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट में अवैध निर्माण को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद अब आवास एवं विकास परिषद ने ध्वस्तीकरण की तैयारी तेज कर दी है। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की खंडपीठ ने आवासीय भवन संख्या 661/6 में व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स बनाए जाने के मामले में 17 दिसंबर 2024 को ध्वस्तीकरण के आदेश दिए थे। बताया जा रहा है कि आदेश का पालन नहीं होने पर आरटीआई कार्यकर्ता Lokesh Khurana ने अवमानना याचिका दाखिल की, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया। पिछले वर्ष छह अक्तूबर की सुनवाई के बाद 27 जनवरी को अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिए कि छह सप्ताह के भीतर अवैध निर्माणों का ध्वस्तीकरण सुनिश्चित किया जाए। पुलिस बल और मशीनरी की तैयारी सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के दबाव में आवास एवं विकास परिषद ने कार्रवाई की तैयारियां शुरू कर दी हैं। परिषद के अधिशासी अभियंता ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर ध्वस्तीकरण के दौरान पर्याप्त पुलिस बल और मजिस्ट्रेट की तैनाती की मांग की है। वहीं ध्वस्तीकरण का ठेका लेने वाली लखनऊ की कंपनी को विशेष मशीनरी के साथ तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि इस मामले में एसएसपी अविनाश पांडे का कहना है कि उनके पास अभी तक न तो किसी अतिरिक्त फोर्स की मांग का पत्र आया है और न ही कोई औपचारिक सूचना मिली है। 45 अधिकारी और 21 व्यापारी पहले से नामजद इस पूरे प्रकरण में पहले ही बड़ा मामला दर्ज हो चुका है। थाना नौचंदी में आवास विकास परिषद के 45 अधिकारियों और 21 व्यापारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज है। ऐसे में अब प्रशासन की संभावित कार्रवाई को लेकर सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों में बेचैनी बढ़ गई है और बाजार का माहौल लगातार तनावपूर्ण बना हुआ है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    अब AI की निगरानी में होगी रामनगरी:56 लाख से लगेंगे 1000 स्मार्ट कैमरे, संदिग्ध दिखते ही कंट्रोल रूम को अलर्ट
    Next Article
    रायबरेली में बैनामा लेखक का शव पेड़ से लटका मिला:परिजनों हत्या की आशंका जताई, पुलिस ने शुरू की जांच

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment