Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    UN में भारत का पाकिस्तान पर कड़ा वार, सेना को बताया पड़ोसी देश का ‘वास्तविक शासक’

    18 hours ago

    1

    0

    (योषिता सिंह) संयुक्त राष्ट्र, 25 अक्टूबर भारत ने संयुक्त राष्ट्र में नयी दिल्ली की छवि को तोड़-मरोड़कर पेश करने की पाकिस्तान की कोशिशों पर कड़ा पलटवार करते हुए कहा कि इस्लामाबाद की ‘फॉर्म 47 सरकार’ देश के वास्तविक शासकों यानी पाकिस्तानी सेना के निर्देशों को दरकिनार करने की ‘‘हिम्मत नहीं कर सकती।’’ ‘फॉर्म 47’ पाकिस्तान का एक आधिकारिक चुनावी दस्तावेज है, जिसमें किसी निर्वाचन क्षेत्र में मतदान के अनंतिम, समेकित नतीजे दर्ज होते हैं। फरवरी 2024 में हुए आम चुनावों में धांधली और अनियमितताओं के आरोप लगे थे। आलोचक आधिकारिक नतीजों पर सवाल उठाने के लिए ‘फॉर्म 47’ शब्द का इस्तेमाल करते हैं।संयुक्त राष्ट्र महासभा की तीसरी समिति में शनिवार को अल्पसंख्यक मुद्दों पर विशेष प्रतिवेदक के साथ संवाद सत्र के दौरान संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन के प्रथम सचिव रघु पुरी ने पाकिस्तान पर भारत की ‘छवि तोड़-मरोड़कर पेश करने’ की कोशिश का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस्लामाबाद के इन कृत्यों का मकसद आर्थिक संकट, कानून-व्यवस्था की बदहाली और मानवाधिकारों के उल्लंघन सहित अपनी घरेलू चुनौतियों से ध्यान भटकाना है। पुरी ने कहा, ‘‘लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था, व्यापक अराजकता और खैबर पख्तूनख्वा से लेकर बलूचिस्तान तक मानवाधिकारों के बड़े पैमाने पर हो रहे उल्लंघनों से ध्यान भटकाने का इससे बेहतर तरीका क्या हो सकता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन, जाहिर है कि देश के वास्तविक शासक पाकिस्तानी सेना यानी ‘फौज’ का हित सर्वोपरि है और हम पाकिस्तानी प्रतिनिधि की मुश्किल को पूरी तरह समझते हैं।’’ संयुक्त राष्ट्र में भारत की आलोचना करने की पाकिस्तान की कोशिश के बीच अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा के उसके रिकॉर्ड पर सवाल उठाते हुए पुरी ने कहा कि यह अच्छी तरह दर्ज है कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की आबादी देश की आजादी के बाद से उल्लेखनीय रूप से घटी है।पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अक्सर जम्मू कश्मीर का मुद्दा उठाता है और इस क्षेत्र को लेकर भारत के रुख को चुनौती देता है। इस्लामाबाद के दावों को खारिज करते हुए पुरी ने दोहराया कि जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है। उन्होंने कहा कि अब केवल पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले क्षेत्रों को खाली कराया जाना बाकी है।उन्होंने कहा, ‘‘हम पाकिस्तानी प्रतिनिधि से आग्रह करेंगे कि वह अपने ही देशवासियों की सलाह पर ध्यान दें, अपने देश की स्थिति पर नजर डालें और सबसे पहले अपने नागरिकों की भलाई पर ध्यान केंद्रित करें।’’ इसके बाद पुरी ने ‘फॉर्म 47 सरकार’ शब्द का इस्तेमाल किया। पाकिस्तान के 2024 के आम चुनावों में नतीजों में हेरफेर के आरोपों के संदर्भ में वहां की सत्तारूढ़ व्यवस्था के आलोचक इस शब्द का प्रयोग करते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन हम यह भी समझते हैं कि दुर्भाग्य से ‘फॉर्म 47’ सरकार पाकिस्तानी सेना के निर्देशों को दरकिनार करने की हिम्मत नहीं कर सकती।’’ उन्होंने कहा कि सशस्त्र बलों के हित सर्वोपरि हैं और सेना ही देश की ‘‘वास्तविक शासक’’ है।यह टिप्पणी पाकिस्तान की राजनीतिक व्यवस्था पर वहां की सेना के लंबे समय से चले आ रहे प्रभाव को लेकर जताई जाने वाली चिंताओं के बीच आई है। अल्पसंख्यक मुद्दों पर विशेष प्रतिवेदक की रिपोर्ट का जिक्र करते हुए पुरी ने कहा कि भारत इस मूल विचार से सहमत है कि अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करना और उन्हें बढ़ावा देना मुख्य रूप से संबंधित देशों की संप्रभु जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, ‘‘संप्रभु समानता के सिद्धांत के तहत किसी देश के आंतरिक मुद्दों को वहां लागू नियमों और विनियमों के अनुसार ही सुलझाया जाना चाहिए।इन जटिल चुनौतियों से निपटने के लिए हम बहुपक्षीय मंचों पर खुली और स्पष्ट बातचीत करने को तैयार हैं।’’ पुरी ने जोर देकर कहा कि भारत दुनिया का सबसे अधिक बहुधार्मिक, बहुजातीय और बहुभाषी समाज है तथा विविधता उसकी सभ्यता के मूल सिद्धांतों में से एक रही है। उन्होंने कहा, ‘‘हमें इस पर गर्व है।’’ उन्होंने धार्मिक और भाषाई अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करने वाले संवैधानिक प्रावधानों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक समुदायों के लोगों ने देश के सर्वोच्च संवैधानिक पदों, सरकारी संस्थानों, सशस्त्र बलों, कानून प्रवर्तन एजेंसियों, फिल्म उद्योग और कॉरपोरेट क्षेत्र सहित विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है तथा भारत के आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विकास में अहम योगदान दिया है।इस संबंध में पाकिस्तान के रिकॉर्ड की आलोचना करते हुए पुरी ने कहा कि पड़ोसी देश में इस तरह के उदाहरण तलाशना उनके लिए ‘‘काफी मुश्किल’’ होगा।
    Click here to Read more
    Prev Article
    ऐसा क्या बदल रहे हैं Trump कि Obama ने व्हाइट हाउस की तुलना सद्दाम की चीजकेक फैक्टरी से कर दी?
    Next Article
    Florida University Shooting: होमकमिंग जश्न के दौरान गोलीबारी, कई लोग घायल; इलाके में भारी पुलिस बल तैनात

    Related विदेश Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment