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    उन्नाव रिंग रोड निर्माण: अवैध खनन का आरोप:मछुआरों ने ठेकेदारों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया, प्रशासन ने रुकवाया काम

    1 hour ago

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    उन्नाव में निर्माणाधीन रिंग रोड परियोजना को लेकर विवाद गहरा गया है। सदर तहसील क्षेत्र के सरवागर दुधौड़ा गांव में मछुआरों और किसानों ने रिंग रोड निर्माण से जुड़े ठेकेदारों पर जबरन मिट्टी खनन और भूमि को क्षति पहुंचाने का आरोप लगाया है। इस मामले में निषाद पार्टी के सह प्रभारी एवं पूर्व जिला अध्यक्ष रामखेलावन निषाद मौके पर पहुंचे और प्रशासन से कार्रवाई की मांग की। राजस्व विभाग को भारी क्षति ग्रामीणों का आरोप है कि रिंग रोड निर्माण कार्य में लगे ठेकेदार ग्राम समाज की भूमि और मछुआरों के खेतों से जेसीबी मशीनों के जरिए जबरन मिट्टी खोद रहे थे। ग्रामीणों ने बताया कि विरोध करने के बावजूद खनन कार्य नहीं रोका गया, जिससे उनकी आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है। मछुआरों का कहना है कि इस अवैध मिट्टी खनन से उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ है और राजस्व विभाग को भी भारी क्षति पहुंचाई जा रही है। स्थिति बिगड़ने पर स्थानीय मछुआरों ने निषाद पार्टी के सह प्रभारी रामखेलावन निषाद को फोन कर मौके पर बुलाया। सूचना मिलने पर रामखेलावन गांव पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत कर पूरे मामले की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) उन्नाव को फोन कर तत्काल अवैध खनन रुकवाने की मांग की। लेखपाल ने खनन कार्य को रुकवाया प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद एसडीएम और क्षेत्रीय लेखपाल ने मौके पर पहुंचकर चल रहे खनन कार्य को रुकवाया। रामखेलावन निषाद ने आरोप लगाया कि ठेकेदारों और दबंग लोगों द्वारा मछुआरों का लगातार उत्पीड़न किया जा रहा है। उन्होंने एक फार्म संचालक द्वारा मछुआरे के खेत में खड़े प्रतिबंधित पेड़ों को काटने और खेत को तालाब जैसा बनाने का भी आरोप लगाया, जिससे किसान को भारी नुकसान हुआ है। रामखेलावन निषाद ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और पीड़ितों को मुआवजा दिलाने की मांग की है। मौके पर मौजूद किसान रामनरेश ने भी आरोप लगाया कि बिना अनुमति खेतों से मिट्टी निकाली जा रही थी, जिससे खेती योग्य जमीन खराब हो रही है। किसानों और मछुआरों ने प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। निषाद पार्टी नेता ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों और मछुआरों के हितों की बात करती है, लेकिन स्थानीय स्तर पर हो रही ऐसी घटनाएं सरकार की मंशा पर सवाल खड़े कर रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मछुआरों का उत्पीड़न बंद नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा। फिलहाल प्रशासन द्वारा मामले की जांच की बात कही जा रही है। ग्रामीणों को आश्वासन दिया गया है कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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