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    वरुण गांधी परिवार के साथ PM मोदी से मिले:लोकसभा में टिकट कटने के बाद पहली मुलाकात, अहम जिम्मेदारी मिल सकती है

    6 hours ago

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    लोकसभा चुनाव में पीलीभीत से टिकट कटने के बाद भाजपा नेता वरुण गांधी ने पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दिल्ली में मुलाकात की। उनकी पत्नी यामिनी और बेटी अनुसूया भी साथ रहीं। सूत्रों के मुताबिक, वरुण ने देश के मौजूदा हालात पर पीएम से चर्चा की। उनका मार्गदर्शन लिया। पीएम ने भी वरुण और उनकी पत्नी से हालचाल पूछा और बेटी को दुलारा। मुलाकात के बाद वरुण गांधी ने X पर लिखा- आपके व्यक्तित्व में पिता जैसा स्नेह और सुरक्षा का भाव है। आपसे मिलकर यह भरोसा और बढ़ जाता है कि आप देश और देशवासियों के सच्चे अभिभावक हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि टिकट नहीं मिलने के बाद वरुण गांधी सक्रिय राजनीति से दूर थे। लेकिन, प्रधानमंत्री से इस मुलाकात के बाद उनके फिर से सक्रिय होने के संकेत मिल रहे हैं। माना जा रहा है, उन्हें जल्द कोई अहम जिम्मेदारी मिल सकती है। क्या बंगाल चुनाव में मिलेगी जिम्मेदारी? वरुण गांधी की मोदी से मुलाकात को पश्चिम बंगाल चुनाव से भी जोड़कर देखा जा रहा। वजह यह है कि वरुण की पत्नी यामिनी बंगाल से हैं। यामिनी ग्राफिक डिजाइनर रही हैं। उन्होंने शांति निकेतन (पश्चिम बंगाल) और दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज से पढ़ाई की है। हालांकि यामिनी राजनीतिक रूप से ज्यादा सक्रिय नहीं हैं। लेकिन, बंगाल में जीत के लिए भाजपा हर स्तर पर रणनीति बना रही है। ऐसे में माना जा रहा है कि वरुण गांधी को चुनाव प्रचार में सक्रिय किया जा सकता है। वरुण गांधी पहले भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव रह चुके हैं। पश्चिम बंगाल के प्रभारी की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। उस दौरान उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष रहे राहुल सिन्हा के साथ मिलकर संगठन को मजबूत करने पर काम किया था। अब राहुल सिन्हा को राज्यसभा भेजा जा चुका है। ऐसे में पार्टी के अंदर यह चर्चा है कि बंगाल में वरुण गांधी को फिर से सक्रिय भूमिका दी जा सकती है। लगातार 3 दशक तक मां-बेटे सांसद रहे थे 2024 लोकसभा चुनाव से पहले वरुण गांधी किसानों से लेकर नौजवानों तक के मुद्दों पर मुखर थे। वे अपनी ही सरकार पर सवाल उठाने लगे थे। ऐसे में सियासी गलियारों में चर्चा होने लगी थी कि पीलीभीत से उनका टिकट कट सकता है। ऐसा ही हुआ भी। भाजपा ने वरुण गांधी का टिकट काटकर यूपी के मंत्री जितिन प्रसाद को टिकट दिया था। जितिन चुनाव जीतकर मोदी सरकार में मंत्री बने। लोकसभा चुनाव के वक्त वरुण के सहयोगियों ने पीलीभीत सीट से नामांकन पत्र खरीदा था। चर्चा हुई थी कि वे निर्दलीय चुनाव लड़ सकते हैं, हालांकि उन्होंने नामांकन नहीं किया था। वहीं, वरुण की मां मेनका गांधी 2024 में सुल्तानपुर से लोकसभा चुनाव में उतरी थीं, लेकिन हार गईं। करीब तीन दशक में यह पहली बार है, जब मां-बेटे दोनों किसी भी सदन में नहीं हैं। मोदी की रैली में नहीं पहुंचे थे वरुण लोकसभा चुनाव के दौरान 9 अप्रैल, 2024 को प्रधानमंत्री मोदी ने पीलीभीत में रैली को संबोधित किया था। इस रैली में तत्कालीन सांसद वरुण गांधी शामिल नहीं हुए थे। टिकट कटने के बाद सक्रिय राजनीति से दूर हुए लोकसभा चुनाव के बाद चर्चा थी कि वरुण कांग्रेस या सपा के साथ जा सकते हैं या नई पार्टी बना सकते हैं। उस वक्त कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा भी था कि वरुण को भाजपा छोड़कर कांग्रेस में आ जाना चाहिए। हालांकि, वरुण ने भाजपा नहीं छोड़ी, बल्कि सक्रिय राजनीति से दूर हो गए। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उन्होंने मई, 2024 के बाद X पर सिर्फ 13 पोस्ट किए। इनमें से 3 मां मेनका गांधी के रिपोस्ट हैं, जबकि पहले वे काफी सक्रिय रहते थे। कोई बयानबाजी नहीं की, इसका इनाम मिल सकता है राजनीतिक जानकार बताते हैं कि वरुण ने पार्टी से टिकट न मिलने के बाद एक भी बार विरोध नहीं किया। न ही उन्होंने कोई बयानबाजी की। यह उनके स्वभाव से थोड़ा अलग था। ऐसे में संभव है कि भाजपा में उन्हें फिर से अहम जिम्मेदारी दी जाए। एक दशक से संगठन में किनारे वरुण गांधी वरुण गांधी को 2013 में भाजपा का राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया था। उन्हें उसी समय पश्चिम बंगाल का प्रभारी भी बनाया गया था। वरुण उस दौर में यूपी की राजनीति में प्रमुख चेहरा थे। सीएम पद के लिए भी उनका नाम चर्चा में रहता था। लेकिन, 2014 में नई कार्यकारिणी बनी और उन्हें जगह नहीं मिली। तब से अब तक, करीब एक दशक में उन्हें कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं दी गई। 2009 में शुरुआत, 2014 में बदली सीटें राजनीतिक करियर की बात करें, तो 2004 में वरुण ने मां मेनका गांधी के लिए प्रचार किया था। वरुण गांधी ने 2009 में पीलीभीत से राजनीति में कदम रखा। 2009 में पीलीभीत से सांसद चुने गए। पहले ही चुनाव में उन्होंने 2.81 लाख वोटों से जीत दर्ज की। 2013 में उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया था। 2014 में भाजपा ने मां-बेटे की सीट बदल दी। वरुण को सुल्तानपुर और मेनका गांधी को पीलीभीत से टिकट मिला। सुल्तानपुर में भी वरुण ने बड़ी जीत हासिल की। पीलीभीत सीट को गांधी परिवार का मजबूत गढ़ माना जाता है। 2019 में फिर पीलीभीत से सांसद चुने गए। ------------------------- ये खबर भी पढ़ें- इच्छामृत्यु के लिए हरीश को आज से पानी देना बंद, अब मां-बाप भी नहीं मिल सकते, एम्स में डॉक्टर बोले- एक से दो हफ्ते लगेंगे 13 साल से कोमा में पड़े गाजियाबाद के हरीश राणा को आज यानी मंगलवार से पानी देना बंद कर दिया जाएगा। हरीश को इसके अलावा कोई ऑक्सीजन सपोर्ट नहीं दिया जा रहा है। पहले ट्यूब के सहारे खाना दिया जा रहा था। उसे भी बंद कर दिया गया है। अब पानी बंद करने के बाद ट्यूब पर कैप लगा दिया जाएगा। हालांकि, ट्यूब को शरीर से निकाला नहीं जाएगा। पढ़ें पूरी खबर
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