Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    वर्दी में सख्त और सिनेमा में हिट ACP आनंद ओझा:शॉर्ट फिल्म में अंगद वर्मा बने, बोले- डकैत अब घोड़े पर नहीं, स्क्रीन के पीछे से आएगा

    2 hours ago

    1

    0

    डकैत अब घोड़े पर नहीं, स्क्रीन के पीछे से आएगा… । साइबर अपराधों से जागरूक करने के लिए कानपुर में बन रही शॉर्ट फिल्म में यह डॉयलॉग दिया है, कलक्टरगंज एसीपी आनंद ओझा ने। कानपुर के कलक्टरगंज एसीपी आनंद ओझा न सिर्फ अपराधियों के खिलाफ मोर्चा संभाल रहे हैं, बल्कि बड़े पर्दे पर भी अपनी पहचान बना चुके हैं। हाल ही में साइबर अपराधों पर आधारित एक शॉर्ट फिल्म में उन्होंने एसीपी अंगद वर्मा का किरदार निभाया है। 2010 में मिली थी पहली फिल्म आनंद ओझा एक ऐसे नौकरशाह हैं, जो अपराधियों के दांत खट्‌टे करने के साथ ही सिनेमा जगत में भी हिट हैं। एसीपी आनंद ओझा माही, हीरोगिरी, लव एक्सप्रेस, रण, कुभ समेत एक दर्जन भोजपुरी फिल्मे कर चुके है। 2010 में उन्हें पहली बार सबसे बड़ा मुजरिम भोजपुरी फिल्म में काम करने के मौका मिला था। एक साल पहले आगरा में तैनाती के दौरान उनकी फिल्म माही रिलीज हुई थी। अभी हाल ही में उन्होंने तिग्मांशु धूलिया, पद्मिनी कोल्हापुर स्टारर फिल्म विहान की शूटिंग पूरी की है। जिसमें वह एक मीडियाकर्मी की भूमिका निभा रहे हैं, जो जल्द ही दर्शकों को देखने को मिलेगी। हीरो बनने के लिए मुंबई चले गए थे ACP आनंद ओझा मूलरूप से बिहार आरा दोघरा के रहने वाले हैं। आनंद ओझा ने बताया कि उनका फैमिली बैकग्राउंड पुलिस का था। उनके मामा बिहार पुलिस थे, जो एडिशनल एसपी पद से रिटायर हुए थे, उनके बाबा भी दरोगा थे। उन्होंने बताया कि बचपन से उनका सपना था कि फिल्मों में काम करूं, फिल्में देखते–देखते मन बना लिया था कि अब एक्टर ही बनूंगा। एसीपी आनंद ने एक्टिंग से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा भी दैनिक भास्कर एप के साथ साझा किया। उन्होंने बताया कि इंटरमीडिएट करने के बाद वह परिवार को बिना बताए हीरो बनने के लिए मुंबई पहुंच गए। वहां उन्होंने सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी की और फिल्मों में एक मौका पाने के लिए ऑडिशन देने लगे, लेकिन उन्हें फिल्मों में काम नही मिल सका। कुछ समय बाद उनके पिता भगवान ओझा मुंबई पहुंचे और उन्हें वापस ले आए। इसके बाद आनंद ने अपना ग्रेजुएशन पूरा किया और पुलिस भर्ती की तैयारी शुरू की। साल 2001 में वह दरोगा बने। ट्रेनिंग के बाद की सीएम की सुरक्षा ड्यूटी में तैनाती मिली। आनंद ने बताया कि नौकरी मिलने के बाद वह खुश तो बहुत थे, लेकिन दिमाग में एक्टिंग के बारे में ख्याल जरूर आता था। वर्ष 2005 में उन्हें एक फिल्म में चांस मिला, फिल्म की शूटिंग भी पूरी हुई, लेकिन वह रिलीज नहीं हुई। वर्ष 2010 में उन्हें सबसे बड़ा मुजरिम भोजपुरी फिल्म में मौका मिला, जिसमें उन्होंने अभिनेता राहुल राय के छोटे भाई का किरदार निभाया था। इस फिल्म में उनकी एक्टिंग को काफी सराहा गया, इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़ कर नहीं देखा। एक दर्जन भोजपुरी फिल्मों में निभा चुके किरदार इसके बाद उन्होंने कुंभ, हीरो एक्सप्रेस, लवगिरी, अजब घर की गजब कहानी, सास बहू की हेरा फेरी समेत करीब 12 फिल्मों में काम किया। एसीपी आनंद ने बताया साइबर अपराधों से बचने के लिए तैयार की जा रही फिल्म में वह एसीपी साइबर क्राइम अंगद वर्मा का किरदार निभा रहे हैं। उन्होंने अपना एक फेमस डॉयलॉग भी बताया कि– अब डकैत घोड़े पर बैठ कर नहीं आते, स्क्रीन के पीछे से आते है और आपका सबकुछ लेकर चले जाते हैं। उन्होंने कहा कि साइबर फ्रॉड का टैग लाइन है कि– सतर्कता ही बचाव है। क्राइम होने से पहले हम किस तरह से लोगों को बचा सकते है, इसके लिए यह फिल्म बनाई जा रही है। सिनेमा भी एक ऐसा माध्यम है, जो लोगों के दिलों तक बात जाती है। शॉर्ट फिल्म में यह दिखाया गया है, कि साइबर फ्रॉड किस–किस तरीके से हो रहा है, और उससे बचने का उपाय क्या है। पुलिस साइबर अपराध से निपटने के लिए किस तरह से काम कर रही है, और किस तरह से लोगों को उससे बचना है। यह सब इस शॉर्ट फिल्म में देखने को मिलेगा। बोले- टाइम मैनेजमेंट बहुत जरूरी नौकरी और फिल्मों की शूटिंग के बीच सांमाजस्य बिठाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि डिपार्टमेंट में आने के बाद हमेशा ही उन्हें वरिष्ठ अधिकारियों और परिवार का काफी सहयोग मिला, पुलिस विभाग में वर्कलोड तो रहता है, इसके लिए मेहनत करनी पड़ती है, टाइम मैनेजमेंट बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि सभी लोगों से अच्छा व्यवहार करने से आप सब हासिल कर लेते है। एसीपी आनंद ने बताया कि उनके परिवार में पत्नी सुजाता ओझा, बेटी हर्षिता, आकृति, बेटा आनंद निशांत, मां लीलावती है। 22 दिसंबर 2024 को उनके पिता भगवान ओझा का निधन हो गया था।
    Click here to Read more
    Prev Article
    ‘मेरे पति की मौत के जिम्मेदार अफसरों को जेल भेजो’:झांसी में पत्नी बोली- वो क्लर्क थे, फर्जी साइन न करने पर कचरा की गाड़ी गिनने में लगाया
    Next Article
    फरवरी की गर्मी 10-15 प्रतिशत तक घटाएगी गेहूं-सरसों की पैदावार:29.6 डिग्री सेल्सियस रहा अधिकतम तापमान, 23 साल का रिकार्ड तोड़ा

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment