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    ‘मेरे पति की मौत के जिम्मेदार अफसरों को जेल भेजो’:झांसी में पत्नी बोली- वो क्लर्क थे, फर्जी साइन न करने पर कचरा की गाड़ी गिनने में लगाया

    2 hours ago

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    ‘मेरे पति ईमानदार थे। मगर ऑफिस के ही लोग उनसे फर्जी डॉक्यूमेंट बनवाना चाहते थे। साइन न करने पर क्लर्क से डिमोशन कर दिया। उनकी ड्यूटी कचरा की गाड़ी गिनने में लगा दी। इस सदमे को वह बर्दाश्त नहीं कर पाए और सुसाइड कर लिया। जिन अफसरों ने पति को मरने पर मजबूर किया, उन्हें बर्खास्त कर जेल भेजा जाए।’ ये कहना है माधुरी गोंड का। जिनके पति दिलीप गोंड (54) ने झांसी में रविवार को फांसी लगाकर जान दे दी। दिलीप मध्य प्रदेश के दतिया नगर पालिका में क्लर्क थे। मरने से पहले एक वीडियो बनाया। जिसमें दतिया CMO और 2 कर्मचारियों को मौत का जिम्मेदार ठहराया है। वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। घटना झांसी के प्रेमनगर थाना क्षेत्र के नराईपुरा मोहल्ला की है। अब पूरा मामला विस्तार से पढ़िए ऊपर कमरे में जाकर फंदा लगाया दिलीप गोंड प्रेमनगर के नराईपुरा मोहल्ला में रहते थे। वह करीब 30 किलोमीटर दूर मध्य प्रदेश के दतिया में नगर पालिका की स्थापना शाखा में क्लर्क के पद पर तैनात थे। दिलीप के बेटे अंश ठाकुर ने बताया- घर में छत पर मरम्मत का काम लगा था। रविवार को सुबह जगे तो पापा दिलीप ने चाय पी। फिर बाजार से सामान लेकर आए। जब मिस्त्री आया तो पापा को बुलाने गया। पापा नजर नहीं आए तो इधर-उधर ढूंढ़ा। जब छत पर बने अपने स्टडी रूम में गया तो पापा पंखे पर रस्सी से फंदा बनाकर लटके हुए थे। चिल्लाने पर मां आ गई। हम दोनों ने उनको उतारा, मगर तब तक मौत हो चुकी थी। मौत से पहले मोबाइल में बनाया वीडियो बेटे अंश ने बताया- जब पापा का मोबाइल देखा तो उसमें एक वीडियो मिला। जो पापा ने मौत से पहले रिकॉर्ड किया था। 3 मिनट 39 सेकंड के वीडियो में दिलीप गोंड कह रहे हैं कि मैं नगर पालिका दतिया की स्थापना शाखा में बाबू के पद पर तैनात था। कुछ साल पहले CMO मकबूल खान इंचार्ज थे। उन्होंने कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे। यह मामला 2017 में लोकायुक्त के पास पहुंचा था और जांच अभी भी जारी है। 2006 की नोटशीट से जुड़े फर्जी दस्तावेजों पर उनसे साइन कराने की कोशिश की गई। साइन करने से मना करने पर उन्हें 50,000 रुपए की रिश्वत की पेशकश की गई। जब उन्होंने इसे ठुकरा दिया तो CMO नागेंद्र गुर्जर ने उन्हें पद से हटाकर ट्रेंचिंग ग्राउंड पर कचरा गाड़ियों की गिनती का काम सौंप दिया। ये मेरे लिए बहुत ही दुखद है। मैं एक बाबू होकर कचरे की गाड़ियां गिनू। ये काम बाबू का नहीं है। इसके बाद CMO ने उनके साथ गाली-गलौज की और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। दो अन्य कर्मचारियों ने भी उन्हें परेशान किया, जिससे वह काफी दुखी थे। बाबू ने अपनी मौत के लिए CMO नागेंद्र गुर्जर और दो अन्य कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराया। वो ऑफिस की बातें घर पर नहीं बताते थे दिलीप की पत्नी माधुरी ने बताया- वो ऑफिस की बातें घर पर नहीं बताते थे। मौत के बाद मोबाइल देखा तो उसमें एक वीडियो मिला। जो सुसाइड से पहले पति ने खुद ही रिकॉर्ड किया था। वीडियो से ही पता चला कि वो भ्रष्ट सिस्टम से परेशान थे। सीएमओ समेत 3 लोग उनको परेशान कर रहे थे। उन्होंने पूरी ईमानदारी से नौकरी की है। लेकिन अफसर बाबू से डिमोशन करके नीचे के पद पर ले आए और कचरा की गाड़ी गिनने में ड्यूटी लगा दी। उनसे फर्जी फाइल बनवाना चाहते थे। कोई कर्मचारी है, जो 2011 में ड्यूटी पर आया। मगर वो फर्जीवाड़ा करके 2006 से ज्वाइनिंग दिखाना चाहता था। ये काम करने से पति ने मना कर दिया। एक सप्ताह से वह बहुत परेशान थे। परेशानी के बारे में देवर को फोन कर बताया था। देवर ने हमें बताया तो पता चला कि पति परेशान हैं। मुझे काम में उलझाकर फांसी लगाई पत्नी ने आगे बताया- घर में मिस्त्री आया था। पति ने मुझे काम में उलझा दिया, मैं कुछ समझ ही नहीं पाई। वो पता नहीं कब ऊपर चले गए और सुसाइड कर लिया। अब हम न्याय चाहते हैं। वीडियो में पति ने जिनके नाम लिए, उनको नौकरी से हटाकर जेल भेजा जाए। उनको कड़ी सजा मिलनी चाहिए। हमारा आदमी चला गया, बच्चे परेशान हो गए। हम क्या करेंगे? हमारे पास किसी अफसर का फोन नहीं आया। घर में मातम छाया दिलीप की मौत के बाद घर में मातम छाया है। पत्नी माधुरी का रो रोकर बुरा हाल है। दिलीप के दो बच्चे हैं। बेटी आयुषी इंदौर में एलएलबी की पढ़ाई कर रही है। वहीं, बेटा अंश बीसीए कर रहा है। प्रेमनगर थाना प्रभारी तुलसीराम पांडेय ने बताया कि पंचनामा भरकर दिलीप के शव का पोस्टमार्टम करा दिया गया। परिजनों ने अभी तक कोई तहरीर नहीं दी है। तहरीर मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी। CMO ने कहा- आरोप बेबुनियाद हैं वहीं मामले पर CMO नागेंद्र गुर्जर ने कहा- दिलीप गोंड मेहनती और लगन से काम करने वाले कर्मचारी थे। वह शुक्रवार को ऑफिस में मौजूद थे। वह छुट्टी पर झांसी गए थे। उन्हें वहां क्या हुआ, इसकी जानकारी नहीं है। वीडियो में लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं।
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