Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    VDO बने बेटे का हाथी पर बिठाकर ग्रैंड वेलकम:बस्ती में किसान ने 10 हजार में बुक किया, बोले- 10 साल की मेहनत रंग लाई

    53 minutes ago

    1

    0

    बस्ती में किसान पिता ने ग्राम विकास अधिकारी बनकर लौटे अपने बेटे का ग्रैंड वेलकम किया। उसे हाथी पर बिठाकर ढोल नगाड़ों के साथ घर लाया। इस दौरान गांव के लोग रास्ते में उसके स्वागत के लिए खड़े रहे। जुलूस में आगे बैंड-बाजा चल रहा था। पीछे ग्रामीणों की भीड़। हाथी पर सवार युवक को देखकर ग्रामीणों ने तालियां बजाकर बधाई दी। इसके बाद फूलों की माला पहनाकर स्वागत किया। इस हाथी को 10 हजार रुपये में बुक किया गया था। स्वागत के बाद पूरे गांव में मिठाई बांटी गई। पूरा मामला बस्ती जिले के हर्रैया थाना क्षेत्र का है। दो विजुअल देखिए अब समझिए पूरा मामला केशवपुर गांव के महेंद्र कुमार पांडे किसान हैं। परिवार में पत्नी के अलावा परिवार में दो बेटियां अन्नू, अंजू और तीन भाई अनूप, अवनीश और आशीष हैं। इनमें अवनीश (28) चौथे नंबर पर हैं। अवनीश दिल्ली में रहकर करीब 10 साल से प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। एक महीने पहले उनका सेलेक्शन ग्राम विकास अधिकारी के पद पर हुआ। ये खबर जैसे ही महेंद्र को मिली तो वो खुशी से झूम उठे। उन्होंने बेटे के ग्रैंड वेलकम की तैयारी की। शुक्रवार को अवनीश पांडे ट्रेन से लखनऊ और वहां से कार से शाम को बस्ती अपने गांव पहुंचे। गांव के प्रवेश द्वार पर महेंद्र कुमार पांडे ने बेटे के स्वागत लिए परिवार के साथ हाथी और बैंड बाजा लेकर खड़े थे। बेटे के आते ही उन्होंने उसकी पीठ थपथपाई। इसके बाद उसे हाथी पर बिठाया। करीब एक किमी तक हाथी पर बैंज बाजों की धुन पर नाचते हुए पूरे गांव में घूमे। कई बार असफल हुए, हिम्मत नहीं हारी अवनीश पांडे कक्षा आठ तक हर्रैया के गजाधर सिंह विद्यालय में पढ़े। इसके बाद उन्होंने राम कुमार विक्रम सिंह इंटर कॉलेज से इंटर पास किया। इसके बाद अवनीश ने लखनऊ विश्वविद्यालय में ग्रेजुएशन किया। इसके बाद वे दिल्ली के मुखर्जी नगर में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते रहे। इस दौरान उन्हें कई बार असफलता का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपनी मेहनत जारी रखी। हर शुभ काम में घर का हाथी बनता है हिस्सा अवनीश की सफलता पर हाथी से जुलूस निकालने की वजह भी खास है। परिवार के पास हाथी पहले से है और घर में होने वाले शुभ कार्यों में हाथी बुलाया जाता है। इसलिए बेटे की नौकरी लगने पर भी परिवार ने हाथी पर बैठाकर उसका स्वागत किया। हालांकि इस मौके पर कोई भोज नहीं हुआ। परिवार ने गांव भर में लड्डू बनवाकर लोगों को मिठाई खिलाई और बेटे की सफलता की खुशी साझा की। ---------- ये खबर भी पढ़ें- अयोध्या में रिश्वत दीजिए, रामलला के दर्शन कीजिए, ज्यादा पैसे दोगे तो दरोगा साथ जाएगा, रील भी बनवाएगा; स्टिंग में देखिए पूरी सौदेबाजी ‘राममंदिर में दर्शन हो जाएंगे। मजिस्ट्रेट साहब के यहां से प्रोटोकॉल जारी करा देंगे, फिर दरोगा खुद ले जाएगा और दर्शन कराएगा।’ यह कहना है अयोध्या में राममंदिर के बाहर दर्शन कराने वाले दलाल शुभम दुबे का। यह पैसे लेकर दर्शन कराने वाले गिरोह में शामिल है। चार्ज है- 7300 रुपए। जबकि, राममंदिर में दर्शन के लिए कोई शुल्क नहीं है। पढ़ें पूरी खबर
    Click here to Read more
    Prev Article
    मुख्तार का बेटा हूं,खून की आखिरी बूंद तक बहा दूंगा:गाजीपुर में अब्बास बोले- मेरी रगों में उन्हीं का लहू, जब जरूरत हो वसूल लेना
    Next Article
    चंदौली में जहरीली गैस से तीन युवकों की मौत:कुएं में सबमर्सिबल पंप निकालने उतरे, भतीजे को बचाने में दोस्त और चाचा की जान गई

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment