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    यूपी एसटीएफ की आजमगढ़ में छापेमारी:मुंबई में 10 लाख रुपए के लिए हत्या करने का प्रयास, दो आरोपियों को किया गया गिरफ्तार

    1 hour ago

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    यूपी एसटीएफ ने आजमगढ़ के देवगांव कोतवाली क्षेत्र में छापेमारी करते हुए मुंबई में हत्या के प्रयास करने के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एक आरोपी की गिरफ्तारी आजमगढ़ के देवगांव कोतवाली क्षेत्र से हुई है। जिसकी पहचान मनोज ठठेरा के रूप में हुई है। मनोज ठठेरा STF को बताया कि इस मामले में एक और शूटर शामिल है जो की बलिया का रहने वाला है। सूचना मिलते ही एसटीएफ टीम बलिया पहुंचकर दूसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लाई दूसरे आरोपी की पहचान सुजीत पांडे के रूप में हुई है। 25 जुलाई को मुंबई में की थी फायरिंग यूपी एसटीएफ की गिरफ्त में आए सुजीत पांडे ने महाराष्ट्र के थाने में मोहन परमार को जान से मारने की नीयत से पिस्तौल से फायर किया था। इस मामले में मुकदमा दर्ज किया गया था। जिसके बाद से आरोपी मुंबई से फरार होकर पूर्वांचल भाग गए। इस मामले में मुंबई पुलिस ने यूपी एसटीएफ से सहयोग मांगा। इसके बाद वाराणसी की फील्ड यूनिट के इंस्पेक्टर अनिल कुमार सिंह के नेतृत्व में एक टीम आरोपियों की तलाश में जुट गई। इसी बीच यूपीएसटीएफ को सूचना मिली कि मुकदमे में फरार चल रहा है एक आरोपी मनोज ठठेरा आजमगढ़ के देवगांव अपने घर में छुपा हुआ है। इस सूचना पर मौके पर पहुंची एसटीएफ ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जबकि दूसरे आरोपी को बलिया से गिरफ्तार किया गया। पुलिस विवेचना और गिरफ्तार अभियुक्तगणों से पूछतांछ से पाया गया कि मोहन परमार अजंली इण्डस्ट्रीज डायमण्ड इण्डस्ट्रीयल स्टेट नामक कम्पनी बसई ईस्ट में है। जिसमें सागर बानोसाली व उपेन्द्र पार्टनर है तथा ये दोनों कम्पनी में सीए का भी काम में देखते हैं। मोहन परमार का काफी पैसा सागर बानोसाली के पास बकाया था, जिस कारण सागर बानोसीली मोहन परमार की हत्या करवाना चाहता था। सागर बानोसाली द्वारा अपने सीए मित्र विजय विश्वकर्मा मूल निवासी जौनपुर के साथ मिलकर मोहन परमार को मरवाने की योजना बनायी गयी तथा कम्पनी के एक कर्मचारी मनोज ठठेरा पुत्र मूलचन्द नि. देवगांव आजमगढ़ को इस योजना में शामिल किया गया। मनोज ठठेरा ने अपने मित्र सुजीत पाण्डेय जो की गुजरात में सिक्योरिटी गार्ड का काम करता था, को सागर बानोसाली व विजय विश्वकर्मा से मिलवाया। विजय विश्वकर्मा ने इस घटना को करने के लिए सुजीत पाण्डेय को 10 लाख रूपये एक साथ व एक लाख रूपये प्रति महीने आजीवन देने का प्रलोभन दिया। 24 जुलाई को किया गया था हमला 24 जुलाई 2026 को सायं 8.00 बजे जब मोहन परमान अपने ऑफिस से जाने के लिये चार पहिया वाहन में बैठ रहा था। तभी सुजीत पाण्डेय द्वारा मोहन परमार पर पिस्टल से फायर कर दिया गया। जिसमें मोहन परमार गम्भीर रूप से घायल हो गए, जिनका उपचार वर्तमान में चल रहा है। घटना के बाद सुजीत पाण्डेय वहां से फरार हो गया तथा अपने ससुराल पुरा चट्टी, थाना भीमपुरा जनपद बलिया में छिपकर रहने लगा, जहां से आज उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले में समस्त अग्रिम कार्रवाई महाराष्ट्र पुलिस के द्वारा की जा रही है।
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