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    यूपी की IAS अदिति ने बिना बैंड-बाजे के शादी की:कोई फिजूलखर्ची नहीं; एक-दूजे को वरमाला पहनाई; ट्रेनिंग में शुरू हुई थी लव स्टोरी

    8 hours ago

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    दिखावे की दुनिया में 2023 बैच के दो युवा IAS अधिकारियों ने सादगी की नई मिसाल पेश की है। बरेली की रहने वाली अदिति वार्ष्णेय और माधव भारद्वाज ने एक दूसरे को एक माला पहनाई और सात जन्मों के लिए एक हो गए। राजस्थान में अलवर कलेक्ट्रेट का चैंबर मंडप बना। बिना तामझाम के शादी हुई। शादी में न तो बैंडबाजा था, न पंडित और न ही बाराती। दूल्हा और दुल्हन बुधवार को अपने परिवार वालों के साथ कलेक्ट्रेट आए थे। दोनों ने कोर्ट मैरिज करके जीवनभर का साथ निभाने का वादा किया। IAS माधव भारद्वाज अलवर के SDM हैं, जबकि अदिति गुजरात में जामनगर की SDM हैं। दोनों बुधवार को एक-दूसरे के हमसफर बन गए। 3 फोटो देखिए… अब विस्तार से पढ़िए… IAS वर-वधू ने एक-दूसरे को पहनाई वरमाला माधव भारद्वाज और अदिति ने बुधवार को जिला कलेक्टर डॉ. अर्तिका शुक्ला के सामने अपनी शादी रजिस्टर्ड करवाई। कलेक्टर के चैंबर में IAS वर-वधू ने एक-दूसरे को माला पहनाई। शादी की खबर लगते ही कुछ ही देर में आस-पास के कर्मचारी और अधिकारी कलेक्टर डॉ. अर्तिका शुक्ला के चैंबर में पहुंच गए। ट्रेनिंग के दौरान शुरू हुई लव स्टोरी अदिति और माधव की पहली मुलाकात लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) में ट्रेनिंग के दौरान हुई थी। दोनों की सोच एक जैसी थी। प्रशासनिक सेवा में रहते हुए सरल जीवन जीने की सोच ने दोनों की दोस्ती को प्यार में बदल दिया। दोनों अधिकारियों ने यह फैसला लिया था कि वे शादी में फिजूलखर्ची से दूर रहेंगे, ताकि नई पीढ़ी के अफसरों और युवाओं को सादगी का संदेश दिया जा सके। अब दोनों की सक्सेस स्टोरी जानिए… IAS अदिति ने पहले प्रयास में ही सफलता हासिल की वर्तमान में अदिति गुजरात कैडर के जामनगर में प्रांत अधिकारी (SDM) के पद पर तैनात हैं। उनके पिता दिनेश वार्ष्णेय ने बताया कि बरेली में जल्द ही रीति-रिवाज के साथ भी कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। पिता व्यापारी, मां हाउसमेकर: बरेली में बिहारीपुर की रहने वाली हैं। उनकी शुरुआती पढ़ाई भी बरेली के ही बिशप कोनराड स्कूल हुई है। वह तीन भाई-बहन में सबसे बड़ी हैं। पिता कपड़े के स्थानीय व्यापारी हैं और मां हाउस मेकर हैं। पोस्ट ग्रेजुएशन छोड़कर तैयारी की: अदिति ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के जीसस एंड मैरी कॉलेज से बीए ऑनर्स की डिग्री हासिल की है। इसके बाद उन्होंने पोस्ट ग्रेजुएशन में दाखिला लिया था। लेकिन बीच में ही पढ़ाई छोड़कर यूपीएससी की तैयारी में लग गईं। उन्होंने यूपीएससी सिविल सर्विस एग्जाम पहले प्रयास में क्लीयर किया। उनकी ऑल इंडिया 57वीं रैंक थी। बिना कोचिंग के पाई सफलता: अदिति ने अपने कई इंटरव्यू में बताया था कि उन्होंने जीएस की कोई कोचिंग नहीं की थी। लेकिन सोशियोलॉजी की तैयारी के लिए टेस्ट सीरीज ज्वाइन की थी। यूपीएससी मेन्स एग्जाम में सोशियोलॉजी उनका ऑप्शनल सब्जेक्ट था। जब यूपीएससी का रिजल्ट आया तो उन्हें अपनी कामयाबी पर एकबारगी तो यकीन ही नहीं हुआ। इसलिए उन्होंने रिजल्ट का पीडीएफ फाइल दोबार डाउनलोड किया। मां के अधूरे सपने को पूरा किया: अदिति की आईएएस अफसर बनने की यात्रा उनकी मां के अधूरे सपने से पैदा हुई। घर में हाउसमेकर की भूमिका निभाने वाली मां इंदु वार्ष्णेय के मन में भी आईएएस अफसर बनने की इच्छा थी। यह सपना उनकी बेटी ने साकार किया। IAS माधव ने छोड़ी कॉर्पोरेट की नौकरी बचपन में इंजीनियर बनने का सोचा था: उत्तराखंड में मसूरी के रहने वाले माधव भारद्वाज का सफर भी काफी प्रेरणादायक रहा है। माधव भारद्वाज ने बचपन में IAS की बजाय इंजीनियर बनने का सपना देखा था। 12वीं के बाद एमएनएनआईटी, प्रयागराज में बीटेक कंप्यटर साइंस में दाखिला लिया। कोरोनाकाल में तैयारी शुरू की: बीटेक की डिग्री हासिल करने के बाद आईआईएम अहमदाबाद से MBA किया। इसके बाद मल्टीनेशनल कंपनी माइक्रोसॉफ्ट में प्रोडक्ट मैनेजर के पद पर उनकी जॉब लग गई। साल 2020 में कोरोना महामारी ने दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया। जिसके चलते उन्हें काफी समय के लिए वर्क फ्रॉम होम मिल गया। पहले अटेम्ट में 3 नंबर से चूके: इसी दौरान ही माधव के मन में IAS बनने का ख्याल आया। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी में जी-जान से लग गए। पहले ही अटेम्प्ट में महज तीन अंक की कमी से फाइनल सेलेक्शन होते-होते रह गया। दूसरे अटेम्ट में 536 रैंक मिली: माधव ने अपने दूसरे अटेम्प्ट में प्रीलिम्स, मेन्स और इंटरव्यू राउंड क्लीयर कर लिया। उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2022 में 536 रैंक हासिल की। वर्तमान में माधव राजस्थान के अलवर में एसडीएम के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। …………… यह खबर भी पढ़िए:- अविमुक्तेश्वरानंद बोले- डिप्टी सीएम पाप धोने-पोंछने का काम कर रहे:उनके पास पावर ही नहीं; योगी असली हिंदू या फिर वेशधारी शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सीएम योगी पर हमलावर हैं। उन्होंने गुरुवार को वाराणसी में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- दोनों डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और केशव मौर्य भाजपा को हो रही क्षति को बचाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन ये मठाधीश महाराज हठ पर उतारू हैं। कालनेमि कौन है? इसका स्पष्टीकरण नहीं दिया गया। ये असली हिंदू हैं या फिर छल, वेशधारी और ढोंगी आचरण के हैं। अविमुक्तेश्वरानंद ने संत समाज को अल्टीमेटम दिया। कहा- 10 दिन में बताएं कि आप किसके साथ हैं। जो उनके पक्ष में होगा, उसके साथ भी सीएम जैसा व्यवहार किया जाएगा। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के 101 बटुकों की पूजा करने पर अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा- उन्होंने ऐसा कर अपनी भावना दिखाई है। उन्होंने यह बताया कि मेरे मुख्यमंत्री, आपने जो किया वह पाप था, जिसे मैं धोने-पोंछने का प्रयास कर रहा हूं। अगर यह सब राजनीति के तहत नहीं होता, तो जिस बटुक की चोटी खींची गई थी, उसे बुलाकर पूजन करते? पढ़ें पूरी खबर…
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