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    350 KM दंडवती कर मथुरा पहुंचा युवक:संत प्रेमानंद महाराज की सलामती के लिए जलाभिषेक करेगा, हरिद्वार से गंगाजल लेकर आया है

    6 hours ago

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    संत प्रेमानंद महाराज के बेहतर स्वास्थ्य की कामना के लिए फरीदाबाद के युवक रमण ने 350 किलोमीटर की दंडवती कांवड़ यात्रा की। हरिद्वार से गंगाजल लेकर निकले रमण 62 दिन में दंडवती करते हुए वृंदावन पहुंचे। उनका संकल्प है कि संत प्रेमानंद महाराज हमेशा स्वस्थ रहें और अपने प्रवचनों के जरिए लोगों को जीवन की सही राह दिखाते रहें। 3 साल से संत प्रेमानंद के प्रवचन सुन रहे हरियाणा के फरीदाबाद निवासी रमण पिछले तीन साल से संत प्रेमानंद महाराज के प्रवचनों को फॉलो कर रहे हैं। जब भी समय मिलता है, वह वृंदावन आकर संत के दर्शन करते हैं। रमण का कहना है कि उनके प्रवचनों से उन्हें जीवन में बहुत कुछ सीखने को मिला और उनकी सोच में भी बदलाव आया। स्वास्थ्य खराब होने पर होती है चिंता रमण ने बताया कि जब भी संत प्रेमानंद महाराज के स्वास्थ्य से जुड़ी कोई खबर सामने आती है तो उन्हें चिंता होती है। वह राधा रानी और भगवान शिव से उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं। काफी समय से मन में इच्छा थी कि गुरु के बेहतर स्वास्थ्य की कामना के लिए हरिद्वार से कांवड़ लेकर वृंदावन आएं। इसी संकल्प के साथ उन्होंने यात्रा शुरू की। 20 जून को हरिद्वार से शुरू हुई यात्रा रमण 19 जून को हरिद्वार पहुंचे थे। 20 जून की सुबह पूजा-अर्चना के बाद उन्होंने दंडवती कांवड़ यात्रा शुरू की। वह रोजाना करीब 6 से 7 किलोमीटर दंडवती करते हुए आगे बढ़ते रहे। 62वें दिन वृंदावन पहुंचे और सीधे केली कुंज आश्रम पहुंचे। 4 दोस्तों ने निभाया साथ यात्रा में रमण के चार दोस्त भी उनके साथ रहे। तीन दोस्त आगे-पीछे चलकर रास्ते में उनकी जरूरतों का ध्यान रखते थे। एक दोस्त ई-रिक्शा लेकर साथ चलता था। इसमें स्पीकर लगा था, जिस पर लगातार भजन बजते रहते थे। खाने-पीने का सामान और कपड़े भी इसी ई-रिक्शा में रखे गए थे। रमण के दंडवती करते हुए आगे बढ़ने के दौरान दोस्त भी कदम से कदम मिलाकर चलते रहे। अब सावन के अंतिम सोमवार को वह कांवड़ में लाए गए गंगाजल से शिवालय में जलाभिषेक करेंगे और अपना संकल्प पूरा करेंगे।
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