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    अभिनेत्री कंगना केस में वादी ने नहीं की बहस:रिवीजन के लिए मांगा समय, किसानों आंदोलन पर की थी टिप्पणी, 22 सितंबर मिली अगली तारीख

    21 hours ago

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    भाजपा सांसद और फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत के खिलाफ किसानों के अपमान और राजद्रोह के मामले में शनिवार को स्पेशल कोर्ट एमपी-एमएलए अनुज कुमार सिंह की अदालत में बहस नहीं हो सकी। बहस के लिए तय तारीख पर वादी वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर समय मांगा। वादी ने कहा कि वह 4 अगस्त 2026 को कोर्ट की ओर से पारित आदेश के खिलाफ सेशन कोर्ट में रिवीजन दाखिल करना चाहते हैं। इसलिए बहस के लिए उन्हें समय दिया जाए। कोर्ट के कहने पर कंगना की ओर से पेश जूनियर अधिवक्ता सुधा प्रधान ने प्रार्थना पत्र पर लिखित आपत्ति दाखिल की। इसके बाद कोर्ट ने बहस के लिए 22 सितंबर 2026 की तारीख तय कर दी। 4 अगस्त के आदेश पर वादी को आपत्ति दरअसल, 4 अगस्त को वादी ने प्रार्थना पत्र देकर पुलिस की ओर से दाखिल रिपोर्ट पर आपत्ति जताई थी। वादी का आरोप था कि बीएनएसएस की धारा 225(1) के तहत पूरी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। पुलिस ने कंगना का बयान लेने के बजाय उनकी ओर से कोर्ट में पेश अधिवक्ता अनसूया चौधरी का बयान लेकर रिपोर्ट दाखिल कर दी। वादी ने कहा था कि अधूरी रिपोर्ट के आधार पर बहस नहीं हो सकती। हालांकि कोर्ट ने यह प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया था और 5 सितंबर को बहस की तारीख तय की थी। इसी तारीख पर आज वादी ने बहस करने के बजाय रिवीजन के लिए समय मांग लिया। किसान आंदोलन के बयान से जुड़ा है मामला कंगना के खिलाफ यह परिवाद अगस्त 2024 में किसान आंदोलन को लेकर दिए गए उनके बयान पर दाखिल किया गया था। वादी रमाशंकर शर्मा ने सितंबर 2024 में कोर्ट में शिकायत की थी। आरोप है कि कंगना की टिप्पणी से किसानों की भावनाएं आहत हुईं। कंगना ने किसान आंदोलन को लेकर कहा था कि आंदोलन के दौरान हिंसा, हत्या और बलात्कार जैसी घटनाएं हुईं और यदि देश का नेतृत्व मजबूत नहीं होता तो भारत में बांग्लादेश जैसे हालात पैदा हो सकते थे। बाद में उन्होंने अपने बयान की गलत व्याख्या किए जाने की बात कही थी। पहले भी खारिज हो चुका है परिवाद स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट ने 6 मई 2025 को परिवाद खारिज कर दिया था। इसके खिलाफ वादी ने सेशन कोर्ट में रिवीजन दाखिल किया। नवंबर 2025 में रिवीजन स्वीकार करते हुए मामला दोबारा सुनवाई के लिए भेजा गया था। इसके बाद पुलिस रिपोर्ट और बीएनएसएस की धारा 225(1) के अनुपालन को लेकर वादी ने आपत्ति उठाई। इसी विवाद में 4 अगस्त को कोर्ट ने वादी का प्रार्थना पत्र खारिज किया था। अब 22 सितंबर को होगी बहस आज की सुनवाई में वादी पक्ष ने बहस से पहले ही रिवीजन दाखिल करने के लिए समय मांग लिया। कंगना की ओर से इसका विरोध किया गया। कोर्ट ने फिलहाल 22 सितंबर को बहस के लिए तारीख तय करते हुए वादी को अंतिम अवसर दिया है।
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