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    सई नदी का जलस्तर बढ़ा,ग्रामीणों ने बनाया बांस का पुल:SDM ने पहुंचकर हटवाया, रसूलपुर-अकबरपुर में सड़क कटने से आवागमन प्रभावित

    12 minutes ago

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    उन्नाव में सई नदी का जलस्तर बढ़ने से हसनगंज तहसील के रसूलपुर-अकबरपुर मार्ग पर ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। नदी के तेज बहाव में सड़क का एक बड़ा हिस्सा कट जाने से रास्ते पर आवागमन प्रभावित है। कई दिनों तक कोई स्थायी व्यवस्था नहीं होने पर ग्रामीणों ने खुद बांस का अस्थायी पुल बना लिया था। हालांकि, रविवार को प्रशासन ने इसे असुरक्षित बताते हुए हटवा दिया। एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर हटवाया पुल रविवार दोपहर करीब 3 बजे हसनगंज एसडीएम शालिनी तोमर अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचीं। प्रशासन ने ग्रामीणों द्वारा बनाए गए बांस के पुल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने नदी के तेज बहाव और बढ़े जलस्तर को देखते हुए पुल को असुरक्षित बताया। अधिकारियों के मुताबिक, कच्चे बांस के पुल से नदी पार करना ग्रामीणों के लिए हादसे का कारण बन सकता है। सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने पुल को हटवा दिया। अब नाव से होगा आवागमन प्रशासन की ओर से ग्रामीणों के लिए नाव की व्यवस्था करने की बात कही गई है। इससे नदी का जलस्तर बढ़ने के बावजूद ग्रामीण सुरक्षित तरीके से नदी पार कर सकेंगे। हालांकि, नाव की व्यवस्था कितने समय तक प्रभावी रहेगी, यह नदी के जलस्तर और बहाव पर निर्भर करेगा। सड़क कटने से कई गांवों का संपर्क प्रभावित रसूलपुर-अकबरपुर मार्ग आसपास के कई गांवों के लिए प्रमुख संपर्क मार्ग है। सड़क का हिस्सा कटने के बाद इस रास्ते से आवागमन लगभग बंद हो गया था। ग्रामीणों को रोजमर्रा के काम के लिए लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा था। इससे किसानों, मजदूरों, स्कूली बच्चों और बाजार जाने वाले लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही थी। ग्रामीणों ने बताया कि नदी का पानी बढ़ने के साथ रास्ते की स्थिति लगातार खराब होती गई। ग्रामीणों ने खुद बनाया था बांस का पुल कई दिनों तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने पर ग्रामीणों ने मिलकर बांस इकट्ठा किए और नदी के ऊपर अस्थायी पुल तैयार कर लिया था। इससे पैदल आवागमन शुरू होने की उम्मीद जगी थी। हालांकि, नदी के तेज बहाव और पुल की मजबूती को देखते हुए प्रशासन ने इसे हटवा दिया। अब ग्रामीणों को नाव की व्यवस्था का इंतजार है। पहले भी बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं गांव हसनगंज तहसील क्षेत्र में सई नदी का जलस्तर बढ़ने पर पहले भी कई गांव बाढ़ से प्रभावित हो चुके हैं। नदी का पानी बढ़ने से निचले इलाकों और संपर्क मार्गों पर असर पड़ता है। फिलहाल ग्रामीण नदी के जलस्तर और प्रशासन की वैकल्पिक व्यवस्था पर नजर बनाए हुए हैं। नाव चलने के बाद आवागमन में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
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