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    अवैध भूजल दोहन पर कार्रवाई नहीं, देवरिया डीएम को NGT:औद्योगिक इकाइयों, ईंट-भट्ठों में अवैध दोहन की शिकायत पर जवाब मांगा

    8 hours ago

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    देवरिया में औद्योगिक इकाइयों, ईंट-भट्ठों, अस्पतालों और होटलों सहित अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों द्वारा कथित अवैध भूजल दोहन पर कार्रवाई न होने के मामले में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने जिला प्रशासन से जवाब मांगा है। एनजीटी की प्रधान पीठ ने जिलाधिकारी (डीएम) को नोटिस जारी कर अगली सुनवाई से कम से कम एक सप्ताह पहले अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को होगी। यह मामला एनजीटी में 'निर्मल कुमार त्रिपाठी बनाम डीएम देवरिया व अन्य' के नाम से चल रहा है। 17 जुलाई को अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. अफरोज अहमद की पीठ ने इस मामले की सुनवाई की थी। आवेदक की ओर से जिले में विभिन्न औद्योगिक और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों द्वारा बड़े पैमाने पर भूजल दोहन किए जाने की शिकायत की गई थी। आवेदक ने एनजीटी को बताया कि 29 अगस्त 2025 को अधिकरण ने एक आदेश जारी कर उन्हें उत्तर प्रदेश भूजल (प्रबंधन एवं विनियमन) अधिनियम, 2019 की धारा 43 के तहत डीएम के समक्ष विस्तृत शिकायत देने की अनुमति दी थी। उस आदेश में जिलाधिकारी को निर्देश दिए गए थे कि शिकायत मिलने के छह माह के भीतर जांच कर नियमों का उल्लंघन करने वालों की पहचान करें और आवश्यक दंडात्मक व सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करें। आवेदक के अधिवक्ता शशांक राय ने एनजीटी को बताया कि अधिकरण के आदेश के अनुपालन में 1 सितंबर और 23 सितंबर 2025 को डीएम के समक्ष शिकायतें दी गईं, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने 26 सितंबर के मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) के आदेश का हवाला देते हुए बताया कि शिकायत के निस्तारण के लिए एक उपसमिति गठित की गई थी, लेकिन इसके बाद कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी। मामले की सुनवाई के बाद एनजीटी ने जिलाधिकारी को नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई से एक सप्ताह पहले अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। साथ ही, आवेदक को भी नोटिस तामील कराने और सुनवाई से कम से कम एक सप्ताह पहले शपथपत्र दाखिल करने को कहा गया है।
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