Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    बेंगलुरु से लापता लड़की 7 महीने बाद OTP से मिली:सरकारी योजना के लिए पति के नंबर से रजिस्ट्रेशन कराया था, पुलिस ने ट्रैक किया

    22 hours ago

    1

    0

    कर्नाटक के बेंगलुरु में जनवरी से लापता 18 साल की छात्रा को पुलिस ने करीब 7 महीने बाद OTP की मदद से खोज निकाला। वह 31 जनवरी को नाबालिग सहेली के साथ कॉलेज जाने का कहकर घर से निकली थी। दोनों मोबाइल फोन और ATM कार्ड घर पर छोड़ गई थीं। उनके पास सिर्फ आधार कार्ड और कॉलेज बैग था। काफी समय तक पुलिस को दोनों का कोई सुराग नहीं मिला। बाद में छात्रा ने आधार कार्ड से एक सरकारी स्वास्थ्य योजना के लिए आवेदन किया। इसमें उसने अपने पति का मोबाइल नंबर दिया था। आवेदन के दौरान इसी नंबर पर OTP आया। CID ने नंबर को ट्रेस किया और छात्रा तक पहुंच गई। पुलिस के मुताबिक, छात्रा ने शादी कर ली है और वह गर्भवती है। हाईकोर्ट में पेश करने के बाद उसे उसके माता-पिता को सौंप दिया गया। हालांकि, उसके साथ घर से निकली नाबालिग लड़की का अभी तक पता नहीं चला है। CID उसकी तलाश कर रही है। 31 जनवरी को सहेली के साथ घर से निकली थी तनिष्का बेंगलुरु के विद्यारण्यपुरा इलाके में परिवार के साथ रहती थी और PUC सेकेंड ईयर की छात्रा थी। 31 जनवरी को वह अपनी नाबालिग सहेली के साथ घर से निकली। दोनों ने परिवार से कॉलेज जाने की बात कही थी, लेकिन वापस नहीं लौटीं। पुलिस के मुताबिक, दोनों मोबाइल फोन और ATM कार्ड घर पर छोड़ गई थीं। वे सिर्फ आधार कार्ड और कॉलेज बैग लेकर निकली थीं। इससे उनकी लोकेशन पता करना मुश्किल हो गया। दोस्तों को फोन कर बताया- हम पहाड़ियों पर हैं घर से निकलने के कुछ दिन बाद दोनों ने दोस्तों को फोन किया और बताया कि वे माले महादेश्वर हिल्स में हैं। उन्होंने करीब एक सप्ताह बाद फिर फोन करने की बात कही, लेकिन इसके बाद संपर्क नहीं हुआ। परिवार की शिकायत पर विद्यारण्यपुरा पुलिस ने गुमशुदगी का केस दर्ज किया। पुलिस ने 10 सदस्यों की टीम बनाकर 100 से ज्यादा जगहों पर तलाश की। सुराग नहीं मिलने पर परिवार हाईकोर्ट पहुंचा। अप्रैल में कर्नाटक हाईकोर्ट ने मामले की जांच CID को सौंप दी। CID ने दोनों के घर से निकलने और संभावित ठिकानों की जांच शुरू की। दोनों ने पहले सुसाइड का फैसला किया था CID के मुताबिक, दोनों पहले मैसूरु और फिर चामराजनगर के मंदिर गईं। इसके बाद वे माले महादेश्वर हिल्स पहुंचीं। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, दोनों वहां आत्महत्या करने का इरादा लेकर गई थीं। वहां उनकी मुलाकात दो युवकों से हुई। दोनों युवकों ने उन्हें ऐसा करने से रोका। इसके बाद दोनों लड़कियां अलग-अलग युवकों के साथ चली गईं। युवक से मंदिर में की शादी पुलिस के मुताबिक, तनिष्का जिस युवक के साथ गई, उसके परिवार ने रिश्ता स्वीकार कर लिया। इसके बाद दोनों ने मंदिर में शादी कर ली और कनकपुरा तालुक के एक गांव में रहने लगे। तनिष्का के पास मोबाइल या SIM कार्ड नहीं था, इसलिए उसकी लोकेशन पता करना मुश्किल रहा। आधार कार्ड-OTP बने सुराग CID को पता था कि तनिष्का के पास आधार कार्ड है। जांच के दौरान पता चला कि उसने अपने आधार की मदद से एक सरकारी स्वास्थ्य योजना में रजिस्ट्रेशन कराया था। आवेदन में उसने पति का मोबाइल नंबर दिया था। इस नंबर पर OTP आया था। CID ने नंबर ट्रेस कर उसके पति तक पहुंच बनाई। पूछताछ के बाद पुलिस को तनिष्का का पता चला। तनिष्का को खोजने के बाद CID ने उसे हाईकोर्ट में पेश किया, जहां से उसे माता-पिता को सौंप दिया गया। पुलिस के मुताबिक, तनिष्का अब गर्भवती है। छात्रा ने कहा- घर में खुद को उपेक्षित महसूस करती थी CID के मुताबिक, तनिष्का ने बताया कि पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन नहीं करने पर माता-पिता उसे डांटते थे। उसे लगता था कि माता-पिता उसकी बड़ी बहन को ज्यादा पसंद करते हैं। पुलिस के अनुसार, उसके साथ गायब हुई नाबालिग लड़की ने भी घर में खुद को उपेक्षित महसूस करने की बात कही। पुलिस का दावा है कि उसके माता-पिता कथित तौर पर बेटा चाहते थे।
    Click here to Read more
    Prev Article
    जम्मू-कश्मीर के डोडा में पाकिस्तानी आतंकी का सड़ा शव बरामद:M4 राइफल भी मिली, 1980 में इसका इस्तेमाल अमेरिकी सेना अफगानिस्तान में करती थी
    Next Article
    दिल्ली में नए वोटर आवेदन 2.56 लाख पार:ड्राफ्ट रोल जारी, 30 सितंबर तक दावे-आपत्तियां; 4 नवंबर को अंतिम सूची

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment