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    BHU के आरोपी डॉक्टर बोले-मैंने थप्पड़ नहीं मारा:पद्मश्री प्रो. लहरी से मारपीट का केस, कॉर्डियोलॉजी के पूर्व विभागाध्यक्ष ने FIR की मांग की

    5 hours ago

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    BHU हॉस्पिटल के ICU में भर्ती पद्मश्री प्रोफेसर डॉ. टीके लहरी से मारपीट के आरोपी डॉ. अरविंद पांडे ने सफाई दी है। उनका कहना है कि डॉ. लहरी ने बेड पर ही गंदगी कर दी थी। सफाई करने पहुंचे वार्ड बॉय पर वह थूकने लगे। संक्रमण के खतरे को देखते हुए उन्हें फोर्स करके बेड से उठाया गया और सफाई कराई गई। उन्हें थप्पड़ मारने या मारपीट करने का आरोप गलत है। 85 वर्षीय प्रो. लहरी बीएचयू अस्पताल के आईसीयू में करीब आठ महीने से भर्ती हैं। उन्हें लंग्स में पानी होने की वजह से भर्ती कराया गया था। उनकी भांजी केतकी ने डॉ. पांडे पर गाली देने और थप्पड़ मारने का आरोप लगाया था। मामले में बीएचयू प्रशासन ने जांच के लिए मेडिकल बोर्ड (कमेटी) का गठन किया है। 'संक्रमण से बचाने के लिए फोर्स किया' कार्डियोथोरेसिक विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अरविंद पांडे के मुताबिक, डॉ. टीके लहरी बेड की सफाई नहीं करने दे रहे थे। संक्रमण बढ़ने का खतरा था। इसी वजह से मजबूरी में डॉ. लहरी को फोर्स करके बेड साफ कराया। डॉ. लहरी को थप्पड़ मारने का आरोप गलत है। 29 अगस्त की घटना, आंख पर चोट के निशान डॉ. लहरी की भांजी केतकी ने आरोप लगाया था कि 29 अगस्त की रात आईसीयू में उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। उनका दावा है कि डॉ. अरविंद पांडे ने उन्हें गाली दी और थप्पड़ मारा। इससे उनके चेहरे और एक आंख में चोट आई। केतकी के मुताबिक उनको विभाग के किसी कर्मचारी ने 1 सितंबर को घटना की जानकारी दी थी। इसके बाद उन्हें डॉ. लहरी के चोट के निशान वाले फोटो और वीडियो उपलब्ध कराए गए। उन्होंने बीएचयू के कुलपति, आईएमएस निदेशक और चिकित्सा अधीक्षक को ई-मेल भेजकर शिकायत की और निष्पक्ष जांच की मांग की। केतकी ने डॉ. लहरी की मेडिकल जांच कराने की मांग भी की है, ताकि यह पता चल सके कि उन्हें बाहरी चोट के अलावा कोई अंदरूनी चोट तो नहीं आई। कॉर्डियोलॉजी के पूर्व विभागाध्यक्ष बोले- FIR होनी चाहिए कॉर्डियोलॉजी के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. ओम शंकर ने भी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि मरीज किसी भी तरह का व्यवहार कर रहा हो, उसके साथ जबरदस्ती या मारपीट नहीं की जा सकती। डॉ. ओम शंकर ने कहा कि मरीज की स्थिति चाहे जैसी हो, उसके साथ मानवीय व्यवहार किया जाना चाहिए। किसी भी परिस्थिति में कानून को अपने हाथ में नहीं लिया जा सकता। उन्होंने मारपीट के आरोपी डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और पूरे मामले में जिम्मेदारी तय करने की मांग की। बीएचयू ने बनाई जांच कमेटी शिकायत के बाद बीएचयू प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मेडिकल बोर्ड/कमेटी का गठन किया है। बोर्ड के सदस्यों ने आईसीयू में जाकर डॉ. लहरी की स्थिति का जायजा लिया है। प्रशासन का कहना है कि जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट होगी। प्रो. लहरी के शिष्य हैं आरोपी डॉक्टर इससे पहले आईएमएस निदेशक डॉ. एसएन संखवार ने कहा था कि परिजनों की ओर से ई-मेल मिलने के बाद अधिकारी मौके पर पहुंचे थे। उनके मुताबिक, जिस डॉक्टर पर आरोप लगाया गया है, वही डॉ. लहरी की सेवा कर रहे हैं और वह उनके शिष्य भी हैं। निदेशक ने यह भी कहा था कि उन्हें उपलब्ध रिपोर्ट और स्थिति की जानकारी परिजनों को दी गई है। चिकित्सा अधीक्षक प्रो. पुनीत कुमार ने भी कहा था कि पिटाई के आरोप प्रथम दृष्टया सही नहीं लग रहे हैं। हालांकि, मामले की जांच मेडिकल बोर्ड कर रहा है। 27 जनवरी से ICU में भर्ती हैं डॉ. लहरी पद्मश्री प्रो. टीके लहरी 27 जनवरी 2026 से बीएचयू अस्पताल के आईसीयू में भर्ती हैं। परिजनों के मुताबिक, वह इससे पहले करीब 15 दिन तक घर में बिस्तर पर रहे थे। बाद में उन्हें बीएचयू अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिजनों का आरोप है कि उन्हें डॉ. लहरी की बीमारी और घटना की जानकारी समय पर बीएचयू प्रशासन से नहीं मिली। उनका कहना है कि घटना की जानकारी भी विभाग के एक डॉक्टर के जरिए मिली थी। कांग्रेस महानगर अध्यक्ष ने कार्रवाई की मांग की प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के निर्देश पर महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे रविवार को बीएचयू पहुंचे और डॉ. लाहिरी के स्वास्थ्य की जानकारी ली। चौबे ने कहा कि 85 वर्षीय वरिष्ठ चिकित्सक के साथ इस प्रकार का व्यवहार चिकित्सा जगत की गरिमा और मानवीय संवेदनाओं पर गंभीर सवाल है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कर दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की मांग की। इस दौरान चंचल शर्मा, रोहित दुबे, प्रिंस चौबे और आयुष पटेल मौजूद रहे। 2003 में रिटायर हुए, फिर भी मरीजों को देखते रहे कोलकाता में 3 जनवरी 1941 को जन्मे डॉ. टीके लहरी वर्ष 2003 में आईएमएस बीएचयू से रिटायर हुए थे। इसके बाद भी उनका मरीजों की सेवा का सिलसिला जारी रहा। परिजनों के मुताबिक, वह घर से पैदल सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक की ओपीडी तक जाते और मरीजों को देखते थे। वह नरिया गेट से एनसीसी बटालियन वाली लेन और कुलपति आवास के सामने से होते हुए सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक तक जाते थे। उम्र बढ़ने के बावजूद मरीजों की सेवा के प्रति उनका समर्पण बना रहा। 2006 में मिला था पद्मश्री चिकित्सा क्षेत्र और मरीजों की सेवा में योगदान के लिए डॉ. टीके लहरी को 2006 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। परिजनों के मुताबिक, वह अपनी पेंशन का बड़ा हिस्सा विभिन्न संस्थानों को दान करते रहे हैं। परिवार का कहना है कि डॉ. लहरी किसी से आर्थिक मदद लेना पसंद नहीं करते और सादगीपूर्ण जीवन जीते हैं। -------------- ये खबर भी पढ़ें… यूपी-सहारनपुर कलेक्ट्रेट में ढहाई मस्जिद के नीचे कुआं मिला, राजभर ने अखिलेश से पूछा- वहां फातिहा पढ़ेंगे सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद ढहाए जाने के बाद नीचे कुआं मिला है। यह 20 फीट गहरा और डेढ़ मीटर चौड़ा है। कुआं स्लैब (पत्थर) से ढंका था। प्रशासन ने कटर से पत्थर कटवाया तो कुआं दिखाई दिया। पुलिस ने इसे लोहे की चादर से ढंक दिया है, ताकि मलबा अंदर न जाए। कुआं कितना पुराना है? इसका पता लगाने के लिए प्रशासन ने ASI को बुलाया है। मौके पर भारी फोर्स तैनात है। बैरिकेडिंग करके किसी को वहां जाने नहीं दिया जा रहा। मस्जिद की शिकायत करने वाले विकास त्यागी ने दावा किया- यहां पहले मंदिर रहा होगा। उसे तोड़कर मस्जिद बनाई गई। जांच होनी चाहिए। पूरी खबर पढ़िए…
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