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    BHU में छात्रों का उपवास:झारखंड में लाठीचार्ज के विरोध में देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी

    1 hour ago

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    झारखंड में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में काशी हिंदू विश्वविद्यालय के छात्रों ने मोर्चा खोल दिया है। छात्रों ने BHU परिसर में एक दिवसीय उपवास रखकर झारखंड के आंदोलनरत विद्यार्थियों के समर्थन में आवाज बुलंद की। छात्रों ने झारखंड सरकार से विद्यार्थियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने और पूरे मामले का उचित समाधान निकालने की मांग की है। BHU के छात्रों का कहना है कि झारखंड में अपने अधिकारों और परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे विद्यार्थियों पर जिस तरह से लाठीचार्ज किया गया, वह लोकतांत्रिक व्यवस्था में उचित नहीं है। छात्रों ने लाठीचार्ज की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए घायल और चोटिल विद्यार्थियों के प्रति एकजुटता जताई। एक दिन के उपवास से बड़े आंदोलन का संकेत BHU के छात्रों ने स्पष्ट किया कि यह उपवास केवल सांकेतिक विरोध नहीं है, बल्कि आगे होने वाले बड़े आंदोलन की शुरुआत है। छात्रों ने कहा कि झारखंड में चल रहा छात्र आंदोलन अब केवल एक राज्य तक सीमित नहीं रह गया है। देश के अलग-अलग विश्वविद्यालयों और छात्र संगठनों तक इसकी आवाज पहुंच रही है। छात्र नेता अभय सिंह ने कहा कि झारखंड के विद्यार्थियों की मांगों के समर्थन में BHU के छात्र एक दिन के उपवास पर बैठे हैं। उन्होंने सरकार को संदेश देते हुए कहा कि विद्यार्थियों की मांगों को गंभीरता से सुना जाए और उनके साथ संवाद के माध्यम से समाधान निकाला जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि छात्रों की मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो BHU के छात्र वाराणसी की सड़कों पर उतरने के साथ-साथ झारखंड जाने का भी निर्णय ले सकते हैं। किन मांगों को लेकर चल रहा है विरोध? BHU छात्रों के मुताबिक झारखंड में आंदोलन कर रहे विद्यार्थियों की प्रमुख मांगों में परीक्षाओं से जुड़े विवादों का समाधान, कथित परीक्षा धांधली की जांच और संबंधित परीक्षाओं को रद्द करने की मांग शामिल है। छात्रों ने विशेष रूप से JPSC की 14वीं परीक्षा को रद्द करने, JSSC परीक्षा में कथित धांधली के मामले में कार्रवाई और पूरे प्रकरण की CBI जांच की मांग का समर्थन किया है। BHU के छात्रों का कहना है कि विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े इन सवालों का समाधान राजनीतिक दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि छात्रों के हित और निष्पक्ष जांच के आधार पर होना चाहिए। झारखंड सरकार को छात्रों की चेतावनी BHU के छात्रों ने झारखंड सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार आंदोलनरत विद्यार्थियों की मांगों को गंभीरता से ले। छात्रों से बातचीत कर उचित समाधान निकाला जाए, ताकि आंदोलन को आगे बढ़ने से रोका जा सके। छात्रों का कहना है कि यदि सरकार उनकी मांगों पर अमल नहीं करती है और संवाद के जरिए समस्या का समाधान नहीं निकालती है, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। छात्रों ने कहा कि जरूरत पड़ने पर वे वाराणसी की सड़कों से लेकर झारखंड और दिल्ली तक आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेंगे। जंतर-मंतर आंदोलन का भी दिया हवाला छात्रों ने अपने बयान में दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए पूर्व छात्र आंदोलनों का हवाला देते हुए कहा कि BHU के विद्यार्थियों ने पहले भी छात्र हित के मुद्दों पर मजबूती से आवाज उठाई है। उनका कहना है कि यदि झारखंड के विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो देशभर के छात्र संगठनों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया जाएगा। छात्रों ने देश के दूसरे विश्वविद्यालयों से भी झारखंड के विद्यार्थियों के समर्थन में आगे आने की अपील की। विपक्ष की चुप्पी पर भी उठाए सवाल BHU के छात्रों ने झारखंड में छात्रों के मुद्दे पर विपक्षी दलों की कथित चुप्पी पर भी सवाल उठाए। छात्रों का कहना है कि विद्यार्थियों के मुद्दे को राजनीतिक दलों के फायदे-नुकसान के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। छात्रों ने कहा कि सत्ता पक्ष हो या विपक्ष, सभी राजनीतिक दलों को छात्र हित के मुद्दे पर एकजुट होकर विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान की दिशा में काम करना चाहिए। उनका कहना है कि छात्रों पर लाठीचार्ज और उनके घायल होने की घटनाओं को किसी राजनीतिक एजेंडे से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
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