Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    वार्ड-76 में निर्माण कार्य को लेकर पार्षदों में टकराव:पार्षद कौशिक- कब्जे की नियत से हो रहे काम, विकास जायसवाल बोले- सार्वजनिक संपत्ति है

    1 hour ago

    1

    0

    कानपुर के वार्ड-76 हरबंश मोहाल में नयागंज मेट्रो स्टेशन के पास हो रहे निर्माण कार्य को लेकर नगर निगम की राजनीति गरमा गई है। बुधवार को पार्षद कौशिक रजत बाजपेई समेत कई पार्षदों ने अपर नगर आयुक्त जगदीश यादव को ज्ञापन सौंपकर निर्माण कार्य की वैधता की जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। वहीं अपर नगर आयुक्त ने ज्ञापन लेकर मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी की प्रतिमा के सामने कराए जा रहे निर्माण कार्य के संबंध में न तो स्पष्ट अनुमति की जानकारी उपलब्ध कराई गई है और न ही कार्यदायी संस्था और स्वीकृत कार्ययोजना का विवरण सार्वजनिक किया गया है। पार्षद कौशिक रजत बाजपेई ने बताया कि इस मामले में उन्होंने पहले ही जिलाधिकारी को पत्र लिखकर शिकायत दर्ज कराई है। पार्षद पर कब्जा करने का आरोप उन्होंने आरोप लगाया कि वार्ड-79 चटाई मोहाल के पार्षद विकास जायसवाल द्वारा वार्ड-76 की सीमा में निर्माण कार्य कराया जा रहा है। उनके अनुसार नरौना चौराहा से कैनाल रोड होते हुए दालमंडी केसा हाउस तक का क्षेत्र वार्ड-76 का हिस्सा है, लेकिन बदनियती से दूसरे वार्ड के नाम पर फाइल तैयार कर कार्य कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी केडीए की भूमि पर दूसरे क्षेत्र के पार्षद द्वारा कब्जे की कोशिश की जा रही है। उन्होंने नगर निगम के आधिकारिक नक्शे के साथ ज्ञापन सौंपकर सीमांकन के आधार पर जांच कराने की मांग की। नगर निगम के प्रस्ताव पर कराया काम- विकास जायसवाल वहीं पार्षद विकास जायसवाल ने कहा कि संबंधित निर्माण कार्य पूरी प्रक्रिया के तहत नगर निगम के प्रस्ताव के आधार पर कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिस बारातशाला को लेकर विवाद खड़ा किया जा रहा है, वह किसी निजी संस्था की नहीं बल्कि सार्वजनिक संपत्ति है और नगर निगम के संपत्ति विभाग के अधीन है। नगर निगम कार्यकारिणी की स्वीकृति से भूमि आवंटित विकास जायसवाल ने बताया कि साल 2003 में केडीए द्वारा तैयार लेआउट प्लान के तहत इस क्षेत्र को विकसित कर नगर निगम को हस्तांतरित किया गया था। पहले प्रस्तावित स्थान पर आपत्ति आने के बाद बारातशाला को पास स्थित पुराने ट्यूबवेल की भूमि पर बनाया गया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में केडीए के उपाध्यक्ष, नगर आयुक्त और संबंधित अभियंताओं के हस्ताक्षरयुक्त दस्तावेज उपलब्ध हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जायसवाल मित्र सभा को समाज सेवा के उद्देश्य से ई-एंबुलेंस, डीप फ्रीजर, शव वाहन और ऑक्सीजन सिलेंडर रखने के लिए नगर निगम कार्यकारिणी की स्वीकृति से भूमि आवंटित की गई थी। उनके अनुसार कार्यकारिणी की बैठक में प्रस्ताव संख्या-243 के तहत यह निर्णय लिया गया था और कार्यपालक अभियंता की रिपोर्ट में भूमि को रिक्त बताया गया था। पार्षद विकास जायसवाल ने कहा कि उनका वार्ड कार्यालय भी विधिवत स्वीकृत है और उसके संबंध में सभी अभिलेख उपलब्ध हैं।
    Click here to Read more
    Prev Article
    पुल से कूदने जा रहे युवक को पुलिस ने बचाया:पारिवारिक कलह से परेशान था, परिजनों को सौंपा
    Next Article
    BHU में छात्रों का उपवास:झारखंड में लाठीचार्ज के विरोध में देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment