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    चंद्र ग्रहण के कारण बड़े हनुमान मंदिर के कपाट बंद:श्रृंगार के बाद रात 11 बजे से फिर खुलेंगे पट, होंगे दिव्य दर्शन

    2 hours ago

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    संगम नगरी प्रयागराज के सुप्रसिद्ध और करोड़ों भक्तों की आस्था के केंद्र श्री बड़े हनुमान जी मंदिर (लेटे हनुमान जी) के कपाट आज चंद्र ग्रहण के चलते श्रद्धालुओं के लिए अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं। यह निर्णय ग्रहण के 'सूतक' काल की धार्मिक मान्यताओं का पालन करते हुए लिया गया है। भोर में उमड़ा आस्था का सैलाब आज मंगलवार का विशेष दिन होने के कारण, कपाट बंद होने से पहले भोर में ही मंदिर परिसर भक्तों की जयकारों से गूंज उठा। सूतक काल प्रभावी होने से पहले आयोजित मंगला आरती में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी गईं। हजारों भक्तों ने बजरंगबली के लेटे हुए विग्रह के दिव्य दर्शन किए और अपने परिवार की सुख-समृद्धि व आरोग्य की कामना की। जैसे ही सूतक काल का समय निकट आया, परंपराओं का निर्वहन करते हुए मंदिर के पट बंद कर दिए गए। सूतक काल और मंदिर की परंपरा धार्मिक गणनाओं के अनुसार, चंद्र ग्रहण का सूतक काल शुरू होने के साथ ही सुबह की आरती के तुरंत बाद मंदिर के गर्भगृह के कपाट बंद किए गए। सनातन धर्म की मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण काल के दौरान मंदिरों में मूर्तियों का स्पर्श और दर्शन वर्जित होता है। इसी मर्यादा का पालन करते हुए श्री बाघम्बरी पीठाधीश्वर महन्त श्री बलवीर गिरी जी महाराज के निर्देशानुसार दर्शन की व्यवस्था में यह बदलाव किया गया है। दर्शन और आरती का नया समय भक्तों की सुविधा के लिए मंदिर प्रशासन ने विशेष समय-सारणी जारी की है जिसमें ग्रहण की समाप्ति और शुद्धि के पश्चात भगवान का विशेष श्रृंगार प्रारंभ होगा। शुद्धिकरण के बाद प्रभु का भव्य श्रृंगार और आरती संपन्न की जाएगी। आम श्रद्धालुओं के लिए कपाट पुनः खोल दिए जाएंगे, जिससे भक्त हनुमान जी के दर्शन कर सकें। श्री बाघम्बरी पीठाधीश्वर महन्त श्री बलवीर गिरी जी महाराज ने भक्तों से धैर्य बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने बताया कि ग्रहण काल के दौरान मंदिर के पट बंद रहेंगे, लेकिन रात 11 बजे के बाद भक्त पुनः अपने आराध्य के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त कर सकेंगे।
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