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    DDU यूनिवर्सिटी में शिक्षकों का उग्र प्रदर्शन:सड़क पर लेटकर वीसी की कार रोकी, प्रशासन ने पुलिस से की शिकायत

    7 hours ago

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    दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (डीडीयू) में बुधवार को शिक्षकों का आंदोलन उग्र हो गया। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पिछले तीन दिनों से धरना दे रहे शिक्षकों ने कुलपति प्रो. पूनम टंडन की कार रोककर उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान एक महिला शिक्षक समेत दो प्रदर्शनकारी सड़क पर कार के सामने लेट गए, जिससे कुछ देर के लिए रास्ता जाम हो गया। हालात ऐसे बने कि कुलपति को वाहन छोड़कर पैदल ही अपने सरकारी आवास जाना पड़ा, जबकि प्रदर्शनकारी उनके पीछे-पीछे नारेबाजी करते रहे। घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले को गंभीर मानते हुए कैंट थाने में लिखित शिकायत दी है। शिकायत में प्रदर्शनकारी शिक्षकों पर कुलपति से बदसलूकी, धक्का-मुक्की और सुरक्षाकर्मियों से हाथापाई करने के आरोप लगाए गए हैं। पूरे घटना का वीडियो अब वायरल हो रहा है। वार्ता में अधिकांश मांगों पर बनी सहमति, एक मुद्दे पर अटका मामला जानकारी के अनुसार, बुधवार शाम करीब 5:30 बजे कुलपति प्रो. पूनम टंडन शिक्षकों से वार्ता के लिए प्रशासनिक भवन पहुंचीं। बातचीत के दौरान शिक्षकों की अधिकांश मांगों पर सहमति बन गई, लेकिन संबद्ध कॉलेजों पर लगाए गए जुर्माने (फाइन) को वापस लेने के मुद्दे पर सहमति नहीं बन सकी। कुलपति ने इस विषय को विश्वविद्यालय की सक्षम समिति के समक्ष रखने का आश्वासन दिया। हालांकि, वार्ता समाप्त होने के बाद जब वह भवन से बाहर निकलीं तो प्रदर्शन फिर उग्र हो गया। प्रशासनिक भवन के गेट पर जड़े ताले यह आंदोलन गोरखपुर विश्वविद्यालय एवं संबद्ध महाविद्यालय शिक्षक संघ (गुऑक्टा) के बैनर तले चल रहा है। बुधवार दोपहर करीब 12 बजे अनशनकारी शिक्षकों ने प्रशासनिक भवन के दोनों मुख्य गेटों पर ताले लगा दिए, जिससे कामकाज प्रभावित हुआ। पुलिस और विश्वविद्यालय के सुरक्षा कर्मियों ने शिक्षकों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने। बाद में क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी उदयभान के हस्तक्षेप के बाद शाम करीब 6 बजे अनशन समाप्त हुआ। इस दौरान गुऑक्टा के उपाध्यक्ष प्रो. राम अवतार वर्मा, महामंत्री डॉ. निरंकार राम त्रिपाठी और संयुक्त मंत्री डॉ. प्रद्योत सिंह समेत कई शिक्षक मौजूद रहे। प्रशासन ने लगाए धक्का-मुक्की और हाथापाई के आरोप विश्वविद्यालय के नियंता एवं विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट ने कैंट थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शनकारियों ने कुलपति का रास्ता रोका, उनका हाथ पकड़ने और धक्का-मुक्की करने का प्रयास किया। साथ ही सुरक्षाकर्मियों के साथ मारपीट और जान-माल की धमकी देने के भी आरोप लगाए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा कर्मियों की मदद से कुलपति किसी तरह वहां से निकलकर अपने आवास पहुंच सकीं।
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