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    गोरखपुर में बिजली कर्मी गुरुवार को करेंगे हड़ताल:नई बिजली नीति और पुरानी पेंशन बहाली की मांग, सेवाएं भी होंगी प्रभावित

    13 hours ago

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    गोरखपुर में पावर सेक्टर के निजीकरण के विरोध में गुरुवार को बिजली कर्मचारी और अभियंता एक दिन की हड़ताल पर रहेंगे। यह हड़ताल नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स के आह्वान पर देशभर में आयोजित की जा रही है, जिसमें गोरखपुर जनपद के सभी बिजली कर्मियों की भागीदारी रहेगी। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि हड़ताल इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 और प्रस्तावित नेशनल इलेक्ट्रिसिटी पॉलिसी 2026 के विरोध में की जा रही है। इसके साथ ही पावर सेक्टर में चल रही निजीकरण की प्रक्रिया रोकने और बिजली कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग प्रमुख रूप से शामिल है। पूर्वांचल–दक्षिणांचल के निजीकरण पर आपत्ति संघर्ष समिति के अनुसार पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण से उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ने और सेवा व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। समिति का कहना है कि निजीकरण गरीब उपभोक्ताओं, छोटे और मध्यम उद्योगों तथा आम जनता के हितों के खिलाफ है। पदाधिकारियों ने बताया कि पावर सेक्टर में नियमित प्रकृति के कार्यों के लिए बड़े पैमाने पर आउटसोर्सिंग की जा रही है। गोरखपुर में भी कई कार्य संविदा और आउटसोर्स कर्मियों से कराए जा रहे हैं। हड़ताल की मांगों में आउटसोर्सिंग पर रोक, नियमित पदों पर सीधी भर्ती और आउटसोर्स कर्मियों का नियमितीकरण शामिल है। विरोध प्रदर्शन की है जबरदस्त तैयारी संघर्ष समिति ने बताया कि गुरुवार को गोरखपुर में बिजली कर्मी अपने-अपने कार्यालयों से बाहर निकलकर संगठित रूप से विरोध प्रदर्शन करेंगे। निजीकरण, संविदा कर्मियों की छटनी, उत्पीड़नात्मक कार्रवाई और पुरानी पेंशन बहाली के मुद्दे पर जोरदार विरोध दर्ज कराया जाएगा। समिति के अनुसार इस आंदोलन को संयुक्त किसान मोर्चा और केंद्रीय ट्रेड यूनियनों का भी समर्थन प्राप्त है, जिससे हड़ताल को व्यापक बनाने की तैयारी की गई है।
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