Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    ग्राम प्रधान और 2 पुलिसकर्मियों समेत 5 पर केस दर्ज:मनरेगा मजदूरी में गबन, जातिसूचक शब्द बोलने और धमकी देने का आरोप

    8 hours ago

    1

    0

    सीतापुर के महमूदाबाद कोतवाली क्षेत्र में न्यायालय के आदेश पर बुधवार शाम करीब 5 बजे ग्राम प्रधान समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। आरोपियों में ग्राम प्रधान, दो अन्य व्यक्ति और नूरपुर पुलिस चौकी पर तैनात दो पुलिसकर्मी शामिल हैं। इन पर मनरेगा मजदूरी की रकम में कथित गबन, जातिसूचक शब्दों का प्रयोग, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मनरेगा की मजदूरी दूसरे खातों में भेजने का आरोप ग्रामसभा रमद्वारी के खंता गांव निवासी राहुल पुत्र गिरीश चंद्र ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि ग्राम प्रधान सतेंद्र मौर्य, टिंकू उर्फ अमरेंद्र, दीपू वर्मा और नूरपुर चौकी पर तैनात पुलिसकर्मी कुलदीप सिंह व सुनील मिश्र ने मिलीभगत कर अपने पद और प्रभाव का दुरुपयोग किया। आरोप है कि मनरेगा मजदूरों की मजदूरी वास्तविक श्रमिकों के खातों में भेजने के बजाय उनके चहेते लोगों के बैंक खातों में ट्रांसफर कराकर रकम निकाल ली गई। मां के जॉब कार्ड की मजदूरी हड़पने का आरोप राहुल के मुताबिक, उसकी मां माधुरी देवी के मनरेगा जॉब कार्ड संख्या 436 पर देय मजदूरी की रकम भी इसी तरह हड़प ली गई। आरोप है कि 20 मई को मजदूरी भुगतान को लेकर शिकायत करने पर ग्राम प्रधान ने उसकी मां के साथ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया और मजदूरी का भुगतान नहीं करने की बात कही। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर उसे झूठे मुकदमे में फंसाने और जान से मारने की धमकी भी दी गई। पुलिस और विकासखंड कार्यालय से नहीं हुई कार्रवाई राहुल ने बताया कि उसने मामले की शिकायत पहले कोतवाली और विकासखंड कार्यालय में की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद 8 जुलाई को पुलिस अधीक्षक सीतापुर को रजिस्टर्ड डाक से शिकायत भेजी। वहां से भी कार्रवाई नहीं होने पर उसने न्यायालय की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई एफआईआर कोतवाल भानु प्रताप सिंह ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर पांचों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है। इसमें दलित एक्ट के साथ मारपीट और जान से मारने की धमकी देने की धाराएं भी शामिल हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    चाची से अफेयर था, दूसरे से बात करने पर हत्या:लोहे की पाइप से सिर पर किया वार; झाड़ी में छिपा मिला आरोपी
    Next Article
    गोरखपुर में 11वीं के छात्र ने रची अपहरण की कहानी:गर्लफ्रेंड से AI फोटो बनवाई, पिता को भेजकर मांगे पैसे; PUBG में हुआ 3 लाख का कर्ज

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment