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    हाईकोर्ट में खड़े रहने वाले मेरठ SSP को जानिए:धोतीकुर्ता पहनकर चार्ज लेने पहुंचे, सेवा संकल्प अभियान में नंगेपांव जलाया था दीया

    9 hours ago

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    इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शनिवार को मेरठ SSP बीबीजीटीएस मूर्ति को 45 मिनट तक कोर्ट में खड़ा रखा। मामला शादी का वादा करके जमानत लेने और बाद में मुकरने से जुड़ा है। कोर्ट ने आरोपी की जमानत रद्द कर SSP को उसे न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया था। इस पूरे मामले के बाद मेरठ के एसएसपी एक बार फिर चर्चाओं में हैं। 2015 बैच के आईपीएस बीबीजीटीएस मूर्ति कौन है आइए जानते हैं… सबसे पहले कोर्ट केस का ये पूरा मामला पढ़िए मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र में पिछले साल एक लड़की के साथ नितीश उर्फ सिद्धांत उर्फ सेठी ने शादी का झांसा देकर रेप किया था। हाईकोर्ट में उसने लड़की से शादी करने का वादा कर जमानत मांगी। 18 मार्च, 2026 को सेठी को हाईकोर्ट ने जमानत दे दी। जमानत मिलते ही सेठी ने अपना वादा तोड़ दिया। इस पर लड़की ने हाईकोर्ट में अपील की। कोर्ट ने आरोपी सेठी की जमानत रद्द करके उसे कोर्ट में हाजिर करने के लिए 28 सितंबर, 2026 को गैर जमानती वारंट (NBW) जारी कर दिया। कई तारीखों के बाद भी पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश नही किया। इसके बाद हाईकोर्ट ने 8 अक्टूबर को मेरठ SSP को व्यक्तिगत पेश होने के आदेश दिए थे। ​शनिवार को सुनवाई के दौरान लड़की और आरोपी सेठी दोनों कोर्ट में मौजूद थे। जब कोर्ट ने सेठी से पूछा, तो उसने लड़की से शादी करने से साफ इनकार कर दिया। ​इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि आरोपी ने जमानत लेते समय दी गई अंडरटेकिंग का सीधा उल्लंघन किया है। कोर्ट ने तत्काल उसकी जमानत रद्द कर दी। इसके बाद आरोपी सेठी को जेल भेज दिया गया। पुलिस ने आरोपी को हाईकोर्ट की जगह सीजेएम कोर्ट में पेश कर दिया ​इससे पहले हाईकोर्ट से 28 सितंबर को गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद पुलिस ने आरोपी को हाईकोर्ट लाने की जगह सीजेएम, मेरठ की अदालत में पेश कर दिया। वहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस की इस लापरवाही का पता चलते ही हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया। इसके बाद शनिवार को हाईकोर्ट में खुद एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति पेश हुए। उन्होंने बताया कि वह 28 सितंबर से 2 अक्टूबर तक अवकाश पर थे। उनके अधीनस्थों से यह चूक हुई है। कोर्ट ने इसे लापरवाही तो माना, लेकिन कहा कि वारंट के निष्पादन प्राधिकारी स्वयं एसएसपी थे। इसलिए आरोपी को हाईकोर्ट में पेश कराना उनकी जिम्मेदारी थी। कोर्ट ने उनके खिलाफ कोई प्रतिकूल आदेश करने की बजाय उन्हें शाम 4 बजे तक कोर्ट में ही मौजूद रहने का निर्देश दिया। साथ ही भविष्य में सतर्क रहने की चेतावनी दी। हाइकोर्ट ने सीजेएम मेरठ की घोर लापरवाही बताया ​कोर्ट ने इस बात पर भी ऐतराज जताया कि जब सीजेएम, मेरठ को यह संज्ञान में था कि हाईकोर्ट ने आरोपी को सीधे पेश करने का एनबीडब्ल्यू जारी किया है। फिर भी उन्होंने बिना हाईकोर्ट भेजने के निर्देश के आरोपी को सीधे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। हाइकोर्ट ने इसे सीजेएम मेरठ की घोर लापरवाही और अनुशासनहीनता माना। निर्देश दिया कि इस आदेश की प्रति मेरठ के प्रशासनिक न्यायाधीश के सामने रखी जाए, जिससे सीजेएम के खिलाफ प्रशासनिक स्तर पर उचित कार्रवाई की जा सके। 2 महीने की पोस्टिंग में 4 बार चर्चाओं में रहे बीबीजीटीएस मूर्ति धोतीकुर्ता पहनकर चार्ज लेने आए नए SSP बीबीजीटीएस मूर्ति ट्रेडिशनल लुक यानि धोती-कुर्ता पहनकर सर्किट हाउस पहुंचे। SSP के इस लुक को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। किसी ने उनके पहनावे की तारीफ की तो किसी ने इसे उनकी सादगी और भारतीय संस्कृति से जुड़ाव बताया। हालांकि, जब मीडिया ने उनसे इस बारे में पूछा तो उन्होंने साफ किया कि धोती-कुर्ता पहनकर मेरठ पहुंचना कोई सोचा-समझा या पब्लिसिटी स्टंट नहीं था। उन्होंने बताया कि सुबह एक रिचुअल के चलते उन्होंने पारंपरिक परिधान पहना था। इसके बाद जल्दबाजी में उन्हें तुरंत उन्हीं कपड़ों में निकलना पड़ा और वह मेरठ पहुंच गए। ग्राम प्रहरियों के सम्मान समारोह में अफसरों संग ली थी सेल्फी मेरठ में चार्ज वाले दिन कुर्ताधोती में आए एसएसपी लगभग 1 महीने पहले ग्राम प्रहरियों के सम्मान समारोह में पहुंचे थे। यहां उन्होंने आईपीएस अफसरों के साथ एक सेल्फी क्लिक की थी। आयोजन स्थल पर ही यूनिफार्म में ये सेल्फी ली गई थी। सेल्फी में मेरठ डीआईजी कलानिधि नैथानी, एसपी देहात अभिजीत कुमार सिंह , एसपी क्राइम अवनीश कुमार सिंह खड़े हैं। आईपीएस ऑफिसर्स की ये सेल्फी काफी चर्चित रही। सेवा संकल्प अभियान में नंगेपैर जलाया दीपक मेरठ के सूरजकुंड पार्क में सेवासंकल्प अभियान के तहत दीपोत्सव मनाया गया। यहां जिले के पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी और नेता जूते-चप्पल पहनकर ही दीप जला रहे थे, लेकिन मेरठ SSP बीबीजीटीएस मूर्ति ने दीप प्रज्ज्वलन के लिए अपने जूते उतार दिए। वह नंगे पांव रंगोली के बीच पहुंचे और दीप जलाया। इस दौरान उनका धोती-कुर्ते वाला भारतीय परिधान भी लोगों का ध्यान खींचता रहा। SSP ने पर्पल रंग का कुर्ता और सफेद धोती पहन रखी थी। जहां अन्य अधिकारी पैंट-शर्ट में थे, वहीं उनका पारंपरिक परिधान अलग नजर आ रहा था। दीप जलाने के दौरान उन्होंने जूते-चप्पल नहीं पहने और नंगे पांव ही रंगोली पर जाकर दीप प्रज्ज्वलित किया। जन्माष्टमी समारोह में किया डांस पुलिस लाइन में हुए जन्माष्टमी समारोह में भी एसएसपी अपने परिवार के साथ डांस करते नजर आए। पीला कुर्ता पहने हुए एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति बेधड़क डांस करते दिखे। उनके इस डांस का वीडियो भी काफी वायरल हुआ था। अब जानिए IPS मूर्ति के बारे में IPS मूर्ति मेरठ से पहले झांसी में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक थे। उन्हें अप्रैल- 2025 में झांसी भेजा गया था। वह कासगंज और कानपुर देहात में भी SP रह चुके हैं। मूर्ति 2015 में यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा के जरिए सीधे भर्ती के तहत यूपी कैडर में IPS चयनित हुए थे। पिछले 11 साल से भारतीय पुलिस सेवा में हैं। 2015 में उनको पहली पोस्टिंग गाजियाबाद में मिली थी। वे लखनऊ में इंटेलिजेंस में भी SP रह चुके हैं। कम्प्यूटर साइंस में बीटेक और मार्केटिंग में MBA किया है 12 फरवरी, 1985 को आंध्र प्रदेश के तिरुपति में जन्मे बीबीजीटीएस ने पूरी शिक्षा हैदराबाद में ली है। कम्प्यूटर साइंस में बीटेक और मार्केटिंग में एमबीए की डिग्री ली है। उन्होंने पुलिस सेवा में कई पुरस्कार हासिल किए हैं। 2022 में उनको डीजी कमेंडेशन डिस्क सिल्वर, 2023 में डीजी कमेंडेशन डिस्क गोल्ड और 2025 में डीजी कमेंडेशन डिस्क प्लेटिनम से सम्मानित किया गया था। अविनाश पांडेय के स्थान पर मेरठ आए 2015 बैच के IPS अधिकारी मूर्ति की मूल भाषा तेलुगु है। मूलरूप से हैदराबाद के रहने वाले हैं। उन्होंने ट्रेनिंग के दौरान हिंदी सीखी थी। उन्हें अविनाश पांडेय की जगह मेरठ का नया SSP बनाया गया है। अविनाश पांडेय को लखनऊ हेडक्वार्टर से अटैच किया गया है। अविनाश बीते 2 माह से विवादों में चल रहे थे। पहली पोस्टिंग गाजियाबाद में मिली थी IPS मूर्ति मेरठ से पहले झांसी में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक थे। उन्हें अप्रैल 2025 में झांसी भेजा गया था। कासगंज और कानपुर देहात में SP रह चुके हैं। मूर्ति 2015 में यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा के जरिए सीधे भर्ती के तहत यूपी कैडर में IPS चयनित हुए थे। पिछले 11 साल से भारतीय पुलिस सेवा में हैं। 2015 में उनको पहली पोस्टिंग गाजियाबाद में मिली थी। वे लखनऊ में इंटेलिजेंस में भी SP रह चुके हैं। कम्प्यूटर साइंस में बीटेक और मार्केटिंग में MBA डिग्री 1985 में 12 फरवरी को आंध्र प्रदेश के तिरूपति में जन्मे बीबीजीटीएस 41 साल के हैं। उन्होंने पूरी शिक्षा हैदराबाद में ली है। 2022 में उनको डीजी कमेंडेशन डिस्क सिल्वर, 2023 में डीजी कमेंडेशन डिस्क गोल्ड और 2025 में डीजी कमेंडेशन डिस्क प्लेटिनम से सम्मानित किया गया था। कासगंज में माफिया की 100 करोड़ से अधिक संपत्ति जब्त की थी कासगंज के एसपी रहते हुए मूर्ति ने अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ अभियान चलाया। इस दौरान उन्होंने माफिया नफीस अहमद उर्फ कालिया की 100 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति जब्त की थी। कई आरोपियों की अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई की गई, जिसके चलते वह चर्चा में आए।
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