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    'सांसदजी, राम ने सिर्फ यादव नहीं, शर्मा को भी मारा':यूपी चुनाव आयोग का नाम गड़बड़ी में जातीय एंगल ढूंढने पर संजय सिंह को जवाब

    7 hours ago

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    यूपी चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट में नाम की गड़बड़ी पर जातीय एंगल ढूंढने को लेकर 'आप' सांसद संजय सिंह पर पलटवार किया है। आयोग ने कहा- हालिया विधान परिषद चुनाव की मतदाता सूची में एक अजीबोगरीब नाम 'राम ने शर्मा को मारा' भी है। कंप्यूटर या सॉफ्टवेयर जातिवादी नहीं है। हम गलती मानते हैं, लेकिन सौभाग्य से गलती होते समय भी कोई जातीय भेदभाव नहीं हुआ। आयोग ने रविवार आधी रात 12:24 बजे 'X' (ट्विटर) पर लिखा- भगवान का यह भी शुक्र है कि राम ने किसी अल्पसंख्यक को नहीं मारा, वरना जातिवादी होने के साथ-साथ सांप्रदायिक होने का इल्जाम भी लगता। दरअसल, आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने वोटर लिस्ट में 'राम ने यादव को मारा' नाम होने पर सवाल उठाए थे। उन्होंने चुनाव आयोग के कंप्यूटर पर जातिवादी होने का आरोप लगाया। 'X' पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें राजेश यादव नाम का शख्स आयोग पर गंभीर आरोप लगाता दिख रहा है। संजय सिंह ने रविवार शाम 6 बजे इस वीडियो के साथ लिखा था- "ज्ञानेश कुमार जी, आखिर राम ने यादव को ही क्यों मारा? राम ने किसी सिंह, पाठक, अस्थाना, शर्मा, राय या बिष्ट को क्यों नहीं मारा? क्या आपका कंप्यूटर घोर जातिवादी है? क्या आप किसी खास पार्टी का एजेंडा चला रहे हैं?" चुनाव आयोग ने नाम गड़बड़ी पर सफाई भी दी थी संजय सिंह ने जो वीडियो पोस्ट किया, वो भी देख लीजिए- इस भास्कर पोल में हिस्सा लेकर अपनी राय दीजिए- वोटर लिस्ट में गड़बड़ी की शिकायतें मिली थी यूपी विधान परिषद (MLC) चुनाव से पहले वोटर लिस्ट में गड़बड़ी की शिकायतें मिली थी। वोटर लिस्ट में ऐसे-ऐसे नाम और पते सामने आए थे, जिन्हें पढ़कर कोई भी अपना सिर पकड़ ले। कहीं वोटर का नाम 'टक्कर मारना' है, तो कहीं पिता का नाम 'राम ने शर्मा को मारा' लिखा है। सोशल मीडिया पर दावा किया गया था कि इलाहाबाद-झांसी स्नातक सीट की मतदाता सूची में दर्जनों नाम फर्जी हैं। दैनिक भास्कर ने इन दावों की पड़ताल की थी। वायरल सूचियों को संबंधित जिले की MLC चुनाव मतदाता सूची से मिलाया। इस दौरान हैरान कर देने वाली जानकारी सामने आई थी। पहले उन नामों को जान लेते हैं, जिनके फर्जी होने का दावा किया गया वायरल दावों की सच्चाई जानने के लिए झांसी और प्रयागराज (इलाहाबाद) क्षेत्र की अपडेटेड वोटर लिस्ट खंगाली गई… झांसी की मतदाता सूची में एक नाम गड़बड़ मिला वायरल लिस्ट में दावा किया गया था कि झांसी के भाग संख्या 252 (सीरियल नंबर 566) पर 'खालिद अली ने कहा' नाम का वोटर दर्ज है। जब हमने आयोग की वेबसाइट पर दिसंबर- 2025 में अपडेट हुई आधिकारिक सूची चेक की, तो उस भाग में केवल 537 मतदाता ही मिले। यानी 566 नंबर की कोई एंट्री वहां मौजूद ही नहीं थी। लेकिन, भाग संख्या 133 (सीरियल नंबर- 768) के नाम में बड़ी गलती सामने आई। प्रयागराज (इलाहाबाद) की सूची वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं थी वायरल सूची में शामिल ज्यादातर विवादित नाम प्रयागराज जिले से संबंधित थे। लेकिन, प्रयागराज की पूरी मतदाता सूची जिले की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं कराई गई थी। सपा-कांग्रेस ने सवाल उठाए, चुनाव आयोग ने एक्शन लिया यूपी में विधान परिषद (MLC) की 11 सीटों के लिए शुक्रवार 23 अक्टूबर को मतदान हुआ था है। इनमें 5 स्नातक सीटें- लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, इलाहाबाद-झांसी की थी। 6 शिक्षक निर्वाचन सीटें- लखनऊ, आगरा, वाराणसी, मेरठ, बरेली-मुरादाबाद, गोरखपुर-फैजाबाद थी। नतीजे 27 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे। सोशल मीडिया पर यूजर्स भड़के, बोले- आधिकारिक हैंडल है या पैरोडी यूपी चुनाव आयोग की वोटर लिस्ट की गड़बड़ियों पर दिए गए तंज भरे जवाब के बाद X पर आयोग की भारी फजीहत हो रही है।यूजर्स का कहना है कि एक निष्पक्ष और संवैधानिक पद पर बैठे अधिकारी से अपनी गलती पर सुधार की उम्मीद होती है, न कि इस तरह के बयानों की। यूजर्स ने आयोग के आधिकारिक हैंडल की भाषा पर सवाल उठाते हुए इसे गैर-जिम्मेदाराना बताया और कहा कि मतदाता सूची जैसी गंभीर समस्या पर तंज कसने के बजाय आयोग को अपनी तकनीकी खामियों को सुधारना चाहिए। ------------------------- यह खबर भी पढ़ें- 13 हजार वोटर्स की धांधली पकड़ने वाला कांग्रेसी कौन, पहला क्लू साइबर कैफे से मिला, 3.48 लाख रिकॉर्ड खंगाले पीलीभीत सदर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में 13,150 वोटरों के नाम बदलने का आरोप लगाकर कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं। पार्टी का दावा है कि 10 अप्रैल, 2026 को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची में जिन वोटरों के नाम सही थे, जुलाई से 15 अक्टूबर के बीच उनमें बदलाव किए गए। पढ़िए पूरी रिपोर्ट…
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